टॉयलेट ट्रेनिंग के बाद बच्चे का कपड़े गीले करना (Toilet training ke baad bache ka kapde gile karna)

टॉयलेट ट्रेनिंग के बाद बच्चे का कपड़े गीले करना (Toilet training ke baad bache ka kapde gile karna)

कई हफ़्तों की कड़ी मेहनत के बाद जब बच्चा टॉयलेट का उपयोग करना सीख जाता है, तो ये उसके माता-पिता के लिए बेहद खुशी का समय होता है। अब उन्हें बार-बार उसके डायपर बदलने और घर की सफाई करने से छुटकारा मिल जाता है। उन्हें लगता है कि बच्चे की टॉयलेट ट्रेनिंग (toilet training in hindi) पूरी हो गयी है और वो एक हँसती-खिलखिलाती ज़िंदगी जीने लगते हैं।

मगर, दुर्भाग्यवश कुछ माता-पिताओं के लिए यह खुशी ज्यादा समय तक नहीं टिकती है। कुछ बच्चे लगातार कई हफ़्तों, महीनों या सालों तक बिना किसी परेशानी के टॉयलेट का उपयोग करने के बाद, अचानक दोबारा कपड़ों में शौच करने लग जाते हैं। यह उनके माता-पिता के लिए सबसे निराशाजनक बात होती है। उन्हें समझ नहीं आता कि इस स्थिति का सामना कैसे करें?

अगर आप भी इस तरह के दौर से गुज़र रहे हैं, तो घबराएं नहीं! क्योंकि इस ब्लॉग में हम आपको टॉयलेट ट्रेनिंग (potty training in hindi) लेने के बाद भी बच्चे के कपड़े गीले करने के बारे में सभी जरूरी बातें और इस स्थिति से निपटने के उपाय बता रहे हैं।

टॉयलेट ट्रेनिंग के बाद बच्चा फिर से कपड़े खराब क्यों करने लगता है?

(Toilet training ke baad bacha dobara kapde kharab kyun karne lagta hai)


Toilet training ke baad bache ka fir se kapde gila karna

टॉयलेट ट्रेनिंग (toilet training in hindi) के बाद बच्चे के फिर से कपड़ों में शौच करने की कई वजहें हो सकती हैं। ज्यादातर विशेषज्ञ मानते हैं कि बच्चे के इस व्यवहार की मुख्य वजह उसे तनाव देने वाली चीज़ें होती हैं। आमतौर पर, टॉयलेट ट्रेनिंग (potty training in hindi) के बाद उसके दोबारा कपड़ों में पेशाब या मलत्याग करने के प्रमुख कारण निम्न होते हैं-

  • थकान- ज्यादा खेलने, पैदल चलने या कुछ अन्य काम करने की वजह से बच्चे को ज्यादा थकान हो सकती है। ऐसे में, वो कपड़ों में पेशाब या मलत्याग कर सकता है। इसके साथ ही, थकान की वजह से वो ज्यादा गहरी नींद सोता है और रात में पेशाब करने के लिये जाग नहीं पाता है, जिसके कारण वो बिस्तर गीला कर देता है।

  • ज्यादा देर पेशाब रोकना- छोटे बच्चों की पेशाब की थैली हमारी तुलना में कम विकसित होती है। इसलिए उसमें ज्यादा पेशाब इकट्ठा नहीं रह पाता है। ऐसे में वो ज्यादा देर तक पेशाब नहीं रोक पाते हैं और कपड़े खराब कर लेते हैं।

  • घर में नया भाई या बहन आना- अगर हाल ही में बच्चे के भाई या बहन का जन्म हुआ है और आप उसकी देखभाल में व्यस्त हैं, तो इससे वो तनाव-ग्रस्त हो सकता है। उसे लग सकता है कि छोटा बच्चा बनने से वह आपका ध्यान अपनी तरफ खींच पायेगा। ऐसे में, वो फिर से डायपर पहनने की ज़िद कर सकता है और अपने कपड़े खराब करने लग सकता है।

  • दिनचर्या में बदलाव होना- बच्चों को एक नियमित दिनचर्या में ढले रहना ज्यादा पसन्द होता है और कई बार इसमें बदलाव होने पर वो तनाव में आ जाते हैं। नई दिनचर्या में ढल ना पाने की वजह से वो टॉयलेट ट्रेनिंग (toilet training in hindi) के बावजूद दोबारा अपने कपड़ों में शौच करने लग सकते हैं।

  • घर या स्कूल बदलना- बच्चों को एक बार जिस चीज से लगाव हो जाता है, उन्हें उसे छोड़ने में बहुत दुख होता है। इसलिए अगर आप नए घर में रहने लगे हैं या आपने बच्चे का स्कूल बदला है, तो हो सकता है कि उसे नए माहौल में ढलने में परेशानी हो। वो इससे परेशान होकर अपने कपड़े खराब करने लग सकता है।

  • माता-पिता में बहस या झगड़े होना- आप अपने बच्चे को भले ही छोटा समझें, लेकिन वो आपके हावभावों से यह पता लगा सकता है कि घर में क्या चल रहा है। जब वह अपने माता-पिता को बहस या झगड़ा करते हुए देखता है, तो उसके दिमाग पर इसका गलत असर पड़ता है। ऐसे में, वह खुद को असुरक्षित महसूस करने लगता है, जिसकी वजह से वो टॉयलेट ट्रेनिंग (toilet training in hindi) के बाद दोबारा कपड़ों में पेशाब या शौच करने लग सकता है।

  • घर में किसी का बीमार होना- घर के किसी सदस्य (खासतौर पर माता या पिता) के बीमार होने पर बच्चे परेशान हो जाते हैं। इस वजह से वो टॉयलेट ट्रेनिंग (potty training in hindi) को भूलकर फिर से अपने कपड़े गंदे करने लग सकते हैं।

  • बच्चे का बीमार होना- बीमार होने पर हम सभी खुद को कमज़ोर महसूस करते हैं। इसलिए कई छोटे बच्चे भी बीमार होने पर बार-बार शौचालय का उपयोग करने में खुद को असमर्थ महसूस करते हैं और कपड़ों में पेशाब करने लगते हैं। कुछ मामलों में वो खुद को असुरक्षित करते हैं और तनावग्रस्त हो जाते हैं, जिससे वो टॉयलेट ट्रेनिंग (toilet training in hindi) के बावजूद अपने कपड़े खराब करने लगते हैं।

ऊपर बताए गए कारणों के अलावा कुछ अन्य कारणों से भी बच्चा टॉयलेट ट्रेनिंग (potty training in hindi) लेने के बावजूद अपने कपड़े खराब कर सकता है। मगर, ये कारण स्थाई नहीं होते हैं यानी इनकी वजह से वह कभी-कभी अपने कपड़े खराब कर सकता है। ये कारण निम्न हैं-

  • किसी बात पर ज्यादा खुश या उत्साहित होना।
  • खेल या किसी अन्य काम में व्यस्त होना।
  • अचानक चौंकना या डर जाना।

टॉयलेट ट्रेनिंग के बाद बच्चे को कपड़े खराब करने से कैसे रोकें?

(Toilet training ke baad bache ko kapde kharab karne se rokne ke upay)

potty training regression tips

टॉयलेट ट्रेनिंग (toilet training in hindi) पूरी होने के बाद, बच्चे का फिर से कपड़ों में पेशाब या शौच करना, आपको काफी परेशान कर सकता है। निम्न उपायों से आप इस स्थिति का सामना कर सकते हैं :

  • शांत रहें- अगर आपका बच्चा टॉयलेट ट्रेनिंग (potty training in hindi) के बावजूद कपड़े खराब करने लगा है, तो उसे ये ना दिखाएँ कि उसके ऐसा करने से आप परेशान हैं। इससे वो ज्यादा चिंतित और तनाव-ग्रस्त हो सकता है और स्थिति पहले से ज्यादा बिगड़ सकती है। इसके बजाय शांत रहें व खुद को याद दिलाएँ कि ऐसा होना सामान्य है और थोड़े समय बाद चीज़ें दोबारा बेहतर हो जाएंगी।

  • बच्चे को सज़ा ना दें- कभी भी ऐसी किसी बात ये लिए बच्चे को सज़ा ना दें, जिस पर उसका पूरी तरह से नियंत्रण ना हो। यही बात टॉयलेट ट्रेनिंग (toilet training in hindi) के बावजूद कपड़े खराब करने पर भी लागू होती है। उसे इसके लिए ना तो डांटें और ना ही सज़ा दें, क्योंकि इससे उसके दिमाग पर उल्टा असर पड़ सकता है। इसकी वजह से वो गंदे कपड़े इधर-उधर छिपाने लग सकता है या फिर टॉयलेट जाने से डरने लग सकता है और कब्ज का शिकार हो सकता है। ऐसे में, आपके लिए बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है।

  • समस्या की वजह को जानें- आमतौर टॉयलेट का उपयोग करना सीखने के बाद, बच्चे का फिर से कपड़े खराब करना शुरू करने की मुख्य वजह, आसपास की चीज़ों पर उसका नियंत्रण ना होना हो सकती है। हो सकता है कि अपनी ज़िंदगी में हाल ही में हुए बदलावों के अनुसार ढलने में उसे परेशानी हो रही हो। बच्चे के व्यवहार पर नज़र रखें और उसके बर्ताव से उसकी मनोदशा को समझने की कोशिश करें।

  • इस बारे में बच्चे से बात करें- अगर आपको बच्चे के कपड़े खराब करने की वजह समझ में न आए, तो उससे बात करें और इसकी सही वजह जानने की कोशिश करें। उससे पूछें कि क्या वो किसी बात से परेशान है? क्या वह खुद को असुरक्षित महसूस करने लगा है? फिर उसे कहें कि वह चिंता ना करे, धीरे धीरे सब ठीक हो जाएगा। इसके साथ ही उसे बताएं कि आप उसकी हालत को समझते हैं और आप हर हालत में उसकी मदद करेंगे। इससे उसकी चिंता थोड़ी कम होगी।

  • बच्चे को बताएं कि आप क्या चाहते हैं- उसे अपने पास बिठाकर प्यार से समझाएं कि ऐसे कपड़े खराब करना ठीक नहीं है। इसलिए उसे फिर से टॉयलेट का उपयोग करने की शुरुआत करनी होगी और वह कोशिश करे कि वह अपने कपड़ों में पेशाब या शौच ना करे। उसे बताएं कि आपको उस पर पूरा यकीन है और वो इस दौर को आसानी से पार कर लेगा। आपके बात करने के तरीके से उसे ये नहीं लगना चाहिए कि आप उस पर हुक्म चला रहे हैं। इसके बजाय, उसे यह महसूस करवाएं कि इस परेशानी के समय में आप उसके साथ हैं और ज़रूरत पड़ने पर उसकी मदद करेंगे।

  • दोबारा शुरुआत करें- क्या आपको याद है आपने पहले अपने बच्चे को टॉयलेट ट्रेनिंग (toilet training in hindi) देने के लिए क्या किया था? अब आपको फिर से वही उपाय अपनाने होंगे। अगर पुराने तरीके काम नहीं कर रहे हैं, तो कोई नया तरीका ढूंढें, जो आपके बच्चे के लिए आसान हो। उसे दिनभर में नियमित अंतराल पर शौचालय का उपयोग करने की याद दिलाएँ। साथ ही हर बार खाना खाने के बाद, कहीं जाने से पहले, सोने से पहले और जागने के तुरंत बाद उसे पेशाब करवाएं। मगर, बच्चे पर टॉयलेट ट्रेनिंग (potty training in hindi) जबरदस्ती ना थोपें, बल्कि इसे उसकी दिनचर्या में धीरे धीरे दोबारा शामिल करें।

  • बच्चे को डायपर ना पहनाएं- अगर आपका बच्चा टॉयलेट ट्रेनिंग (toilet training in hindi) लेने के बाद दोबारा कपड़े खराब करने लगा है, तो उसे डायपर ना पहनाएं। इससे वह टॉयलेट का इस्तेमाल नहीं करेगा और उसे दोबारा सिखाने में आपको काफी परेशानी हो सकती है। इसके अलावा डायपर पहनने से वो गीलापन महसूस नहीं कर पाएगा और उसे शौचालय का इस्तेमाल करने की ज़रूरत महसूस नहीं होगी।

    साथ ही अगर बच्चा डायपर नहीं पहनना चाहता है, तब तो उसे यह बिल्कुल भी ना पहनाएं। अगर आप ऐसा करेंगे, तो उसे लग सकता है कि आप उस पर विश्वास नहीं करते हैं और वो तनाव-ग्रस्त होकर अपने कपड़े पहले से भी ज्यादा खराब करने लग सकता है।

  • उसे प्रोत्साहन दें- बच्चे को टॉयलेट का उपयोग करने के लिए प्रेरित करें। जब भी वो टॉयलेट में जाकर पेशाब या शौच करे, तो उसके लिए तालियां बजाएं, उसकी ढेर सारी तारीफ करें और उसे खूब प्यार करें।

    आप चाहें तो एक मज़ेदार खेल भी खेल सकते हैं, आप उससे कहें- “जिस दिन आप अपने कपड़े या बिस्तर खराब नहीं करोगे, उस दिन आपको एक पॉइंट या स्टिकर मिलेगा। जब आपके पास सात पॉइंट या स्टिकर हो जाएंगे, तो आपको एक आइसक्रीम/चॉकलेट/खाने की मनपसंद चीज मिलेगी।” इससे वह टॉयलेट का उपयोग करने के लिए सकारात्मक रूप से प्रेरित होगा।

  • थोड़े समय के लिए ट्रेनिंग रोक दें- अगर सभी उपाय आज़माने के बावजूद आपका बच्चा एक महीने या इससे ज्यादा समय तक लगातार कपड़े खराब कर रहा है, तो शायद वो अभी टॉयलेट ट्रेनिंग (toilet training in hindi) के लिए तैयार नहीं है। इसलिए उसे थोड़े समय के लिए आराम दें और टॉयलेट ट्रेनिंग रोक दें। इसके बाद जैसे ही बच्चा दोबारा सीखने की इच्छा जाहिर करे या इसके लिए तैयार हो जाये, तो उसकी टॉयलेट ट्रेनिंग (potty training in hindi) दोबारा शुरू कर दें।

टॉयलेट ट्रेनिंग के बाद बच्चे के कपड़े खराब करने पर डॉक्टर की सलाह कब लें?

(Toilet training ke baad bache ke kapde khrab karne par doctor ki salah kab le)


doctor potty training regression

अगर टॉयलेट ट्रेनिंग (toilet training in hindi) ले चुका बच्चा दोबारा कपड़ों में शौच करने लगे, तो निम्न स्थितियों में उसे डॉक्टर के पास लेकर जाएं-

  • आपकी कई कोशिशों के बावजूद आपको इसकी वजह समझ में नहीं आ रही है।
  • बच्चा बीमार है या आपको लगता है कि वह बीमार है।
  • बच्चा बार-बार पेशाब कर रहा है या उसे पेशाब करने में दर्द व जलन महसूस हो रही है।
  • हँसने या चिल्लाने पर बच्चे का पेशाब निकल जाता है।
  • बच्चे को बहुत ज्यादा कब्ज हो गयी है।
  • बच्चे के लिंग से पेशाब का रिसाव हो रहा है।
  • बच्चे के पेशाब या मल में खून आ रहा है।

विभिन्न कारणों से टॉयलेट ट्रेनिंग (toilet training in hindi) पूरी होने के बाद भी बच्चे का कपड़े खराब करना सामान्य है। खुद को बच्चे की जगह रखकर सोचिए कि वह कैसा महसूस कर रहा होगा और हर तरह से उसकी मदद करने की कोशिश कीजिये। ब्लॉग में बताए गए उपायों के ज़रिए उसे इस दौर से बाहर निकालने की कोशिश करें। उसे दोबारा शौचालय का उपयोग करने के लिए प्रेरित करें। इस दौरान सब्र से काम लें और बच्चे को सिखाने के लिए समय निकालें। आपकी मेहनत और सकारात्मक दृष्टिकोण की बदौलत जल्दी ही सब फिर से ठीक हो जाएगा और बच्चा कपड़े खराब नहीं करेगा।

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