जुड़वां बच्चों की देखभाल और जरूरी टिप्स (judwa bacho ki dekhbhal aur jaruri tips)

जुड़वां बच्चों की देखभाल और जरूरी टिप्स (judwa bacho ki dekhbhal aur jaruri tips)

जुड़वां बच्चों (judwa bachhe) के जन्म के बाद से जिम्मेदारियां काफी बढ़ जाती है। और जब बात जुड़वां बच्चों की देखभाल, उनके खानपान और उन्हें संभालने की आती है तो चिंता होती ही है। अगर एक बच्चे को संभालने में मुश्किल होती है, तो जुड़वां बच्चों (judwa bacche) की स्थिति में सारी परेशानियां दोगुनी हो जाती है। हालांकि अगर कुछ जरूरी बातों को ध्यान में रखा जाए तो आपकी परेशानियां आधी हो सकती है। आज हम आपको जुड़वां बच्चों (judwa bacche) की देखभाल करने संबंधी कुछ टिप्स के बारे बताएंगे -

जुड़वां बच्चों की देखभाल कैसे करें?

(judwa bacho ki dekhbhal kaise kare)

judwa bacho ki dekhbhal

एक साथ दो बच्चों को संभालना काफी मुश्किल होता है, लेकिन अगर आप कुछ अहम बातों का ख्याल रखते हैं तो आपका काम आसान हो सकता है। कुछ काम एेेसे होते हैं जो नवजात जुड़वां बच्चों (judwa bacche) को एक दूसरे के साथ कराया जा सकता है, जैसै खिलाना, नहलाना, मालिश, सुलाना और बाहर घूमने ले जाना। नवजात जुड़वां बच्चों (judwa bacche) को खिलाना और घूमने ले जानेवाले काम आप दोनों को एक साथ करवा सकती हैं। लेकिन मुश्किल तब होती हैं जब एक बच्चे को भूख लगी हो और दूसरे को नींद। ऐसे में नवजात जुड़वां बच्चों (judwa bacche) की मां को थोड़ी ज्यादा फुर्ती दिखाने की जरूरत होती है और बच्चों की अच्छी देखरेख करनी पड़ती है। वहीं जुड़वां बच्चों (judwa bacche) में अगर दोनों लड़कें हैं, या अगर दोनों लड़कियां हैं या फिर दोनों में से एक लड़का और एक लड़की है तो उनकी देखभाल अलग तरीकें से की जानी चाहिए।

अगर जुड़वां बच्चे लड़के है तो कैसे करें देखभाल? (agar judwa bacche ladke hai to kaise kare dekhbhal)

अगर आपके जुड़वां बच्चों (judwa bacche) में से दोनों लड़के हैं तो आपके लिए कुछ राहत की बात हो सकती है क्योंकि दोनों की कुछ आदतें और पसंद एक जैसी हो सकती है। चाहे बात खिलौनों की हो या कपड़ों की, अगर दोनों की पसंदे मिलती हो तो दोनों बच्चों में आपसी समझ जरूर होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि मां के गर्भ में रहते हुए ही जुड़वां बच्चों में आपसी समझ हो जाती है।

अगर जुड़वां बच्चे लड़कियां है तो कैसे करें देखभाल (agar judwa bacche ladkiya hai to kaise kare dekhbhal)

आपके जुड़वां बच्चों (judwa bacche) में अगर दोनों लड़कियां हैं तो चिंता की कोई बात ही नहीं होगी, क्योंकि लड़कियां, लड़कों की तुलना में थोड़े शांत स्वाभाव की होती है। भूख लगने पर और सोने के लिए बहुत कम रोती हैं। जुड़वां बच्चों (judwa bacche) में लड़कियां किसी भी खिलौने से संतुष्ट हो जाती हैं। उन्हें विशेष देखभाल की जरूरत नहीं होती।

जुड़वां बच्चों में एक लड़का और एक लड़की की देखभाल (judwa bacho me ek ladka aur ek ladki ki dekhbhal)

जुड़वां बच्चों (judwa bacche) के प्रकारों में सबसे ज्यादा मुश्किलें एक लड़के और एक लड़की की देखभाल में होती है, क्योंकि दोनों की पसंद और आदतें बिल्कुल एक जैसी नहीं होती। इसीलिए उन्हें ज्यादा देखरेख की जरूरत होती है।

अपने जुड़वां बच्चों की जरूरतों को कैसे समझें?

(apne judwa bacho ki jarurato ko samjhe)

judwa bache

  • जुड़वां बच्चों को अलग न करें (judwa bacho ko alag na kare): जुड़वां बच्चों (judwa bacche) में आपसी प्रेम की शुरुआत मां के गर्भ से होती है। इसीलिए उन्हें हमेंशा एक साथ रखने की कोशिश करें। इससे उनका आपसी रिश्ता गहरा होता है।

  • जुड़वां बच्चों के लिए एक ही प्रैम का इस्तेमाल करें (judwa bachon ke liye ek hi pram ka istemal kare): अपने दोनों जुड़वां बच्चों (judwa bacche) को बाहर घूमाने ले जा रहे हों तो एक ही प्रैम (double stroller in hindi) का इस्तेमाल करें ताकि बच्चे एक साथ सैर का मजा ले सकें।

  • जुड़वां बच्चों को एक जैसे कपड़े और जूते न पहनाएं (judwa bacho ka ek jaise kapde aur jute na pehnaye): यूं तो घरों में जुड़वां बच्चे (judwa bacche) हो तो उन्हें एक जैसे कपड़े पहनाए जाते हैं, लेकिन अब इन चीजों से परहेज किया जाता है। क्योंकि बच्चे अगर एक ही समान दिखते हैं तो एक जैसे कपड़े और जूते पहनाने से उन्हें पहचानने में मुश्किले होती हैं।

  • जुड़वां बच्चो को उनके लिंग के अनुसार कपड़े न पहनाएं (judwa bacho ko unke ling ke anusar kapde na pehnaye): जुड़वां बच्चों (judwa bacche) को हमेशा उनके लिंग के अनुसार कपड़े पहनाया जाना जरूरी नहीं है। उन्हें अलग-अलग कपड़े पहनाये जाने पर न केवल वे दिखने में अच्छे लगेंगे बल्कि आपकी थोड़ी बचत भी होगी।

  • जुड़वां बच्चों को साथ में होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं (judwa bacho ko sath me hone wale swasth sambandhi samasyaye): क्योंकि गर्भवती मां के गर्भ में दोनों बच्चों को एक समान पौष्टक आहार नहीं मिल पाता है, इसीलिए कई जुड़वां बच्चों (judwa bacche) में जन्म के बाद से ही स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बनीं रहती है। परेशानियां अतिरिक्त होने पर शिशु रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।

  • जुड़वां बच्चों को एक ही खिलौने से खेलने दें (judwa bacho ko alag alag khilone na de): विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आपके जुड़वां बच्चे (judwa bacche) हैं तो आपको उनकी जरूरतों का ज्यादा ख्याल रखना पड़ता है। लेकिन उनमें प्यार और भी गहरा बनाने के लिए उन्हें अलग-अलग खिलौने न देकर एक ही खिलौने से खेलना सिखाएं। इससे उनमें मिल-बांट कर खेलना सीख सकेंगे।

  • अपने जुड़वां बच्चों को बारी-बारी से गोद लें (apne judwa bacho ko bari-bari se god le): जुड़वां बच्चों (judwa bacche) की जिम्मेदारी आम बात नहीं होती। आपको उनका विशेष ख्याल रखना पड़ता है। एक साथ दोनों की ज़रूरतों को समझने की क्षमता एक मां में ही होती है। इसीलिए अपने जुड़वां बच्चों (judwa bacche) को बारी-बारी समय दें और उन्हें गोद में लें। ताकि दोनों बच्चों से आपका रिश्ता गहरा हो सके।

जुड़वां बच्चों को स्तनपान कैसे करवाएं?

(judwa bacho ko stanpan kaise karaye)

twins breastfeeding

यह सच है कि मां का दूध शिशु को सभी पोषक तत्व देने के साथ ही उसे कई बीमारियों से भी बचाता है। मां के दूध में फैटी एसिड आनी वसीय अम्ल होता है जो बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए बहुत जरूरी होता है। नियमित स्तनपान कराने से मां और शिशु के बीच रिश्ता भी गहरा होता है। अगर आपको जुड़वां बच्चे (judwa bacche) हैं तो शिशुओं को स्तनपान कराते वक्त आपको कुछ विशेष बातों का ख्याल रखना होगा। आपको स्तनपान कराने की सही पोजिशऩ यानी अवस्थाओँ के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए।

जुड़वां बच्चों को स्तनपान कराते समय बरते सावधानियां (judwa bacho ko stanpan karate samay barte savdhaniya)

  • जुड़वां बच्चों (judwa bacche) को एक साथ स्तनपन कराना संभव नहीं होता, इसीलिए उन्हें बारी-बारी से ही स्तनपान कराएं।
  • शिशु को गोद में लेते वक़्त एक हाथ से उसकी गर्दन को सहारा दें।
  • अगर आप पहली बार मां बनी हैं स्तनपान कराते वक़्त शिशु की गोद में लेने के तरीकों के बारे जान लें। यह बहुत ज़रूरी होता है।
  • सही अवस्था में दूध पिलाने से शिशु बिना किसी परेशानी के स्तनपान कर सकता है।

जुड़वां बच्चों की मालिश जरूरी क्यों है?

(judwa bacho ki malish jaruri kyun hai)

twins massage

भारत में शिशुओं की तेल मालिश की परंपरा पुराने समय से चली आ रही है। नवजात जुड़वां बच्चों (judwa bacche) की मालिश बेहद जरूरी होती है। जब जुड़वां बच्चे (judwa bacche) मां की गर्भ में होते हैं तो उन्हें फैलने के लिए ज्यादा जगह नहीं मिल पाती, इसीलिए जन्म के बाद जुड़वां बच्चों की मालिश जरूरी होती है, इससे उनका शारीरिक विकास होता है। साथ ही रोजाना तेल की मालिश से उनकी हड्डियां भी मजबूत होती है। लेकिन जुड़वां बच्चों (judwa bacche) के साथ अगर आप अकेली हैं तो बच्चों की मालिश करते वक्त और ज्यादा सावधानियां बरतने की जरूरत होती है। इस बात का ध्यान रखें कि जुड़वां बच्चों में संक्रमण का अधिक खतरा होता है इसीलिए अगर किसी तेल से बच्चों को एलर्जी हो तो किसी डॉक्टर को अवश्य दिखाएं।

जुड़वां बच्चों को कैसे नहलाएं?

(judwa bacho ko kaise nahlaye)

twins bathing

मालिश के बाद जुड़वां बच्चों को नहलाना सबसे अच्छा विकल्प होता है। सुबह एक-एक करके बड़ी सावधानी से दोनों बच्चों को नहलाएं। जुड़वां बच्चों (judwa bacche) के लिए एक ही टब/परात (tub in hindi) का इस्तेमाल करें ताकि टब में नहाने के साथ वे थोड़ी देर एक दूसरे के साथ खेल सके।

क्या जुड़वां बच्चे एक साथ सो सकते हैं?

(kya judwa bache ek sath so sakte hai)

twins sleeping

अगर आप यह सोचती हैं कि आपके जुड़वां बच्चे (judwa bacche) होने पर आप कभी चैन की नींद नहीं सो सकती तो यह गलत है। बच्चों को अलग - अलग विस्तर पर सुलाने से आप भी चैन की नींद सो सकती हैं। लेकिन अगर आप जुड़वां बच्चों (judwa bacche) को साथ में सुलाने का सोच रही हैं तो आपको कई तरह की तकलीफें हो सकती हैं। अगर एक उठ जाए और रोने लगे तो दूसरे के भी जाग जाने की संभावना होती है। बच्चों की अच्छी नींद के लिए जरूरी है कि रोजाना उन्हें एक ही समय पर सुलाया जाए ताकि उनमें समय से सोने की आदत बने।

जुड़वां बच्चों को एक साथ कैसे सुलाएं? (judwa bacho ko ek sath kaise sulaye)

आप अपने जुड़वां बच्चों (judwa bacche) को सुलाने के लिए कई अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल कर सकती हैं। लेकिन अगर बच्चे नवजात हैं तो उन्हें लगातार कई घंटों तक नींद नहीं आती है और इसीलिए आपको परेशानी हो सकती है। बच्चों को किसी पालने या स्ट्रोलर (pram in hindi) की मदद से सुलाने की कोशिश करें। लगातार गोद में लिए रहने से उन्हें असहजता महसूस हो सकती है। अगर जुड़वां बच्चों (judwa bacche) को स्टॉलर या पालने में सुलाने की कोशिश की जाए तो वे एक साथ सो सकते हैं। लेकिन गोद में लिए रहने के बाद उन्हें बिस्तर पर सुलाने से उनकी नींद टूट सकती है।

जुड़वां बच्चों को सुलाते वक्त रखें इन बातों का ध्यान (judwa bacho ko sulate waqt rakhe in baton ka dhyan)

  • घर के अंदर स्ट्रोलर (pram in hindi) में दोनों को एक साथ घुमाएं ताकि वे जल्द ही सो सकें
  • जुड़वां बच्चों (judwa bacche) को झूले पर झुलाएं और सुलाने की कोशिश करें
  • दोनों को रोजाना एक ही समय सुलाएं
  • पहले शांत बच्चे के सुलाएं
  • जुड़वां बच्चों (judwa bacche) को अलग-अलग बिस्तरों में सुलाएं
  • दोनों बच्चों के बेड एक दूसरे से थोड़ी दूर रखें
  • जुड़वां बच्चों (judwa bacche) को बिस्तर में तब सुलाएं जब उनकी आंखें खुली हो, ताकि वे सोने से पहले आपको देखें और सोने के बाद आपके होने का अनुभव कर सके।

जुड़वां बच्चे (judwa bacche) बहुत खास होते है। वे एक साथ आपकी जिंदगी में दोगुनी खुशियां लेकर आते हैं इसीलिए उनकी देखभाल भी खास होनी चाहिए। एक साथ दो बच्चोंं का पालन-पोषण केवल मां या पिता की ही नहीं बल्कि पूरे घर वालों की जिम्मेदारी होती है।

आपसी तालमेल, सहयोग और हमारे ब्लॉग मेंं बताए गए तरीकोंं, उपायों और सावधानियोंं का ध्यान रख कर आप अपने जुड़वां बच्चोंं (judwa bacche) की अच्छी देख रेख कर सकते हैं। इसके अलावा अगर आपको अपने जुड़वां बच्चोंं (judwa bacche) को लेकर किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी चाहिए तो आप बच्चोंं के डॉक्टर से सलाह ले सकती हैं।

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