जुड़वां बच्चे होने के लक्षण, संभावना और कारण (Judwa bacche kaise hote hai)

जुड़वां बच्चे होने के लक्षण, संभावना और कारण (Judwa bacche kaise hote hai)

मां बनने की खुशी अलग ही होती है। जब आपको पता चलता है कि आप एक नहीं बल्कि जुड़वां बच्चे (judwa bacche) की मां बनने वाली हैं तो आपकी खुशी सातवें आसमान पर होगी। मां के गर्भ में जब दो बच्चे एक साथ पल रहे हों तो उन्हें जुड़वां बच्चे (judwa bacche) कहते हैं।

लेकिन गर्भ में जुड़वां बच्चे होने पर आपको अपना और अपने बच्चों का और ज्यादा ख्याल रखना पड़ता है। भारत में केवल तीन प्रतिशत महिलाओं को जुड़वां बच्चे होने की संभावना होती है।

यहां आपको जुड़वां बच्चे होने के लक्षण, संभावना, कारण और गर्भ में जुड़वां बच्चे (twins in hindi) होने पर बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी बताया जा रहा है।

1 . जुड़वां बच्चे कैसे होते हैं?

(judwa bacche kaise hote hai)

Twins baby - kaise hote hai

जुड़वां बच्चे (judwa bacche) होने के लिए दो प्रक्रियाएं महत्वपूर्ण होती हैं। इन दोनों स्थिति में पति-पत्नी को जुड़वां बच्चे (twins in hindi) हो सकते हैं।

  • जब महिलाओं के अंडाशय से एक से अधिक अंडे निकलते और उन्हें शुक्राणुओं (sperm in hindi) द्वारा निषेचित (fertilise in hindi) किया जाता हैं।
  • जब सेक्स के दौरान एक से अधिक स्पर्म द्वारा अंडा निषेचित होता है।

2. जुड़वां बच्चों के कितने प्रकार होते हैं?

(judwa baccho ke kitne prakar hote hai)

Twins baby - prakaar

जुड़वां बच्चे या तो एक समान या अलग-अलग दिखने वाले हो सकते हैं। आइए जानते हैं जुड़वां बच्चों (twins in hindi) के इन दो प्रकारों को:

  • एक समान दिखने वाले जुड़वां बच्चे (ek saman dikhne wale judwa bacche)- एक समान दिखने वाले जुड़वां बच्चे, एक ही शुक्राणु से निषेचित होते हैं, और बाद में विभाजित होकर दो अलग-अलग भ्रूणों का रूप ले लेते हैं। इन्हें मोनोजायगोटिक (monozygotic in hindi) भी कहा जाता है। एेसे जुड़वां बच्चों की शारीरिक संरचना लगभग एक समान होती है। खास बात यह है कि इस प्रकार के निषेचन में गर्भ में पल रही दोनों संतानों की लड़के या लड़कियां होने की संभावनाएं होती है।
  • अलग-अलग दिखने वाले जुड़वां बच्चे (asaman dikhne wale judwa bacche)- असमान दिखने वाले जुड़वां बच्चे (twins in hindi) तब विकसित होते हैं जब गर्भधारण करने वाली महिला के गर्भ में दो अलग-अलग अंडे निषेचित होते हैं। इन्हें डाईजायगोटिक (dyzygotic in hindi) भी कहा जाता है। एेसे जुड़वां बच्चों की शरीर का गठन एक दूसरे से बिल्कुल अलग होता हैं और ये एक समान दिखने वाले जुड़वां बच्चों से काफी अलग होते हैं। इस प्रकार के बच्चों में एक लड़का और एक लड़की होने की संभावनाएं सबसे ज्यादा होती हैं।

3. जुड़वां बच्चे होने की संभावना कब ज्यादा होती हैं?

(judwa bacche hone ki sambhavana kab jyada hoti hai)

Twins baby - sambhavna

जुड़वां बच्चे (judwa bacche) होने की संभावनाएं कब सबसे ज्यादा होती है इसका कोई सही अनुमान नहीं लगाया जा सकता है। लेकिन कुछ शोधों में जुड़वां बच्चे होने की संभावनाओं को स्पष्ट किया गया है, जो निम्न हैं:

  • आनुवांशिक या जेनेटिक कारणों से जुड़वां बच्चे हो सकते हैं (genetic karano se judwa bacche ho sakte hai)- आनुवांशिकता जुड़वां बच्चे (judwa bacche) होने की संभावनाओं में सबसे पहला और बड़ा कारण है। यानी अगर महिला या पुरुष किसी के भी परिवार में जुड़वां बच्चे हो चुके हैं तो उस पति और पत्नी के जुड़वां बच्चे (judwa bacche) होने की संभावनाएं बढ़ जाती है।
  • महिला की लंबाई और वजन ज्यादा होने से जुड़वां बच्चे हो सकते हैं (mahila ki lambai or vajan jyada hone se judwa bacche ho sake hai)- यह सच है कि अगर गर्भधारण करने वाली महिला की ऊंचाई और वजन ज्यादा हो तो उसके जुड़वां बच्चे (twins in hindi) होने की संभावनाएं बढ़ जाती है।
  • महिला की उम्र 35 साल से ज्यादा होने पर जुड़वां बच्चे होने की संभावना हो सकती है (maa ki umar 35 se jyada hone se judwa bacche ho sakte hai)- गर्भधारण करने में महिलाओं की बढ़ती उम्र का काफी महत्व होता है। दरअसल जब मां की उम्र 35 वर्ष से ज्यादा होती है तो उनके फोलिकल स्टिम्युलेटिंग हॉर्मोन (follicle stimulating hormone in hindi) के निर्माण में कमी आती है। जो ओव्युलेशन (ovulation in hindi) के लिए ज्यादा अंडे विकसित करने की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाता है और जब अंडाशय से निकलने वाले अंडों की संख्या बढ़ने लगती है, तब जुड़वां बच्चों के साथ गर्भधारण करने की संभावनाएं बढ़ जाती है।
  • गर्भनिरोधक गोलियां बंद करने से जुड़वां बच्चे होने की संभावना हो सकती है (garbh nirodhak goliya band karne se judwa bacche)- यह तो सभी जानते हैं कि गर्भनिरोधक गोलियां प्रेगनेंसी रोकथाम में सहायक होती हैं, लेकिन इनका सेवन बंद करने से आपको जुड़वां बच्चे (judwa bacche) हो सकते हैं। जी हां, असल में जब आप गर्भनिरोधक गोलियां खाना बंद करते हैं तो शुरुआत के कुछ महीनों में आपके मासिक धर्म के दौरान शरीर में अलग-अलग प्रकार के हॉर्मोनों (hormones in hindi) में भी बदलाव होता है। इसी कारण जब आप गर्भनिरोधक गोलियां खाना बंद करते हैं तो दो गर्भ ठहरने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।
  • अगर पहले जुड़वां बच्चे हो चुके हों तो दोबारा जुड़वां बच्चे होने की संभावना हो सकती है (agar pehle huye hain judwa bacche to dobara ho sakte hai)- अगर आपको पहली प्रेगनेंसी से जुड़वां बच्चे (judwa bacche) हो चुके हैं या फिर आप खुद जुड़वां बच्चों में से एक हैं तो आपको दोबारा जुड़वां बच्चे होने की संभावनाएं हो सकती हैं। केवल इतना ही नहीं, अगर आप पहले भी मां बन चुकी हैं और फिर से गर्भधारण की कोशिश कर रही हैं, तो भी आपको जुड़वां बच्चे (twins in hindi) हो सकते हैं।
  • आईवीएफ प्रक्रिया से जुड़वां बच्चे होने की संभावना हो सकती है (IVF prakriya se judwa bacche)- ऊपर बताए गए तमाम कारणों से शायद आपको जुड़वां बच्चे न हों लेकिन अगर जुड़वां बच्चे (twins in hindi) चाहती हैं तो आप इन-विट्रो फर्टीलाइज़ेशन (IVF in hindi) का माध्यम चुन सकती हैं। इस पूरे प्रक्रिया में, महिला के अंडों को उसके शरीर के बाहर फर्टिलाइज/ निषेचित (fertilisation in hindi) किया जाता है और उसके बाद निषेचित किए गए अंडों को गर्भाशय में प्रवेश कराया जाता है।

4. जुड़वां बच्चे होने के क्या लक्षण होते?

(judwa bacche hone ke lakshan kya hote hai)

Twins baby - lakshan

यदि आपको नीचे बताए गए लक्षणों में से कोई भी लक्षण महसूस होता है तो आपको जुड़वां बच्चे (judwa bacche) होने की संभावना हो सकती है।

  • जुड़वां बच्चे होने के लक्षण (judwa bacche hone ke lakshan): ज्यादा उल्टियां होना (vomiting in hindi)- लगभग पचास प्रतिशत से ज्यादा महिलाएं अपनी गर्भावस्था के दौरान उल्टी, जी घबराना और जी मिचलाना अनुभव करती हैं। लेकिन जिन गर्भवती महिलाओं को जुड़वां बच्चे (twins in hindi) होने की संभावना होती हैं, उन्हें इन परेशानियों का दोगुना सामना करना पड़ता है।
  • जुड़वां बच्चे होने के लक्षण (judwa bacche hone ke lakshan): तेजी से वजन बढ़ना- अगर किसी गर्भवती महिला का वजन सामान्य गर्भवती महिला के वजन की तुलना में पहली तिमाही में 2 से 4 किलो ज्यादा बढ़ता है तो इसे गर्भ में जुड़वां बच्चे होने का प्रमुख लक्षण माना जाता है। वह इसीलिए क्योंकि जुड़वां बच्चे (judwa bacche) होने वाली महिला के गर्भ में दो बच्चे, दो प्लेसेंटा (placenta in hindi) और अधिक पानी (amniotic fluid) होता है।
  • जुड़वां बच्चे होने के लक्षण (judwa bacche hone ke lakshan): पेट में खिंचाव महसूस होना- अगर प्रेगनेंट महिला के गर्भ में ज्यादा खिंचाव होता है, तो यह जुड़वां बच्चे (twins in hindi) होने का एक लक्षण हो सकता हैं। परंतु किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ले लें।
  • जुड़वां बच्चे होने के लक्षण (judwa bacche hone ke lakshan): गर्भ में भ्रूण की ज्यादा हलचल- गर्भ में भ्रूण की ज्यादा हलचल (fetal development in hindi) को भी जुड़वां बच्चे (judwa bacche) होने के लक्षणों में जोड़ा जाता है। हालांकि अगर गर्भावस्था में भ्रूण निर्धारित समय से पहले, यानी पहले तिमाही के अंत तक, हलचल करना शुरू कर दे तो इसे जुड़वां बच्चे (twins in hindi) होने का संकेत माना जा सकता है।
  • जुड़वां बच्चे होने के लक्षण (judwa bacche hone ke lakshan): बार-बार भूख लगना- जुड़वां बच्चे (twins in hindi) होने की स्थिति में बार-बार भूख लगना जुड़वां गर्भावस्था के लक्षणों में सबसे बड़ा लक्षण होता है। जुड़वां गर्भावस्था की तुलना में महिला को सामान्य गर्भवती महिलाओं की अपेक्षा ज्यादा भूख लगती है।
  • जुड़वां बच्चे होने के लक्षण (judwa bacche hone ke lakshan): पेट का आकार ज्यादा बड़ा होना- जुड़वां बच्चों से गर्भवती होने वाली महिलाओं के पेट का आकार सामान्य गर्भधारण करने वाली महिलाओं की तुलना में बड़ा होता है। इसीलिए इसे जुड़वां बच्चें होने का लक्षण माना जा सकता है।
  • जुड़वां बच्चे होने के लक्षण (judwa bacche hone ke lakshan): ज्यादा थकान महसूस करना- सामान्य गर्भवती महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान थकान महसूस होती है लेकिन यदि आपको ज्यादा थकान महसूस होने लगती है तो यह जुड़वां बच्चे (judwa bacche) होने के लक्षण हो सकते हैं।

5. कब पता चलता है जुड़वां बच्चे होने वाले हैं?

(kab pata chalta hai judwa bache honge)

अगर आपके गर्भ में जुड़वां बच्चे (judwa bacche) होने के संकेत मिलते हैं तो प्रेगनेंसी की पहली तिमाही खत्म होने से पहले ही डॉक्टर जांच की सलाह देते हैं। इसके बाद विशेषज्ञ, गर्भ में एक से अधिक भ्रूण हैं या नहीं इसकी जानकारी दी जाती है।

6. किस जांच से पता चलता है जुड़वां बच्चे हैं?

(kis test se pata chalta hai judwa bache honge)

Twins baby - jaanch

आपके गर्भ में जुड़वां बच्चे (twins in hindi) हैं या नहीं इसकी जांच दो प्रकार से की जा सकती है।

  • सामान्य अल्ट्रासाउण्ड (pregnancy me ultrasound): प्रेगनेंसी में अल्ट्रासाउण्ड काफी महत्वपूर्ण होता है। अक्सर भ्रूण की हलचल, वजन, आकार और उसकी आयु जैसी जानकारियों का पता लगाने के लिए गर्भवती महिला को सामान्य अल्ट्रासाउण्ड (ultrasound in hindi) करवाने की सलाह दी जाती है। गर्भावस्था के पहले चरण या पहली तिमाही में ही इसकी जांच के बाद गर्भ में जुड़वां बच्चे (twins in hindi) होने की जानकारी दी जाती है।
  • भ्रूण डोप्लर अल्ट्रासाउण्ड (pregnancy me fetal doppler ultrasound): डॉक्टर भ्रूण डोप्लर अल्ट्रासाउण्ड का परीक्षण, प्रेगनेंसी (pregnancy in hindi) के 10 वें सप्ताह में करने की सलाह देते हैं। लेकिन इसके सर्वश्रेष्ठ परिणामों के लिए इसे 12 वें सप्ताह में ही किया जाना चाहिए। यह भी एक प्रकार का अल्ट्रासाउण्ड है जिससे कि गर्भ में एक से ज्यादा दिल की धड़कन (heartbeat in hindi) होने की जानकारी दी जाती है।

7. जुड़वां बच्चे हैं तो क्या खाएं?

(judwa bacche hai to kya khaye)

Twins baby - khaana

अगर आपको जुड़वां बच्चे (Judwa bacche) होने वाले हैं तो आपको अपने आहार का अधिक ध्यान रखना पड़ता है, क्योंकि गर्भ में जुड़वां बच्चे (twins in hindi) होने के समय मां जितनी स्वस्थ होगी, बच्चे भी उतने ही स्वस्थ होंगे।

गर्भ में जुड़वां बच्चे (twins in hindi) होने के समय मां को हमेशा संतुलित आहार ही लेना चाहिए औऱ कम समय के अंतराल में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में खाना चाहिए। आपको अपने आहार में कैल्शियम (calcium in hindi), प्रोटीन (protein in hindi), विटामिन (vitamin in hindi) और खनिज (minerals in hindi) को शामिल करना चाहिए।

8. गर्भ में जुड़वां बच्चे होने पर क्या एक्सरसाइज कर सकते हैं?

(judwa bacche hone par exercises)

Twins baby - exercise

जुड़वां बच्चे (judwa bacche) होने की स्थिति में कुछ सामान्य व्यायाम कर आप खुद को और अपने बच्चों को स्वस्थ रख सकती हैं। डॉक्टर्स का कहना है कि गर्भावस्था में व्यायाम करने से नॉर्मल डिलीवरी की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है।

जुड़वां बच्चे (twins in hindi) होने पर पेट का आकार सामान्य से काफी बड़ा हो जाता है, जिससे पीठ और कमर में दर्द (pregnancy me back pain) हो सकता है। दर्द से छुटकारा पाने के लिए आप तैराकी कर सकती हैं, क्योंकि पानी के अंदर जाते ही आपके शऱीर का भार शुन्य हो जाता है।

तैराकी से आपको पीठ दर्द (pregnancy me back pain) में काफी राहत मिलेगी। गर्भ में जुड़वां बच्चे (judwa bacche) होने पर आप डॉक्टर की देखरेख में रहकर और उनके दिशा-निर्देशों के अनुसार व्यायाम करें। कुछ व्यायाम नीचे बताए गए हैं –

  • योग (normal delivery ke liye yoga)
  • तैराकी (normal delivery ke liye swimming)
  • पैदल चलें (normal delivery ke liye morning and evening walk)
  • पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज (normal delivery ke liye pelvic floor exercise)
  • स्क्वॉट एक्सरसाइज (normal delivery ke liye squat exercise)

9. गर्भ में जुड़वां बच्चे होने पर मां का वजन कितना बढ़ सकता है?

(judwa bachhe hone par maa ka wajan kitna badh sakta hai)

Twins baby - vajan

सामान्य गर्भवती महिलाओं की तुलना में जुड़वां बच्चे (judwa bacche) होने वाली गर्भवती महिला का वजन अधिक तेजी से बढ़ता है। वह इसलिए क्योंकि जुड़वां बच्चे होने वाली महिला के गर्भ में दो बच्चें, दो प्लेसेंटा (placenta in hindi) और अधिक पानी (amniotic fluid in hindi) होता है।

सामान्य गर्भावस्था में महिलाओं का वजन 12 से 14 किलो तक बढ़ता है लेकिन अगर आपको जुड़वां बच्चे (twins in hindi) होने वाले हैं तो आपका वजन 16 से 20 किलो तक बढ़ सकता है।

10. गर्भ में जुड़वां बच्चे होने पर स्वास्थ्य संबंधी जोखिम क्या होते हैं?

(judwa bache hone se swasth sambandhi jokhim hote hai)

Twins baby - risks

गर्भ में जुड़वां बच्चे (judwa bacche) होने की स्थिति में स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है। ये खतरे अक्सर मां और जुड़वां बच्चों (twins in hindi) को साथ- साथ हो सकते हैं। इनमें से कुछ खतरों पर आप खुद नियंत्रण रख सकते हैं, लेकिन ज्यादातर अवसरों पर आपको डॉक्टर से सलाह लेने की जरूरत होती है।

  • गर्भ में पल रहे जुड़वां बच्चों की नसें अगर एक साथ जुड़ी होती हैं तो दोनों बच्चों में से एक को ही संपूर्ण आहार मिल पाता है, बच्चों को संपूर्ण आहार न मिलने की स्थिति में उनके विकास पर इसका सीधा प्रभाव पड़ता है।
  • ज्यादातर जुड़वां बच्चों (twins in hindi) से प्रेगनेंट महिलाओं को तनाव की वजह से बीपी की समस्या (bp problem in pregnancy in hindi) हो जाती है जिससे उनके और जुड़वां बच्चों (judwa bacche) के स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ता है।
  • गर्भ में ही अगर किसी एक बच्चे को ज्यादा खून मिल रहा है तो उसे जन्मजात हृदय संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। वहीं जिस दूसरे बच्चे को कम खून मिल रहा है उसके शरीर पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है। जिससे उसे शारीरिक विकृतियां हो सकती हैं।
  • जुड़वां बच्चों (twins in hindi) के साथ प्रेगनेंसी में महिला को गर्भकालीन शुगर (gestational diabetes in hindi) होने की संभावना होती है।
  • प्रेगनेंसी में महिला को किसी प्रकार की दिल की बीमारी या किसी प्रकार की आनुवांशिक (genetic in hindi) बीमारी होने से मां और बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी जोखिम हो सकता है।

हर बच्चा भगवान का आशीर्वाद होता है चाहे वह जुड़वां हो या नहीं। प्रेगनेंसी के दौरान किसी भी लक्षण के आधार पर गर्भ में जुड़वां बच्चे (judwa bacche) हैं या नहीं इसका अनुमान नहीं लगाया जा सकता। बच्चे चाहे एक हों या जुड़वां (twins in hindi), आपकी पहली प्राथमिकता उसकी उचित देखभाल होनी चाहिए। ज्यादा उलझन हो तो सीधे अपने डॉक्टर या किसी विशषज्ञ से सलाह लें।

11. जुड़वां बच्चे होने पर क्या सावधानियां बरतें?

(judwa bacche hone par savdhaniya)

Twins baby - savdhaniya

जुड़वां बच्चों (judwa bacche) के साथ प्रेगनेंसी के दौरान अगर सावधानियां न बरती जाएं तो डिलीवरी के समय अनचाही समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन इससे घबराने की कोई बात नहीं है क्योंकि नीचे बताए गए सावधानियों को अपनाकर आप खुद को और अपने होने वाले जुड़वां बच्चों (judwa bacche) को स्वस्थ रख सकती हैं।

यहां घरेलु देखभाल एवं खानपान संबंधी बातों का जिक्र किया गया है। हालांकि अगर आपको स्वास्थ्य संबंधी कोई अन्य समस्या हों तो आप अपने डॉक्टर से सलाह ले सकती हैं।

  • महिलाओं को सीढ़ियां चढ़ने से परहेज करना चाहिए, लेकिन अगर सीढ़ी चढ़ना आवश्यक हो तो हड़बड़ी बिल्कुल भी न दिखाएं।
  • जुड़वा बच्चों से प्रेगनेंट महिलाओं को अगर पैदल चलने में परेशानी हो या सांस फूलने लगे (breathlessness in hindi) तो वहीं रूक कर थोड़ी देर आराम कर लें। वापिस पैदल चलें लेकिन अगर फिर से सांस फूलने लगे तो पैदल न चलें क्योंकि इससे बच्चों को सांस लेने में और उसे गर्भ के अंदर हलचल करने में तकलीफ हो सकती है।
  • महिलाओँ को अपने पैरों के भार पर ज्यादा देर तक नहीं बैठना चाहिए (जैसे शौच के समय)।
  • जुड़वां बच्चे (twins in hindi) होने वाली प्रेगनेंट महिलाओं के लिए नींद काफी महत्वपूर्ण होती है इसीलिए यह जरूरी है कि आप अच्छी नींद लें।
  • किसी भारी वस्तु को उठाने की कोशिश बिल्कुल भी न करें।
  • भरपूर मात्रा में पानी पिएं।
  • अपने आहार में खनिज पदार्थों (minerals in hindi) को संतुलित मात्रा में लें।
  • महिलाओं को अगर पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द महसूस हो तो बिना किसी देरी के अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए।
  • यदि बैठे-बैठे यूं ही सिर दर्द हो, चक्कर आए (dizziness in hindi) और धुंधला दिखाई दे तो आपको अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
  • प्रेगनेंसी में उल्टियां (vomiting in hindi) आम बात है लेकिन अगर आपके गर्भ में जुड़वां बच्चे (twins in hindi) हैं तो ज्यादा उल्टियां होने की बात को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। जब पेट में दो बच्चों का अधिक भार पड़ता है तो ज्यादा उल्टियां होती है। एेसे में डॉक्टर की सलाह है।
  • जुड़वां बच्चों (twins in hindi) के साथ प्रेगनेंट महिलाओं को एक ही जगह पर ज्यादा देर तक नहीं लेटना चाहिए, क्योंकि पांचवें महीने से बच्चों की हलचल (fetal development in hindi) शुरू हो जाती है। एेसे में अगर आप एक ही ओर करवट लेकर लेटी हैं तो आपको समय-समय पर करवट बदल लेना चाहिए। इससे बच्चे हलचल कर सकेंगे।
  • जुड़वां बच्चों (judwa bacche) के साथ प्रेगनेंसी में आपको नियमित रूप से अपने गर्भ की जांच करवाते रहना चाहिए। ताकि जुड़वां बच्चों (twins in hindi) की सही समय पर वृद्धि (fetal development in hindi) हो रही है या नहीं इसका पता लगाया जा सके।
इस ब्लॉग के विषय- 1. जुड़वां बच्चे कैसे होते हैं? (judwa bacche kaise hote hai)2. जुड़वां बच्चों के कितने प्रकार होते हैं? (judwa bacche ke prakar)एक समान दिखने वाले जुड़वां बच्चे (ek saman dikhne wale judwa bacche)अलग-अलग दिखने वाले जुड़वां बच्चे (alag-alag dikhne wale judwa bacche)3. जुड़वां बच्चे होने की संभावना कब ज्यादा होती हैं? (judwa bacche hone ki sambhawana kab jyada hoti hai)आनुवांशिक या जेनेटिक कारणों से जुड़वां बच्चे हो सकते हैं (genetic karano se judwa bacche ho sakte hai)महिला की लंबाई और वजन ज्यादा होने से जुड़वां बच्चे हो सकते हैं (mahila ka height or weight jyada hone se judwa bacche ho sakte hai)मां की उम्र 35 साल से ज्यादा होने पर जुड़वां बच्चे होने की संभावना हो सकती है (maa ki umar 35 se jyada hone se judwa bacche ho sakte hai)गर्भनिरोधक गोलियां बंद करने से जुड़वां बच्चे होने की संभावना हो सकती है (garbh nirodhak goliya band karne se judwa bacche ho sakte hai)अगर पहले हुए हैं जुड़वां बच्चे तो दोबारा होने की संभावना हो सकती है (agar pehle huye hain judwa bacche to dobara ho sakte hai)आईवीएफ प्रक्रिया से जुड़वां बच्चे होने की संभावना हो सकती है (IVF prakriya se judwa bacche ho sakte hai)4. जुड़वां बच्चे होने के लक्षण क्या होते? (judwa bacche hone ke lakshan kya hote hai)जुड़वां बच्चे होने के लक्षण: ज्यादा उल्टियां होना (vomiting in hindi)जुड़वां बच्चे होने के लक्षण: तेजी से वजन बढ़ना (vajan badhna)जुड़वां बच्चे होने के लक्षण: गर्भाशय में खिंचाव महसूस होना (pet me khichav mehsus hona)जुड़वां बच्चे होने के लक्षण: गर्भ में बच्चे की ज्यादा हलचल होना (garbh me bacche ki jyada halchal)जुड़वां बच्चे होने के लक्षण: ज्यादा भूख लगना (jyada bhookh lagna)जुड़वां बच्चे होने के लक्षण: पेट का आकार ज्यादा बड़ा होना (pet ka akar jyada bada hona)जुड़वां बच्चे होने के लक्षण: ज्यादा थकान महसूस करना (jyada thakan mehsus karna)जुड़वां बच्चे होने के लक्षण: अक्सर पीठ में दर्द होना (pith me dard hona)5. कब पता चलता है जुड़वां बच्चे होने वाले हैं? (kab pata chalta hai judwa bacche honge)6. किस जांच से पता चलता है जुड़वां बच्चे हैं? (kis test se pata chalta hai judwa bacche honge)सामान्य अल्ट्रासाउण्ड (ultrasound in hindi)डोप्लर अल्ट्रासाउण्ड ( fetal doppler ultrasound in hindi)7. जुड़वां बच्चे हैं तो क्या खाएं? (judwa bacche hai to kya khaye)8. गर्भ में जुड़वां बच्चे होने पर क्या एक्सरसाइज कर सकते हैं? (judwa bacche hone par exercises)9. गर्भ में जुड़वां बच्चे होने पर मां का वजन कितना बढ़ सकता है? (judwa bachhe hone par maa wajan kitna badh sakta hai)10. गर्भ में जुड़वां बच्चे होने पर स्वास्थ्य संबंधी जोखिम क्या होते हैं? (judwa bache hone par swasth sambandhi jokhim)11. जुड़वां बच्चे होने पर क्या सावधानियां बरतें? (judwa bacche hone par savdhaniya)
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