गर्भावस्था में हाइपो थायराइड के लक्षण, कारण और इलाज (Garbhavastha me hypothyroidism ke lakshan, karan aur ilaj)

गर्भावस्था में हाइपो थायराइड के लक्षण, कारण और इलाज (Garbhavastha me hypothyroidism ke lakshan, karan aur ilaj)
प्रेगनेंट महिलाओं में हाइपो थायराइड (hypothyroidism in pregnancy in hindi) की समस्या होना आम बात है। प्रेगनेंसी के दौरान करीब 50 प्रतिशत गर्भवती महिलाओँ को हाइपो थायराइड की समस्या होती है। अगर सही समय पर इसका इलाज नहीं किया जाए तो यह बीमारी मां और गर्भ में पल रहे शिशु, दोनों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। अलग-अलग जगहों पर हाइपो थायराइड को लेकर महिलाओं की विभिन्न प्रकार की धारणाएं हैं, लेकिन गर्भाधारण करने से पहले हाइपो थायराइड होना, गर्भावस्था में हाइपो थायराइड (hypothyroidism in pregnancy in hindi) होना एक बात नहीं है। इस ब्लॉग में आपको गर्भावस्था में हाइपो थायराइड होने के लक्षण, कारण और हाइपो थायराइड के इलाज एवं प्रभावों के बारे बताया जा रहा है - 1. गर्भावस्था में थायराइड क्या होता है? (pregnancy me thyroid kya hota hai) 2. गर्भावस्था में थायराइड का स्तर सामान्य रहना क्यों जरूरी है? (pregnancy me thyroid ka level normal rehna kyun jaruri hai) 3. गर्भावस्था में हाइपो थायराइड की समस्या के क्या कारण होते है? (pregnancy me hypothyroidism kyun hota hai) 4. गर्भावस्था में हाइपो थायराइड की समस्या के लक्षण क्या है? (pregnancy me hypothyroidism ke lakshan kya hai) 5. प्रेगनेंट महिला में हाइपो थायराइड होने का पता कैसे लगाया जाता है? (pregnancy me hypothyroidism hone ka pata kaise chalta hai) 6. क्या गर्भावस्था में हाइपो थायराइड का इलाज हो सकता है? (kya pregnancy me hypothyroidism ka ilaj ho sakta hai) 7. हाइपो थायराइड की समस्या से प्रेगनेंसी पर क्या प्रभाव पड़ता है? (pregnancy me hypothyroidism ke kya side effects hote hai) 8. गर्भावस्था में हाइपो थायराइड में क्या खाना चाहिए? (pregnancy me hypothyroidism me kya khana chahiye) 9. गर्भावस्था में हाइपो थायराइड में क्या नहीं खाना चाहिए (pregnancy me hypothyroidism me ya nahi khana chahiye) 10. गर्भावस्था में हाइपो थायराइड के लिए क्या एक्सरसाइज करें? (pregnancy me hypothyroidism ke liye kya exercise kare) 11. गर्भावस्था में हाइपो थायराइड होने पर क्या करें? (pregnancy me hypothyroidism hone par kya kare) 1. गर्भावस्था में थायराइड क्या होता है? (pregnancy me thyroid kya hota hai) थायराइड एक प्रकार तितली के आकार की अंत स्रावी ग्रंथि (endocrine gland in hindi) है, जो गले में होती है। यह दो इंच तक लंबी होती है और इसका भार तकरीबन आधे किलो तक होता है। थायराइड में दो प्रकार के हार्मोन यानी T3 और T4 हार्मोन होते है, जो मानव शरीर में सांस संबंधी समस्या और पाचन क्रिया में सहायक होते है। थायराइड ग्रंथि (thyroid gland in hindi) हार्मोन बनाने, उन्हें सुरक्षित रखने और नसों में छोड़ने में अहम योगदान देती है। 2. गर्भावस्था में थायराइड का स्तर सामान्य रहना क्यों जरूरी है? (pregnancy me thyroid ka level normal rehna kyun jaruri hai) गर्भावस्था में थायराइड ग्रंथि (thyroid gland in hindi) से निकलने वाले हार्मोन शिशु के दिमागी विकास में मदद करते हैं। महिलाओँ की थायराइड ग्रंथि से ह्युमन कोरियोनिक गोनाडोट्रोपिन (human chorionic gonadotropin in hindi) और एस्ट्रोजेन हार्मोन निकलते हैं। ये गर्भवती महिलाओं के रक्त में थायराइड हार्मोन के स्तर को बढ़ाते हैं। प्रेगनेंसी के शुरुआती तीन महीनों तक शिशु को मां के शरीर से थायराइड हार्मोन प्राप्त होता है। करीब 12 हफ्तों के बाद शिशु की अपनी थायराइड ग्रंथि काम करने लगती है। लेकिन विशेषज्ञ बताते हैं कि गर्भावस्था के 18 महीनों वाद शिशु की थायराइड ग्रंथि पर्याप्त मात्रा में हार्मोनों का निर्माण नहीं कर पाती। 3. गर्भावस्था में हाइपो थायराइड की समस्या के क्या कारण होते है? (pregnancy me hypothyroidism kyun hota hai) गर्भावस्था में हाइपो थायरायड (hypothyroidism in hindi) के दो प्रमुख कारण होते हैं। भारत जैसे विकासशील देशों में हाइपो थायरायड की समस्या का प्रमुख कारण गर्भवती के शरीर में आयोडीन (iodin in hindi) की कमी होना है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO in hindi) के अनुसार एक सामान्य महिला को प्रतिदिन 150 मिलीग्राम आयोडीन का सेवन करना चाहिए और गर्भवती महिला को प्रतिदिन 200 से 250 मिलीग्राम आयोडीन लेना चाहिए। शरीर में आयोडीन की कमी होने की वजह से थायराइड ग्रन्थि उचित मात्रा में हार्मोन्स नहीं बना पाती। ऐसे में पिट्यूटरी ग्रन्थि (पीयूष ग्रन्थि) से ज्यादा हार्मोन बनाने के संकेत मिलने की वजह से थायराइड ग्रन्थि फूल जाती है, उसे हाइपो थायरायड (hypothyroidism in hindi) कहा जाता है। गर्भवती के शरीर में आयोडीन की कमी होने से शिशु के दिमागी व शारीरिक विकास में बाधा आ सकती है। गर्भावस्था में हाइपो थायरायड का दूसरा कारण है कि ये एक स्व प्रतिरक्षी रोग (बीमारियों से लड़ने की क्षमता को शरीर के खिलाफ इस्तेमाल करने वाला) है, जो शरीर की श्वेत रक्त कणिकाओं (white blood cells in hindi) और एंटीबॉडीज़ को थायराइड ग्रन्थि की कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए प्रेरित करता है। अगर इस रोग का इलाज ना किया जाए, तो 10 से 15 वर्षों में धीरे धीरे रोगी की मौत हो सकती है। इस रोग की असली वजह अभी तक कोई नहीं जान पाया है, लेकिन कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह किसी वायरस या बैक्टीरिया की वजह से होता है, वहीं कुछ डॉक्टर्स इसकी वजह रोगी के जीन्स को मानते हैं। 4. गर्भावस्था में हाइपो थायराइड की समस्या के लक्षण क्या है? (pregnancy me hypothyroidism ke lakshan kya hai) गर्भावस्था में हाइपो थायराइड रोग के लक्षण (hypothyroidism in hindi) :
  • चेहरे पर सूजन : अगर गर्भावस्था के दौरान महिला के चेहरे पर सूजन होती है तो हाइपो थायराइड (hypothyroidism in hindi) का संकेत हो सकता हैं।
  • त्वचा में सिकुड़न : गर्भवती महिला को अगर त्वचा में सिकुड़न की समस्या होती है, तो हाइपो थायराइड हो सकता है।
  • धीमी नब्ज़ : प्रेगनेंसी के दौरान नब्ज़ धीमी होना भी हाइपो थायराइड रोग के लक्षण (hypothyroidism in hindi) हो सकते है।
  • ठंड न बर्दाश्त कर पाना : हाइपो थायराइड (hypothyroidism in hindi) होने की स्थिति में गर्भवती महिलाएं ज्यादा ठंड बर्दाश्त नहीं कर पाती है।
  • एकाएक वजन बढ़ना : प्रेगनेंसी में महिलाओं का वजन बढ़ना सामान्य है लेकिन अगर वजन असामान्य रूप से बढ़ने लगे तो एक बार अपने डॉक्टर से सलाह ले लें, क्योंकि यह हाइपो थायराइड (hypothyroidism in hindi) का संकेत हो सकता है।
  • ध्यान की कमी और चीजें भूलना : प्रेगनेंसी में अचानक ध्यान की कमी को भी हाइपो थायराइड (hypothyroidism in hindi) के लक्षणों में गिना जाता है।
  • कब्ज की परेशानी : कब्ज की परेशानी बढ़ना हाइपो थायराइड रोग का लक्षण हो सकता है।
  • मांसपेशियों में एेंठन और दर्द : गर्भावस्था के दौरान अगर आपको लगातार मांसपेशियों में एेंठन और दर्द होता है तो इसे हाइपो थायराइड (hypothyroidism in hindi) का लक्षण माना जा सकता है।
  • बाल और नाखूनों का टूटना : प्रेगनेंट महिलाओं में बाल और नाखून टूटने की समस्या भी हाइपो थायराइड के संकेत हो सकते हैं।
  • सेक्स की इच्छा न होना : गर्भावस्था में अगर आपको सेक्स की इच्छा न हो तो आपको हाइपो थायराइड हो सकता है।
  • उंगलियों की त्वचा में कुछ महसूस न होना और दर्द होना : हाइपो थायराइड (hypothyroidism in hindi) की स्थिति में अक्सर प्रेग्नेंट महिलाओं की उंगलियों की त्वचा में कुछ महसूस न होना और दर्द होने का अनुभव होता है।
5. प्रेगनेंट महिला में हाइपो थायराइड होने का पता कैसे लगाया जाता है? (pregnancy me hypothyroidism hone ka pata kaise chalta hai) प्रेगनेंट महिला में हाइपो थायराइड (hypothyroidism in pregnancy in hindi) होने का पता खून की जांच से लगाया जाता है। इस जांच को थायराइड प्रोफाइल टेस्ट (thyroid profile test in hindi) कहा जाता है। आमतौर पर यह जांच लगभग सभी जांच केंद्रों में उपलब्ध होती है। यह जांच विभिन्न प्रकार के हार्मोन्स के स्तरों का पता लगाने के लिए किया जाता है। अगर आपको हाइपो थायरायड (hypothyroidism in hindi) से संबंधित कोई भी लक्षण महसूस होता है तो डॉक्टर आपको थायराइड प्रोफाइल की जांच करवाने की सलाह देते हैं। जांच में यदि आपके थायरॉक्सिन यानी T4 हार्मोन्स स्तर न्यूनतम से कम और थायराइड स्टिम्यूलेटिंग हार्मोन (TSH / Thyroid Stimulating Hormone in hindi) के स्तर में बढ़ोत्तरी पाई जाती है तो आपको हाइपो थायरायड (hypothyroidism in hindi) हो सकता है। इस स्थिति में आपके पियुष ग्रंथि से अधिक टीएसएच का स्राव अधिक होता है। 6. क्या गर्भावस्था में हाइपो थायराइड का इलाज हो सकता है? (kya pregnancy me hypothyroidism ka ilaj ho sakta hai) आमतौर पर जो प्रेगनेंट महिलाएं हाइपो थायरायड (hypothyroidism in hindi) की शिकार होती हैं उनका इलाज थायरॉक्सीन के स्तर को सामान्य रख कर किया जाता है, जो कि T4 हार्मोन के समान दवा है। जिन गर्भवती महिलाओं को गर्भधारण करने से पहले हाइपो थायरायड की समस्या होती है उनमें प्रेगनेंसी के दौरान थायरॉक्सीन के स्तर को बढ़ाने के लिए अायोडीन (iodin in hindi) की दवाएं दी जाती है। चिकित्सक सलाह देते हैं कि अगर आपको पहले से हाइपो थायराइड की समस्या है तो नियमित रूप से थायराइड प्रोफाइल की जांच करवाएं। 7. हाइपो थायराइड की समस्या से प्रेगनेंसी पर क्या प्रभाव पड़ता है? (pregnancy me hypothyroidism ke kya side effects hote hai) गर्भावस्था में हाइपो थायरायड (hypothyroidism in hindi) का मां और शिशु पर दोनों पर दुष्प्रभाव पड़ सकता है। इसीलिए समय-समय पर हाइपो थायराइड के स्तर की जांच कराएं।
  • मां पर हाइपो थायराइड का प्रभाव (maa par hypothyroidism ka prabhav):
    • प्री-एक्लेमप्सिया (pre-eclampsia in hindi)
    • एनीमिया (anemia in hindi)
    • मृत शिशु का जन्म (stillbirth in hindi)
    • गर्भपात (miscarriage in hindi)
      • जन्म के बाद शिशु पर हाइपो थायराइड का प्रभाव (janm ke baad bacche par hypothyroidism ka prabhav)
  • जन्म के समय शिशु का कम वजन
  • दिल की बीमारी (heart disease in hindi)
  • तंत्रिका तंत्र से जुड़ी समस्याएं
  • दिमागी विकास में रुकावट
8. गर्भावस्था में हाइपो थायराइड में क्या खाना चाहिए? (pregnancy me hypothyroidism me kya khana chahiye)
  • अंडा : हाइपो थायराइड होने पर आपको पूरा अंडा खाना चाहिए, क्योंकि अंडे की सफेदी में प्रोटीन और अंडे की जर्दी में आयोडीन और सेलेनियम पाया जाता है।
  • मीट : प्रेगनेंसी में हाइपो थायराइड है तो डॉक्टर सभी प्रकार के मांस खाने की सलाह देते हैं।
  • मछलियां : हाइपो थायराइड होने पर आप सभी प्रकार की समुद्री मछलियों को अपने आहार में शामिल कर सकती हैं। इनमें सालमन, टुना, झींगा मछली आदि प्रमुख हैं।
  • हरी सब्जियां : लगभग सभी प्रकार की हरी सब्जियों में काफी मात्रा में आयरन (iron in hindi) पाया जाता है, जो हाइपो थायराइड नियंत्रण में रखने के लिए अच्छा माना जाता है।
  • फल : विशेषज्ञ, हाइपो थायराइड में कुछ विशेष फलों को खाने की सलाह देते हैं। इनमें मुख्य रूप से केला, संतरा, बेरी (स्ट्रॉबेरी, रास्पबेरी, ब्लूबेरी) शामिल हैं।
  • अनाज : एेसे अनाज जिनमें अधिक मात्रा में फाइबर और प्रोटीन की मात्रा शामिल हो, अपने आहार में उन आनाजों को शामिल करें। इनमें चावल और गैहूं मुख्य हैं।
  • दूध : हाइपो थायराइड होने की स्थिति में आप अपने आहार में दूध एवं उससे बनी बस्तुओं को शामिल कर सकती हैं। जैसे चीज़, दही, पनीर आदि।
  • मुलेठी : हाइपो थायराइड से पीड़ित प्रेगनेंट महिला को थोड़ी-थोड़ी देर में थकान महसूस होती है, इसीलिए उसे मुलेठी खाने की सलाह दी जाती है। मुलेठी के सेवन से उसकी थायराइड ग्रंथि से हार्मोनों का स्राव संतुलित मात्रा में होता है। इससे कम थकान महसूस होती है।
9. गर्भावस्था में हाइपो थायराइड में क्या नहीं खाना चाहिए (pregnancy me hypothyroidism hai to kya nahi khana chahiye) गर्भावस्था में हाइपो थायराइड है तो आपको ढेर सारी चीजों को खाने की मनाही होती है। यहां कुछ एेसी वस्तुओं के बारे में बताया जा रहा है जिन्हें आमतौर पर हाइपो थायराइड होने पर नहीं खाना चाहिए।
  • मसालेदार भोजन : गर्भावस्था में हाइपो थायराइड होने पर मसालेदार खाना नहीं खाना चाहिए।
  • गैस पैदा करने वाली सब्जियां : हाइपो थायराइड में गैस होना अच्छा नहीं माना जाता है। इसीलिए गर्भावस्था में हाइपो थायराइड (thyroid in pregnancy in hindi) की समस्या हो तो गैस करने वाली सब्जियों से दूर रहें। जैसे - पत्ता गोभी, मूली, ब्रोकली एवं पालक आदि।
  • चाय-कॉफी : चाय और कॉफी में कैफीन की मात्रा होती है इसी लिए गर्भावस्था में हाइपो थायराइड (hypothyroidism in pregnancy in hindi) होने पर डॉक्टर ज्यादा चाय और कॉफी सेवन न करने की सलाह देते हैं।
  • सोया युक्त आहार : गर्भावस्था में हाइपो थायराइड है तो आपको सोया युक्त आहार से भी दूर रहना चाहिए। इनमें डॉक्टर सोये का दूध, सोयाबीन्स, टोफू, सोया सॉस आदि खाने से परहेज करने की सलाह देते हैं।
  • शराब और सिगरेट : गर्भावस्था में थायराइड (thyroid in pregnancy in hindi) हो तो शराब और सिगरेट से भी दूर रहें।
10. गर्भावस्था में हाइपो थायराइड के लिए क्या एक्सरसाइज करें? (pregnancy me hypothyroidism ke liye kya exercise kare) दवाओं के अलावा, गर्भावस्था में हाइपो थायराइड (hypothyroidism in pregnancy in hindi) को नियंत्रित करने का एक प्रभावी तरीका व्यायाम यानी एक्सरसाइज होता है। इसीलिए खानपान पर ध्यान देने के साथ ही कुछ सामान्य एक्सरसाइज पर भी ध्यान देना जरूरी होता है। यहां आपको एेसी ही आसान कसरतों के बारें में बताया जा रहा है -
  • थायराइड ग्रंथि के साथ एक्सरसाइज : थायराइड ग्रंथि के साथ एक्सरसाइज करने पर थायराइड हार्मोनों में संतुलन बना रहता है।विधि : सबसे पहले अपने पीठ के बल लेट जाएं और अपने हाथों को फेफड़ों के पास रख कर धीरे धीरे मालिश करें। फिर अपने हाथों को थायराइड ग्रंि के पास रखें और लंबी सांसे छोड़े। हर बार सांस छोड़ने से पहले गले से आवाज निकाले इससे थायराइड स्टीम्यूलेटिंग हार्मोन स्रावित होगा। रोजाना इस एक्सरसाइज को कम से कम पांच से दस मिनट के लिए करें। इससे आपको बेहतर रिजल्ट मिलेंगे।
    • लेग लांचेस : लेग लांचेस एक्सरसाइज करना हाइपो थायराइड के लिए गुणकारी माना जाता है।विधि : पहले अपने दोनों पैरों पर सीधे खड़े हो जाएं। उसके बाद एक पैर को आगे की ओर बढ़ाएं और दूसरे पैर को पीछे की ओर स्ट्रेच करें। दोनों पैर जमीन पर होने चाहिए। अपने दोनों हाथों को कमर पर रखें। इस प्रक्रिया से आपको अपने जांघों की पीछे की ओर खिंचाव महसूस होगा। इस एक्सरसाइज को लेग लांचेस कहते हैं।
      • स्क्वाट : प्रेगनेंसी में लगभग हर स्वस्थ महिला को स्क्वाट एक्सरसाइज करने की सलाह दी जाती है, लेकिन गर्भावस्था में हाइपो थायराइड (hypothyroidism in pregnancy in hindi) से प्रभावित महिलाओँ में यह ज्यादा असरदार होती है। इससे उनकी थायराइड प्रक्रिया में संतुलन बना रहता है।विधि : समतल जमीन पर अपने कंधों के बराबर सीधे खड़े हो जाए और उकड़ु अवस्था में बैठ जाएं। पांच सेकेण्ड के बाद फिर सीधे खड़े हो जाएं। रोजाना यह प्रक्रिया कम से कम दस बार करें।
        • योग : किसी भी रोग के निवारण के लिए योग को लाभकारी माना जाता है। हर रोज सुबह और शाम योग करने से गर्भावस्था में हाइपो थायराइड (hypothyroidism in pregnancy in hindi) की समस्या कम हो सकती है। जैसे प्राणायाम और कपालभाति सबसे प्रभावशाली माना जाता है।
        • पैदल चलें : गर्भावस्था में हाइपो थायराइड (hypothyroidism in pregnancy in hindi) की समस्या होने पर रोजाना सुबह और शाम के समय कम से कम आधे घंटे के लिए खुली हवा में पैदल चलें। इससे आपको थायराइड की परेशानी से राहत मिलेगी।
11. गर्भावस्था में हाइपो थायराइड होने पर क्या करें? (pregnancy me hypothyroidism hone par kya kare) गर्भावस्था में हाइपो थायराइड (hypothyroidism in pregnancy in hindi) होने पर अपनी और गर्भ में पल रहे शिशु की पूरी देखभाल करना बेहद जरूरी है। इसके लिए आपको कुछ सावधानियां बरतने की जरूरत है -
  • अगर आपको गर्भावस्था में हाइपो थायराइड (hypothyroidism in pregnancy in hindi) की समस्या हुई है तो डॉक्टर की जांच के बाद ही दवाइयां लें।
  • थायराइड की दवाईयों से शिशु को नुकसान पहुंच सकता है इसीलिए नियमित रूप से हाइपो थायराइड की जांच कराएं और डॉक्टर की सलाह पर अपने दवाइयों की मात्रा में बदलाव करें।
  • हाइपो थायराइड दवाईयों से किसी गर्भवती महिला को एलर्जी होने की संभावना होती है। यदि दवाईयां लेते हुए आपकी त्वचा में खुजली, आंखों में जलन, थकान या चक्कर आने की समस्या हो तो आप बिना देरी के अपने डॉक्टर से सलाह लें।
  • विशेषज्ञों का कहना है कि लगभग 50 प्रतिशत महिलाओं को गर्भावस्था में हाइपो थायराइड (hypothyroidism in pregnancy in hindi) होने पर उनके पाचन-क्रिया पर इसका बुरा असर पड़ता है। इसीलिए आपको अपने भोजन में भी संतुलन बनाए रखना चाहिए।
  • गर्भावस्था में हाइपो थायराइड (hypothyroidism in pregnancy in hindi) होने पर आपको तनाव से दूर रहना चाहिए।
  • गर्भावस्था में हाइपो थायराइड (hypothyroidism in pregnancy in hindi) से प्रभावित गर्भवती महिला को एक दिन में कम से कम 5 से 6 लीटर पानी पीना चाहिए।
  • डॉक्टर की हर सलाह का पालन ईमानदारी से करें, इससे आप और आपका बच्चा दोनों सुरक्षित रह सकेंगे।
गर्भावस्था में हाइपो थायराइड (hypothyroidism in pregnancy in hindi) हो तो इससे घबराने की कोई बात नहीं है। अत्याधुनिक तकनीकों की मदद से गर्भावस्था में हाइपो थायराइड (hypothyroidism in pregnancy in hindi) का इलाज भी संभव हो गया है। इसीलिए अगर आपको गर्भावस्था के दौरान हाइपो थायराइड के लक्षण महसूस हों तो जल्द से जल्द अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

इस ब्लॉग के विषय - 1. गर्भावस्था में थायराइड क्या होता है? (pregnancy me thyroid kya hota hai), 2. गर्भावस्था में थायराइड का स्तर सामान्य रहना क्यों जरूरी है? (pregnancy me thyroid ka level normal rehna kyun jaruri hai), 3. गर्भावस्था में हाइपो थायराइड की समस्या के क्या कारण होते है? (pregnancy me hypothyroidism kyun hota hai), 4. गर्भावस्था में हाइपो थायराइड की समस्या के लक्षण क्या है? (pregnancy me hypothyroidism ke lakshan kya hai), 5. प्रेगनेंट महिला में हाइपो थायराइड होने का पता कैसे लगाया जाता है? (pregnancy me hypothyroidism hone ka pata kaise chalta hai), 6. क्या गर्भावस्था में हाइपो थायराइड का इलाज हो सकता है? (kya pregnancy me hypothyroidism ka ilaj ho sakta hai), 7. हाइपो थायराइड की समस्या से प्रेगनेंसी पर क्या प्रभाव पड़ता है? (pregnancy me hypothyroidism ke kya side effects hote hai), 8. गर्भावस्था में हाइपो थायराइड में क्या खाना चाहिए? (pregnancy me hypothyroidism me kya khana chahiye), 9. गर्भावस्था में हाइपो थायराइड में क्या नहीं खाना चाहिए (pregnancy me hypothyroidism me ya nahi khana chahiye), 10. गर्भावस्था में हाइपो थायराइड के लिए क्या एक्सरसाइज करें? (pregnancy me hypothyroidism ke liye kya exercise kare), 11. गर्भावस्था में हाइपो थायराइड होने पर क्या करें? (pregnancy me hypothyroidism hone par kya kare)

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