गर्भावस्था में हाइपर थायराइड के लक्षण, कारण और इलाज (Garbhavastha me hyperthyroidism ke lakshan, karan aur ilaj)

गर्भावस्था में हाइपर थायराइड के लक्षण, कारण और इलाज (Garbhavastha me hyperthyroidism ke lakshan, karan aur ilaj)
प्रेगनेंसी के दौरान करीब 30 प्रतिशत गर्भवती महिलाओँ को हाइपर थायराइड (hyperthyroidism in pregnancy in hindi) की समस्या होती है। अगर सही समय पर इसका इलाज नहीं किया जाए तो यह बीमारी मां और गर्भ में पल रहे शिशु, दोनों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। गर्भधारण करने के बाद डॉक्टर आपको सबसे पहले थायराइड हार्मोन की जांच करवाने की सलाह देते है। अलग-अलग जगहों पर हाइपर थायराइड को लेकर महिलाओं की विभिन्न प्रकार की धारणाएं हैं, लेकिन गर्भाधारण करने से पहले थायराइड होना, गर्भावस्था में थायराइड (hyperthyroidism in pregnancy in hindi) होना अलग बातें हैं। इस ब्लॉग में आपको गर्भावस्था में हाइपर थायराइड होने के लक्षण, कारण और थायराइड के इलाज एवं प्रभावों के बारे बताया जा रहा है - 1. गर्भावस्था में थायराइड क्या होता है? (pregnancy me thyroid kya hota hai) 2. गर्भावस्था में थायराइड का स्तर सामान्य रहना क्यों जरूरी है? (pregnancy me thyroid ka level normal rehna kyun jaruri hai) 3. गर्भावस्था में हाइपर थायराइड की समस्या के क्या कारण होते है? (pregnancy me hyperthyroidism kyun hota hai) 4. गर्भावस्था में हाइपर थायराइड के लक्षण क्या है? (pregnancy me hyperthyroidism ke lakshan kya hai) 5. प्रेगनेंट महिला में हाइपर थायराइड होने का पता कैसे लगाया जाता है? (pregnancy me hyperthyroidism hone ka pata kaise chalta hai) 6. क्या गर्भावस्था में हाइपर थायराइड का इलाज हो सकता है? (kya pregnancy me hyperthyroidism ka ilaj ho sakta hai) 7. हाइपर थायराइड की समस्या से प्रेगनेंसी पर क्या प्रभाव पड़ता है? (pregnancy me hyperthyroidism ke kya side effects hote hai) 8. गर्भावस्था में हाइपर थायराइड में क्या खाना चाहिए? (pregnancy me hyperthyroidism me kya khana chahiye) 9. गर्भावस्था में हाइपर थायराइड है तो क्या नहीं खाना चाहिए (pregnancy me hyperthyroidism hai to kya nahi khana chahiye) 10. गर्भावस्था में हाइपर थायराइड है तो कौन सी एक्सरसाइज करें?(pregnancy me hyperthyroidism hai to kon si exercise kare) 11. गर्भावस्था में हाइपर थायराइड होने पर क्या करें? (pregnancy me hyperthyroidism hone par kya kare) 1. गर्भावस्था में थायराइड क्या होता है? (pregnancy me thyroid kya hota hai) गर्भावस्था में थायराइड क्या होता है? (pregnancy me thyroid kya hota hai) थायराइड एक प्रकार तितली की आकार की अंत स्रावी ग्रंथि (endocrine gland in hindi) है, जो गले में होती है। यह दो इंच तक लंबी होती है और इसका भार तकरीबन आधे किलो तक होता है। थायराइड में दो प्रकार के हार्मोन यानी T3 और T4 हार्मोन होते है, जो मानव शरीर में सांस संबंधी समस्या और पाचन क्रिया में सहायक होते है। थायराइड ग्रंथि (thyroid gland in hindi) हार्मोन बनाने, उन्हें सुरक्षित रखने और नसों में छोड़ने में अहम योगदान देती है। 2. गर्भावस्था में थायराइड का स्तर सामान्य रहना क्यों जरूरी है? (pregnancy me thyroid ka level normal rehna kyun jaruri hai) गर्भावस्था में थायराइड का स्तर सामान्य रहना क्यों जरूरी है? (pregnancy me thyroid ka level normal rehna kyun jaruri hai) गर्भावस्था में थायराइड ग्रंथि (thyroid gland in hindi) से निकलने वाले हार्मोन शिशु के दिमागी विकास में मदद करते हैं। महिलाओं की थायराइड ग्रंथि से ह्युमन कोरियोनिक गोनाडोट्रोपिन (human chorionic gonadotropin in hindi) और एस्ट्रोजेन हार्मोन निकलते हैं। ये गर्भवती महिलाओं के रक्त में थायराइड हार्मोन के स्तर को बढ़ाते हैं। प्रेगनेंसी के शुरुआती तीन महीनों तक शिशु को मां के शरीर से थायराइड हार्मोन प्राप्त होता है। करीब 12 हफ्तों के बाद शिशु की अपनी थायराइड ग्रंथि काम करने लगती है। लेकिन विशेषज्ञ बताते हैं कि गर्भावस्था के 18 महीनों वाद शिशु की थायराइड ग्रंथि पर्याप्त मात्रा में हार्मोनों का निर्माण नहीं कर पाती। 3. गर्भावस्था में हाइपर थायराइड की समस्या के क्या कारण होते है? (pregnancy me hyperthyroidism kyun hota hai) गर्भावस्था में हाइपर थायराइड की समस्या के क्या कारण होते है? गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला को हाइपर थायरायड (hyperthyroidism in hindi) होने के अलग अलग कारण होते हैं, जो हम नीचे बता रहे हैं - गर्भावस्था में हाइपर थायरायड (hyperthyroidism in hindi) का मुख्य कारण ग्रेव्ज रोग (grave's disease in hindi) होता है। ग्रेव्ज रोग गर्भवती के रोग प्रतिरोधी तंत्र की एक प्रकार की खराबी होती है, जिसकी वजह से थायराइड ग्रन्थियां बहुत ज्यादा मात्रा में थायराइड हार्मोन बनाने लगती हैं। ग्रेव्ज रोग की वजह से शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता गड़बड़ा सकती है, हालांकि इस रोग का सही कारण आज तक कोई नहीं जान पाया है। थायराइड ग्रन्थियां आमतौर पर पिट्यूटरी ग्रन्थि (पीयूष ग्रन्थि) के निर्देशों पर हार्मोन्स का निर्माण करती है। लेकिन ग्रेव्ज रोग होने पर ग्रेव्ज रोग के एंटीबॉडीज़ थायरोट्रोपिन रिसेप्टर एंटीबॉडीज़ (TRAb in hindi) पिट्यूटरी ग्रन्थि के स्थान पर खुद थायराइड ग्रन्थि को निर्देश देते हैं और इससे थायराइड हार्मोन का ज्यादा मात्रा में उत्पादन होने लगता है, जिससे हाइपर थायरायड (hyperthyroidism in hindi) की समस्या होती है। 4. गर्भावस्था में हाइपर थायराइड के लक्षण क्या है? (pregnancy me hyperthyroidism ke lakshan kya hai) गर्भावस्था में हाइपर थायराइड के लक्षण क्या है? (pregnancy me hyperthyroidism ke lakshan kya hai) गर्भावस्था में सामान्यतः प्रेगनेंट महिलाओं के शरीर में कुछ लक्षणों से थायराइड होने का पता लगाया जाता है। नीचे हाइपर थायराइड (hyperthyroidism in hindi) के लक्षणों के बारे में बताया जा रहा है - गर्भावस्था में हाइपर थायराइड रोग के लक्षण (hyperthyroidism in hindi) :
  • अतिरिक्त थकान : प्रेगनेंसी में थकान होना आम है लेकिन ज्यादा थकान होना हाइपर थायराइड (hyperthyroidism in hindi) का लक्षण हो सकता है।
  • जी मिचलाना और उल्टियां : प्रेगनेंट महिलाओं को पहली तिमाही के दौरान अगर ज्यादा जी मिचलाना और उल्टी (vomiting in hindi) आने की समस्या हो तो यह हाइपर थायराइड (hyperthyroidism in hindi) का लक्षण हो सकता है।
  • अचानक दिल की धड़कनों का बढ़ना : अगर प्रेगनेंट महिला के शरीर में हाइपर थायराइड की समस्या हो रही है तो अचानक उनके दिल की धड़कनें तेज हो सकती हैं।
  • आंखों में समस्या : यदि गर्भावस्था के दौरान आपको आंखों की समस्या जैसे आंखों से कम दिखाई देना और आंखों से बार-बार पानी आना, हो तो आपको हाइपर थायराइड (hyperthyroidism in hindi) होने की संभावना हो सकती है।
  • शुगर का बढ़ना : अगर प्रेगनेंसी के पहले से आपको शुगर की समस्या है और प्रेगनेंसी में यह निरंतर बढ़ती रहती है तो यह हाइपर थायराइड का संकेत हो सकता है।
  • पेट की परेशानी : गर्भावस्था के दौरान अगर आपको लगातार पेट की परेशानी होती है तो इसे हाइपर थायराइड (hyperthyroidism in hindi) का लक्षण माना जा सकता है।
  • एकाएक वजन का घटना : अगर प्रेगनेंसी में आपका वजन बढ़ने की बजाए घट रहा है तो ये हाइपर थायराइड रोग का लक्षण (hyperthyroidism in hindi) हो सकता हैं।
  • दस्त की समस्या : प्रेगनेंसी में दस्त (diarrhea in hindi) की समस्या होना हाइपर थायराइड के संकेत हो सकते हैं।
  • भूख बढ़ना : गर्भावस्था में ज्यादा भूख लगना हाइपर थायराइड रोग का लक्षण (hyperthyroidism in hindi) हो सकता है।
5. प्रेगनेंट महिला में हाइपर थायराइड होने का पता कैसे लगाया जाता है? (pregnency me hyperthyroidism hone ka pata kaise chalta hai) प्रेगनेंट महिला में हाइपर थायराइड होने का पता कैसे लगाया जाता है? (pregnency me hyperthyroidism hone ka pata kaise chalta hai) प्रेगनेंट महिला में हाइपर थायराइड (hyperthyroidism in pregnancy in hindi) होने का पता खून की जांच से लगाया जाता है। इस जांच को थायराइड प्रोफाइल टेस्ट (thyroid profile test in hindi) कहा जाता है। आमतैर पर सभी जांच केंद्रों में यह जांच उपलब्द्ध होती है। यह जांच विभिन्न प्रकार के हार्मोन्स के स्तरों का पता लगाने के लिए की जाती है। अगर आपको हाइपर थायरायड (hyperthyroidism in hindi) से संबंधित कोई भी लक्षण महसूस होता है तो आपको अल्ट्रासेंसिटिव टीएसएच (TSH in hindi) की जांच करवानी चाहिए। जांच में अगर थायरॉक्सिन यानी T4 हार्मोन के स्तर में बढ़ोत्तरी और थायराइड स्टिम्यूलेटिंग हार्मोन (TSH / Thyroid Stimulating Hormone in hindi) का स्तर न्यूनतम स्तर से नीचे आता है तो आपको हाइपर थायरायड (hyperthyroidism in hindi) हो सकता है। हालांकि प्रेगनेंसी की पहली तिमाही के दौरान खून में टीएसएच न्यूनतम स्तर से नीचे हो सकता है। थायराइड स्टिम्यूलेटिंग इम्यूनोग्लोबिन (TSI / Thyroid Stimulating Immunoglobin in hindi) : यदि आपको पहले ग्रेव्ज बीमारी की समस्या रही हो तो खून में थायराइड स्टिम्यूलेटिंग इम्यूनोग्लोबिन की मात्रा ज्यादा हो सकती है। 6. क्या गर्भावस्था में हाइपर थायराइड का इलाज हो सकता है? (kya pregnancy me hyperthyroidism ka ilaj ho sakta hai) क्या गर्भावस्था में हाइपर थायराइड का इलाज हो सकता है? (kya pregnancy me hyperthyroidism ka ilaj ho sakta hai) गर्भावस्था में हाइपर थायराइड (hyperthyroidism in pregnancy in hindi) का इलाज संभव है। सही समय पर हाइपर थायराइड के लक्षणों की पहचान की जाए और डॉक्टर की सलाह ली जाए तो सामान्य दवाओं की मदद से हाइपर थायराइड की समस्या को रोका जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि हाइपर थायरायड (hyperthyroidism in hindi) होने की स्थिति में आपको चिकित्सकीय जांच की जरूरत होती है। प्रेगनेंसी में हाइपर थायरायड का इलाज सीमित है, क्योंकि इलाज के तरीके गर्भ में पल रहे शिशु के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इससे भ्रूण के विकास पर भी असर पड़ता है। कभी-कभी हाइपर थायरायड (hyperthyroidism in hindi) में गर्भवती महिला को दवाईयां दी जाती है ताकि उसकी अनियमित दिल की धड़कनों पर नियंत्रण रखा जा सके। हालांकि अगर आपके टीएसएच (TSH in hindi) का स्तर कम और T4 सामान्य होता है तो आपको इलाज की जरूरत नहीं है। 7. हाइपर थायराइड की समस्या से प्रेगनेंसी पर क्या प्रभाव पड़ता है? (pregnancy me hyperthyroidism ke kya side effects hote hai) हाइपर थायराइड की समस्या से प्रेगनेंसी पर क्या प्रभाव पड़ता है? (pregnancy me hyperthyroidism ke kya side effects hote hai) प्रेेगनेंसी में होने वाले हाइपर थायराइड से आप और आपके भ्रूण दोनों पर इसका दुष्प्रभाव पड़ सकता है। इसे नजरअंदाज किया हो तो इससे आपको और आपके भ्रूण को जान का जोखिम हो सकता है। नीचे हाइपर थायरायड (hyperthyroidism in hindi) से मां और बच्चे पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में बताया गया है - गर्भावस्था में हाइपर थायरायड (hyperthyroidism in hindi) का मां और शिशु पर दुष्प्रभाव
  • मां पर हाइपर थायराइड के दुष्प्रभाव (maa par hyperthyroidism ka asar):
    • हार्ट अटैक (heart attack in hindi)
    • प्रेगनेंसी की अंतिम माह में हाई बीपी (gestational hypertension in hindi) की समस्या
    • गर्भपात (miscarriage in hindi)
    • प्रीमैच्योर डिलीवरी यानी समयपूर्व बच्चे का जन्म
    • प्री-एक्लेमप्सिया (pre-eclampsia in hindi)
    • मृत्य शिशु का जन्म (stillbirth in hindi)
  • जन्म के बाद शिशु पर हाइपर थायराइड के दुष्प्रभाव (bacche par hyperthyroidism ka asar)
    • असामान्य हृदय गति (uncontrolled heartbeat in hindi)
    • जन्म के समय कम वजन
    • जन्म के समय से भ्रूण में भी थायराइड की समस्या
8. गर्भावस्था में हाइपर थायराइड में क्या खाना चाहिए? (pregnancy me hyperthyroidism me kya khana chahiye) गर्भावस्था में हाइपर थायराइड में क्या खाना चाहिए? (pregnancy me hyperthyroidism me kya khana chahiye) प्रेगनेंसी के दौरान हाइपर थायराइड (hyperthyroidism in pregnancy in hindi) होने पर आपको अपने खाने पीने का पूरा ख्याल रखना चाहिए, वरना इसका दुष्प्रभाव आपके साथ अापके शिशु पर भी पड़ सकता है। कुछ खाने पीने की चीजों को खाकर और कुछ वस्तुओं का परहेज करके आप अपनी हाइपर थायराइड की समस्या को नियंत्रण में रख सकती हैं - गर्भावस्था में हाइपर थायराइड है तो क्या खाना चाहिए -
  • कम आयोडीन युक्त भोजन : गर्भावस्था में हाइपर थायराइड होने की स्थिति में विशेषज्ञ आपको कम आयोडीन युक्त भोजन खाने की सलाह देते हैं। इनमें मुख्य रूप से कम आयोडीन युक्त नमक, बिना दूध की चाय और खॉफी, अंडे का सफेद भाग, ताजे फल, बिना नमक की मूंगफली, बिना नमक के बना ब्रेड, बिना नमक के पॉपकॉर्न, ओट्स, आलू और शहद शामिल हैं।
  • हरी सब्जियां : गर्भावस्था में हाइपर थायराइड होने पर कुछ हरी सब्जियों को खाना फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि इनमें आयोडीन की कम मात्रा पाई जाती है। यह हाइपर थायराइड को संतुलित रखने में मदद करती है। इनमें ब्रोकली, पत्ता गोभी, फूलगोभी, सरसों का साग, बैम्बू शूट्स (एक तरह का बांस), ब्रसल स्प्राउट्स, बॉक चॉय़ या सफेद पत्ता गोभी आदि मुख्य हैं।
  • मसालें : हल्दी का पाउडर, हरी मिर्च, काली मिर्च का पाउडर आदि का इस्तेमाल कर सकती है।
  • विटामिन्स एवं मिनरल्स : विटामिन (vitamin in hindi) एवं खनिज (minerals in hindi) युक्त वस्तुओं को अपने भोजन में शामिल कर के आप हाइपर थायराइड को नियंत्रण में रख सकती हैं। इनमें आयरन, जिंक, सेलेनियम, कैल्शियम एवं विटामिन डी अहम हैं।
    • आयरन युक्त आहार : हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, मुंगफलीयां, साबुत अनाज, चिकन और मटन आदि।
    • सेलेनियम युक्त आहार : चावल, मशरूम, चाय, लाल मांस (जैसे बकरी और भेड़ की मीट), ओट्स, सूरजमुखी के बीज आदि।
    • जिंक युक्त आहार : काबुली चने, कोकोआ पाउडर, काजू, मशरूम, कद्दु के बीज आदि।
    • कैल्शियम युक्त आहार : पालक, सफेद सेम, संतरे का जूस, बादाम का दूध और उससे बनीं वस्तुएं, अनाज आदि।
    • विटामिन डी युक्त आहार : संतरे का जूस, अनाज, मशरूम एंव ओमेगा 3 फैटी एसिड वाली मछलियां आदि।
    • वसा युक्त आहार : जैतून का तेल, बटर फ्रूट का तेल, नारियल का तेल, सूरजमुखी का तेल आदि।
9. गर्भावस्था में हाइपर थायराइड है तो क्या नहीं खाना चाहिए (pregnancy me hyperthyroidism hai to kya nahi khana chahiye) गर्भावस्था में हाइपर थायराइड है तो क्या नहीं खाना चाहिए (pregnancy me hyperthyroidism hai to kya nahi khana chahiye)
  • अत्यधिक मात्रा में आयोडीन : सभी प्रकार की समुद्री मछलियों में आयोडीन की अत्यधिक मात्रा पाई जाती है। इसीलिए गर्भावस्था में यदि आपको हाइपर थायरायड की शिकायत है तो समुद्री मछलियां न खाएं। इनमें मुख्य रूप से झींगा मछली, केंकड़ा, लॉबस्टर, सुशी आदि शामिल है। इसके अलावा एेसे भोजन से भी परहेज करें जिनमें ज्यादा मात्रा में आयोडीन होता है, इनमें दूध एवं उससे बनी वस्तुएं, अंडे की जर्दी, अायोडीन युक्त नमक, आयोडीन युक्त पानी आदि मुख्य हैं। कई दवाओं में भी आयोडीन की अत्यधिक मात्रा होती है। जैसे कफ सिरप, विटामिन सप्लीमेंट्स की दवाएं।
  • नाइट्रेट युक्त आहार : गर्भावस्था में हाइपर थायराइड है तो अपने आहार में नाइट्रेट युक्त आहार को दूर रखें। नाइट्रेट युक्त आहार में पैकेज्ड मीट प्रमुख होते हैं, जिनमें सॉसेज, बेकन, पेपररोनी, पालक, बीटरूट, लेटूस, ब्रोकली, गाजर, खीरा, कद्दु शामिल है।
  • गेंहू : कुछ प्रेगनेंट महिलाओं को हाइपर थायराइड में गेंहू भी नुक्सान पहुंचाता है। इसीलिए आगे बताए गए वस्तुओं को अपने भोजन में सीमित रखें। जैसे बार्ली, राई का आटा आदि।
10. गर्भावस्था में हाइपर थायराइड है तो कौन सी एक्सरसाइज करें?(pregnancy me hyperthyroidism hai to kon si exercise kare) गर्भावस्था में हाइपर थायराइड है तो कौन सी एक्सरसाइज करें?(pregnancy me hyperthyroidism hai to kon si exercise kare) दवाओं के अलावा, गर्भावस्था में हाइपर थायराइड (hyperthyroidism in pregnancy in hindi) को नियंत्रित करने का एक प्रभावी तरीका व्यायाम यानी एक्सरसाइज होता है। इसीलिए खानपान पर ध्यान देने के साथ ही कुछ सामान्य एक्सरसाइज पर भी ध्यान देना जरूरी होता है। यहां आपको एेसी ही आसान कसरतों के बारें में बताया जा रहा है -
  • थायराइड ग्रंथि के साथ एक्सरसाइज : थायराइड ग्रंथि की एक्सरसाइज करने पर थायराइड हार्मोनों में संतुलन बना रहता है।
    • विधि : सबसे पहले अपने पीठ के बल लेट जाएं और अपने हाथों को फेफड़ों के पास रख कर धीरे धीरे मालिश करें। फिर अपने हाथों को थायराइड ग्रंथि के पास रखें और लंबी सांसे छोड़े। हर बार सांस छोड़ने से पहले गले से आवाज निकाले इससे थायराइड स्टीम्यूलेटिंग हार्मोन स्रावित होगा। रोजाना इस एक्सरसाइज को कम से कम पांच से दस मिनट के लिए करें। इससे आपको बेहतर रिजल्ट मिलेंगे।
  • लेग लंजिस : लेग लांचेस एक्सरसाइज करना हाइपर थायराइड के लिए गुणकारी माना जाता है
    • विधि : पहले अपने दोनों पैरों पर सीधे खड़े हो जाएं। उसके बाद एक पैर को आगे की ओर बढ़ाएं और दूसरे पैर को पीछे की ओर स्ट्रेच करें। दोनों पैर जमीन पर होने चाहिए। अपने दोनों हाथों को कमर पर रखें। इस प्रक्रिया से आपको अपने जांघों की पीछे की ओर खिंचाव महसूस होगा। इस एक्सरसाइज को लेग लांचेस कहते हैं।
  • स्क्वाट : प्रेगनेंसी में लगभग हर स्वस्थ महिला को स्क्वाट एक्सरसाइज करने की सलाह दी जाती है, लेकिन गर्भावस्था में हाइपर थायराइड (hyperthyroidism in pregnancy in hindi) से प्रभावित महिलाओँ में यह ज्यादा असरदार होती है। इससे उनकी थायराइड प्रक्रिया में संतुलन बना रहता है।
    • विधि : समतल जमीन पर अपने कंधों के बराबर सीधे खड़े हो जाए और उकड़ु अवस्था में बैठ जाएं। पांच सेकेण्ड के बाद फिर सीधे खड़े हो जाएं। रोजाना यह प्रक्रिया कम से कम दस बार करें।
  • योग : हर प्रकार के रोग निवारण के लिए योग को लाभकारी माना जाता है। हर रोज सुबह और शाम कपालभाति और प्राणायाम करने से गर्भावस्था में थायराइड (thyroid in pregnancy in hindi) की समस्या कम हो सकती है।
  • पैदल चलें : गर्भावस्था में थायराइड (thyroid in pregnancy in hindi) की समस्या होने पर रोजाना सुबह और शाम के समय कम से कम आधे घंटे के लिए खुली हवा में पैदल चलें। इससे आपको थायराइड की परेशानी से राहत मिलेगी।
11. गर्भावस्था में हाइपर थायराइड होने पर क्या करें? (pregnancy me hyperthyroidism hone par kya kare) गर्भावस्था में हाइपर थायराइड होने पर क्या करें? (pregnancy me hyperthyroidism hone par kya kare) गर्भावस्था में हाइपर थायराइड (hyperthyroidism in pregnancy in hindi) होने पर अपनी और गर्भ में पल रहे शिशु की पूरी देखभाल करना बेहद जरूरी है। इसके लिए आपको कुछ सावधानियां बरतने की जरूरत है -
  • अगर आपको गर्भावस्था में हाइपर थायराइड (hyperthyroidism in pregnancy in hindi) की समस्या हुई है तो डॉक्टर की जांच के बाद ही दवाइयां लें।
  • थायराइड की दवाईयों से भ्रूण को नुकसान पहुंच सकता है इसीलिए नियमित रूप से हाइपर थायराइड की जांच कराएं और डॉक्टर की सलाह पर अपने दवाईयों की मात्रा में बदलाव करें।
  • थायराइड दवाईयों से किसी गर्भवती महिला को एलर्जी होने की संभावना होती है। यदि थायराइड दवाईयां लेते हुए आपकी त्वचा में खुजली, आंखों में जलन, थकान या चक्कर आने की समस्या हो तो आप बिना देरी के अपने डॉक्टर से सलाह लें।
  • विशेषज्ञों का कहना है कि लगभग 50 प्रतिशत महिलाओं को गर्भावस्था में हाइपर थायराइड (hyperthyroidism in pregnancy in hindi) होने पर उनके पाचन-क्रिया पर इसका बुरा असर पड़ता है। इसीलिए आपको अपने भोजन में भी संतुलन बनाए रखना चाहिए।
  • गर्भावस्था में हाइपर थायराइड (hyperthyroidism in pregnancy in hindi) होने पर आपको तनाव से दूर रहना चाहिए।
  • गर्भावस्था में हाइपर थायराइड (hyperthyroidism in pregnancy in hindi) से प्रभावित गर्भवती महिला को एक दिन में कम से कम 5 से 6 लीटर पानी पीना चाहिए।
  • डॉक्टर की हर सलाह का पालन ईमानदारी से करें, इससे आप और आपका बच्चा दोनों सुरक्षित रह सकेंगे।
गर्भावस्था में हाइपर थायराइड (hyperthyroidism in pregnancy in hindi) हो तो इससे घबराने की कोई बात नहीं है। अत्याधुनिक तकनीकों की मदद से गर्भावस्था में हाइपर थायराइड (hyperthyroidism in pregnancy in hindi) का इलाज भी संभव हो गया है। गर्भावस्था में हाइपर थायराइड की समस्या का समय पर इलाज करवाकर आप एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दे सकती हैं। इसीलिए अगर आपको गर्भावस्था के दौरान हाइपर थायराइड के लक्षण महसूस हों तो जल्द से जल्द अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
इस ब्लॉग के विषय - 1. गर्भावस्था में थायराइड क्या होता है? (pregnancy me thyroid kya hota hai), 2. गर्भावस्था में थायराइड का स्तर सामान्य रहना क्यों जरूरी है? (pregnancy me thyroid ka level normal rehna kyun jaruri hai), 3. गर्भावस्था में हाइपर थायराइड की समस्या के क्या कारण होते है? (pregnancy me hyperthyroidism kyun hota hai), 4. गर्भावस्था में हाइपर थायराइड के लक्षण क्या है? (pregnancy me hyperthyroidism ke lakshan kya hai), 5. प्रेगनेंट महिला में हाइपर थायराइड होने का पता कैसे लगाया जाता है? (pregnency me hyperthyroidism hone ka pata kaise chalta hai), 6. क्या गर्भावस्था में हाइपर थायराइड का इलाज हो सकता है? (kya pregnancy me hyperthyroidism ka ilaj ho sakta hai), 7. हाइपर थायराइड की समस्या से प्रेगनेंसी पर क्या प्रभाव पड़ता है? (pregnancy me hyperthyroidism ke kya side effects hote hai), 8. गर्भावस्था में हाइपर थायराइड में क्या खाना चाहिए? (pregnancy me hyperthyroidism me kya khana chahiye), 9. गर्भावस्था में हाइपर थायराइड है तो क्या नहीं खाना चाहिए (pregnancy me hyperthyroidism hai to kya nahi khana chahiye), 10. गर्भावस्था में हाइपर थायराइड है तो कौन सी एक्सरसाइज करें?(pregnancy me hyperthyroidism hai to kon si exercise kare), 11. गर्भावस्था में हाइपर थायराइड होने पर क्या करें? (pregnancy me hyperthyroidism hone par kya kare)
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