गर्भावस्था में सफेद पानी आना: कारण और सावधानी (Pregnancy me safed pani aana: karan or savdhani)

गर्भावस्था में सफेद पानी आना: कारण और सावधानी (Pregnancy me safed pani aana: karan or savdhani)

गर्भावस्था के दौरान नौ महीनों का सफ़र गर्भवती महिला के लिए काफी उतार-चढ़ाव भरा होता है। इस बीच हर गर्भवती को कई शारीरिक समस्याओं से जूझना पड़ता है, जिनमें प्रेगनेंसी में सफेद पानी आना (white discharge during pregnancy in hindi) या व्हाइट डिस्चार्ज एक है।

यह गर्भावस्था के दौरान मुख्यतः हार्मोनल बदलावों की वजह से होता है। इस ब्लॉग में हम आपको प्रेगनेंसी में सफेद पानी (white discharge in pregnancy in hindi) कब आता है, इसके कारण और इससे जुड़ी सावधानियां बता रहे हैं।

1. गर्भावस्था में सफेद पानी आना क्या है?

(pregnancy me safed pani aana kya hai)

pregnancy me safed pani aana

प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में कई असामान्य परिवर्तन होते हैं, जिनमें से गर्भावस्था में सफेद पानी आना (white discharge during pregnancy in hindi) एक है। प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती की योनि से सफेद पानी आने को ल्यूकोरिया (leukorrhea in hindi) कहते हैं।

इसके अलावा इसे आम भाषा में योनि से सफेद पानी आना भी कहते हैं। आमतौर पर ल्यूकोरिया हल्की दुर्गंध से भरा सफेद रंग का तरल पदार्थ होता है।

2. प्रेगनेंसी में व्हाइट डिस्चार्ज कब होता है?

(pregnancy me white discharge kab hota hai)

pregnancy me white discharge

गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था में व्हाइट डिस्चार्ज (white discharge during pregnancy in hindi) पहली तिमाही से शुरू होता है और यह लगभग पूरी प्रेगनेंसी रहता है।

  • पहली तिमाही में सफेद पानी आना- गर्भावस्था की पहली तिमाही में महिलाओं के शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव की वजह से उन्हें व्हाइट डिस्चार्ज (white discharge in pregnancy in hindi) होता है।

    प्रेगनेंसी की पहली तिमाही के दौरान होने वाला व्हाइट डिस्चार्ज, अगर हल्का चिपचिपा, तरल, सफेद रंग और गंधहीन है तो यह सामान्य होता है, लेकिन यदि ऊपर बताए गए लक्षण विपरीत होते हैं, यानी अगर सफेद डिस्चार्ज गाढ़ा, चिपचिपा, सफेद और गंधयुक्त होता है तो यह असामान्य हो सकता है।

  • दूसरी तिमाही में सफेद पानी आना- कुछ गर्भवती महिलाओं को दूसरी तिमाही के दौरान सफेद पानी आना (white discharge during pregnancy in hindi) बंद हो जाता है और तीसरी तिमाही शुरू होते ही फिर से वापिस आने लगता है।

    वहीं कुछ महिलाओं को गर्भावस्था की दूसरी तिमाही के दौरान हार्मोनल बदलाव के अलावा दो मुख्य कारण, यीस्ट संक्रमण (pregnancy me yeast infection) और यौन संचारित रोग (pregnancy me sexually transmitted disease) की वजह से प्रेगनेंसी में सफेद पानी आता है।

    गर्भावस्था के बढ़ने के साथ महिलाओं की योनि से सफेद पानी आने की मात्रा भी बढ़ने लगती है। ऐसे में व्हाइट डिस्चार्ज की मात्रा, उसके रंग और गंध की तीव्रता में बदलाव होने पर डॉक्टर से सलाह लें।

  • तीसरी तिमाही में सफेद पानी आना- प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही में सफेद पानी आना (white discharge in pregnancy in hindi) सामान्य होता है, लेकिन अगर व्हाइट डिस्चार्ज की मात्रा ज्यादा है और बार-बार पैंटी बदलने की जरूरत पड़ रही है, तो आपको अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

    दरअसल, गर्भावस्था की तीसरी तिमाही के दौरान गर्भाशय ग्रीवा (cervix in hindi) प्रसव के लिए तैयार होती है, जिसकी वजह से म्यूकस (mucus in hindi) निकलता है। यह कभी-कभी हल्के सफेद तो कभी हल्के भूरे रंग का हो सकता है।

3. गर्भावस्था में सफेद पानी आने के कारण क्या हैं?

(pregnancy me safed pani aane ke karan kya hai)

pregnancy me safed pani aane ke karan

प्रेगनेंसी में सफेद पानी आना या व्हाइट डिस्चार्ज (white discharge during pregnancy in hindi) का सबसे बड़ा कारण महिला के शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव होते हैं। प्रेगनेंसी में सफेद पानी आने के अन्य कई कारण हो सकते हैं, जो निम्न हैं-

  • प्रेगनेंसी में सफेद पानी आना: एस्ट्रोजेन हार्मोन की वृद्धि के कारण- आमतौर पर महिलाओँ को प्रेगनेंसी में पहली, दूसरी एवं तीसरी तिमाही के दौरान व्हाइट डिस्टार्ज (white discharge in pregnancy in hindi) एस्ट्रोजेन हार्मोंन की वृद्धि के कारण होता है।

  • गर्भावस्था में सफेद पानी आना: गर्भाशय ग्रीवा में हुए बदलाव के कारण- यह स्थिति अक्सर तीसरी तिमाही में होती है। गर्भावस्था के दौरान गर्भाशय ग्रीवा (cervix in hindi) में होने वाले बदलाव के कारण प्रेगनेंसी में सफेद पानी आता है (white discharge during pregnancy in hindi)।

    दरअसल, तीसरी तिमाही के दौरान सर्विक्स या योनि की दीवार अधिक संवेदनशील एवं लचीली होने और फैलने की वजह से गर्भवती महिला के शरीर से अत्यधिक तरल पदार्थ व्हाइट डिस्चार्ज के रूप में बाहर निकलता है।

  • प्रेगनेंसी में सफेद पानी आना: पैल्विक क्षेत्र में रक्त प्रवाह में वृद्धि के कारण- आमतौर पर यह स्थिति गर्भावस्था की तीसरी तिमाही के दौरान होती है। गर्भकाल के दौरान महिला के पैल्विक क्षेत्र (pelvic area in hindi) में रक्त प्रवाह में होने वाली वृद्धि के कारण प्रेगनेंसी में सफेद पानी आता है (white discharge in pregnancy in hindi)।

  • गर्भावस्था में सफेद पानी आना: यौन संचारित रोगों के कारण- यौन संचारित रोगों के कारण दूसरी और तीसरी तिमाही के दौरान प्रेगनेंसी में सफेद पानी आता है (white discharge during pregnancy in hindi)। इस स्थिति में अक्सर व्हाइट डिस्चार्ज, गहरा सफेद या हल्के भूरे रंग का अथवा ज्यादा चिपचिपा होता है। एेसे लक्षण दिखाई देने पर अपने डॉक्टर से सलाह लें।

  • प्रेगनेंसी में सफेद पानी आना: यीस्ट संक्रमण के कारण- गर्भावस्था की दूसरी और तीसरी तिमाही के दौरान यीस्ट संक्रमण (pregnancy me yeast infection) हो सकता है और इसकी वजह से भी प्रेगनेंसी में सफेद पानी आता है (white discharge in pregnancy in hindi)।

4. प्रेगनेंसी में सफेद पानी आना असामान्य कब होता है?

(pregnancy me safed pani aana asamanya kab hota hai)

pregnancy me yoni se safed pani ana

गर्भकाल के दौरान गर्भवती महिला के शरीर में होने वाले विभिन्न बदलावों की वजह से कभी-कभी व्हाइट डिस्चार्ज असामान्य हो जाता है। समय रहते असामान्य व्हाइट डिस्चार्ज के लक्षणों की जानकारी होना बेहद जरूरी है, ताकि इससे होने वाले संक्रमण से बचा जा सके। प्रेगनेंसी में सफेद पानी आना (white discharge during pregnancy in hindi) असामान्य कब होता है, ये नीचे बताया गया है-

  • जब व्हाइट डिस्चार्ज से दुर्गंध आने लगे
  • जब व्हाइट डिस्चार्ज का रंग बदलने लगे
  • जब व्हाइट डिस्चार्ज से जलन होने लगे
  • जब व्हाइट डिस्चार्ज से खुजली होने लगे

5. प्रेगनेंसी में असामान्य व्हाइट डिस्चार्ज का इलाज क्या होता है?

(pregnancy me abnormal white discharge ka ilaj kya hota hai)

pregnancy me safed pani ane ka ilaj

गर्भावस्था में सफेद पानी आने (white discharge during pregnancy in hindi) का इलाज उसके असामान्य होने के लक्षणों के आधार पर किया जाता है। विभिन्न प्रकार की दवाओं से इसका इलाज होता है।

गर्भवती महिला को एंटी फंगल क्रीम या जेल (antifungal cream or gel) दिया जाता है। इस प्रकार की क्रीम या जेल को श्रोणि के अंदर डाला जाता है। असामान्य व्हाइट डिस्चार्ज से जुड़े अन्य संक्रमणों के इलाज के लिए डॉक्टर एंटीबायोटिक दवाएं देते हैं।

ध्यान दें- प्रेगनेंसी में सफेद पानी आना, असामान्य है या नहीं इसकी जांच केवल डॉक्टर कर सकते हैं। इसीलिए व्हाइट डिस्चार्ज (white discharge in hindi) में जलन, खुजली और तेज दुर्गंध महसूस हो, तो तुरंत अपने डॉक्टर से सलाह लें। याद रहे प्रेगनेंसी के दौरान बिना डॉक्टर की अनुमति के किसी भी प्रकार की दवाइयां लेना मां और शिशु दोनों के लिए हानिकारक हो सकता है।

6. गर्भावस्था में सफेद पानी आने के क्या जोखिम होते है?

(pregnancy me safed pani aane ke kya jokhim hote hai)

गर्भावस्था में सफेद पानी आने (white discharge during pregnancy in hindi) से कई बार संक्रमण होने का जोखिम होता है। इससे मां और शिशु को कई शारीरिक समस्याएं भी हो सकती हैं। व्हाइट डिस्चार्ज से होने वाले संक्रमण नीचे बताए गए हैं-

  • थ्रश (thrush in pregnancy in hindi) के लक्षण

    • गाढ़े रंग का सफेद पानी आना।
    • योनि में खुजली होना।
    • योनि क्षेत्र का रंग लाल हो जाना।
    • पेशाब से दुर्गंध आना।

    जोखिम- हालांकि थ्रश संक्रमण से मां और शिशु को कुछ गंभीर शारीरिक समस्या होने की आशंका कम होती है, लेकिन इसके होने से गर्भावस्था असंतोषजनक हो सकती है।

  • बैक्टेरियल वेजिनोसिस (bacterial vaginosis in pregnancy in hindi) के लक्षण

    • सेक्स या रिलेशन बनाने के बाद व्हाइट डिस्चार्ज से दुर्गंध आना।
    • व्हाइट डिस्चार्ज हल्का और पतला होना।
    • व्हाइट डिस्चार्ज पूरा सफेद या सलेटी रंग का होना।

    जोखिम- समय से पहले बैक्टेरियल वेजिनोसिस संक्रमण का इलाज न किया गया तो इससे प्रसव पूर्व शिशु का जन्म (premature delivery in hindi) हो सकता है। इस संक्रमण से गर्भपात (miscarriage in hindi) भी हो सकता है।

  • ट्राइकोमोनिएसिस (trichomoniasis in pregnancy in hindi)

    • सामान्य से ज्यादा व्हाइट डिस्चार्ज होना।
    • सफेद पानी गाढ़ा या हल्का होना।
    • योनि से होने वाले व्हाइट डिस्चार्ज से मछली जैसी दुर्गंध आना।
    • योनि में जलन और खुजली होना।
    • सेक्स या रिलेशन बनाते समय योनि में दर्द होना।
    • व्हाइट डिस्चार्ज का रंग पीला या हरा होना।

    जोखिम- ट्राइकोमोनिएसिस संक्रमण से शिशु की समयपूर्व डिलीवरी (premature delivery in hindi) हो सकती है और जन्म के समय शिशु का वजन कम हो सकता है। इसीलिए समय रहते डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

7. प्रेगनेंसी में योनि से व्हाइट डिस्चार्ज के अलावा किन रंगों के स्राव हो सकते हैं?

(pregnancy me yoni se white discharge ke alawa kin rango ke discharge ho sakte hai)

pregnancy me yoni se pani ane ka rang

गर्भावस्था में व्हाइट डिस्चार्ज (white discharge during pregnancy in hindi) के अलावा सात अलग-अलग रंगों के स्राव हो सकते हैं। इनमें से सामान्य और असामान्य स्रावों की सूची नीचे बताई गई है।

  • गुलाबी / पिंक डिस्चार्ज (pink discharge during pregnancy in hindi): प्रेगनेंसी के दौरान सर्विक्स की त्वचा में खिंचाव और सूजन की वजह से गर्भवती को गुलाबी या पिंक डिस्चार्ज हो सकता है। कुछ अन्य मामलों में यह सेक्स या संभोग से होने वाले संक्रमण के कारण भी हो सकता है। अगर प्रसव के कुछ दिनों पहले आपको गुलाबी या पिंक डिस्चार्ज हो रहा है तो आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

  • गहरा भूरा / ब्राऊन डिस्चार्ज (brown discharge during pregnancy in hindi): गर्भधारण के दौरान ब्राऊन डिस्चार्ज, प्रत्यारोपण यानी शिशु के गर्भाशय की दीवार से जुड़ जाने की वजह से हो सकता है। गर्भावस्था की पहली तिमाही में ब्राऊन डिस्चार्ज या स्पॉटिंग को सामान्य माना जाता है। हालांकि प्रेगनेंसी के अन्य चरणों में ब्राऊन डिस्चार्ज ज्यादा होने पर डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

  • लाल / रेड डिस्चार्ज (red discharge during pregnancy in hindi): प्रेगनेंसी के दौरान लाल (रेड) डिस्चार्ज मुख्यतः प्रत्यारोपण की वजह से हो सकता है। यह प्रेगनेंसी के शुरुआती दिनों में ब्लीडिंग या स्पॉटिंग के रूप में निकलता है।

    पहली तिमाही के बाद योनि में संक्रमण और अन्य किसी कारण की वजह से भी रेड डिस्चार्ज हो सकता है। अगर गर्भावस्था के दौरान आपको लाल रंग का डिस्चार्ज हो रहा है और यह पानी के समान पतला है, तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

  • पीला / यलो डिस्चार्ज (yellow discharge during pregnancy in hindi): गर्भावस्था में पीला या यलो डिस्चार्ज मुख्यतः यीस्ट संक्रमण या यौन संचारित रोगों की वजह से होता है। अगर इस प्रकार के डिस्चार्ज से तेज दुर्गंध आती है और जलन होती है, तो तुरंत अपने डॉक्टर को इसकी सूचना दें।

  • हरा / ग्रीन डिस्चार्ज (green discharge during pregnancy in hindi): गर्भावस्था में हरा या ग्रीन डिस्चाार्ज यीस्ट संक्रमण और यौन संचारित रोगों की वजह से होता है। ग्रीन डिस्चार्ज किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। खासतौर पर अगर यह पानी जैसा हो या फिर इसमें से दुर्गंध आए तो अपने डॉक्टर से सलाह लें।

  • सलेटी / ग्रे डिस्चार्ज (grey discharge during pregnancy in hindi): प्रेगनेंसी में सलेटी या ग्रे डिस्चार्ज सामान्यतः योनि में संक्रमण की वजह से होता है। अगर यह पानी के समान हो और इसमें से मछली जैसी गंध आए तो बिना देरी के अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

8. गर्भावस्था में सफेद पानी आने पर क्या सावधानी बरतें?

(pregnancy me safed pani aane par kya savdhani barte)

विशेषज्ञ मानते हैं कि प्रेगनेंसी में सफेद पानी आना (white discharge in pregnancy in hindi) स्वस्थ गर्भावस्था का लक्षण होता हैं। कई बार गर्भवती महिलाएं व्हाइट डिस्चार्ज होने के दौरान स्वच्छता और देखरेख संबंधी कुछ बातों को नज़रअंदाज कर देती हैं।

इस वजह से व्हाइट डिस्चार्ज न केवल असामान्य होता है बल्कि इससे मां और बच्चे को संक्रमण का ख़तरा भी होता है। हम नीचे बता रहे हैं कि गर्भावस्था में सफेद पानी (white discharge in pregnancy in hindi) आने पर क्या करना चाहिए-

  • योनि को साफ रखने के लिए सूती कपड़ा इस्तेमाल करें। इसके अलावा सूती कपड़े के अंडर गार्मेंट्स पहनें।
  • योनि को ऊपर से नीचे की ओर पौंछे।
  • पैंटी लाइनर्स का उपयोग करें, (पैंटी लाइनर्स एक तरह के पैड होते हैं)।
  • सेक्स के दौरान सावधानी बरतें और कंडोम का इस्तेमाल जरूर करें।
  • व्हाइट डिस्चार्ज के दौरान जलन, खुजली और दुर्गंध आने पर अपने डॉक्टर से सलाह लें।

गर्भावस्था में सफेद पानी आने पर क्या न करें

  • व्हाइट डिस्चार्ज के दौरान टैम्पोन (tampons in hindi) का इस्तेमाल न करें, इससे योनि में कीटाणु पैदा हो सकते हैं और मां एवं शिशु को संक्रमण हो सकता है।
  • टाइट कपड़े न पहनें, जैसे जींस, ट्राउजर आदि।
  • खुशबूदार टॉयलेट पेपर और पैड का इस्तेमाल न करें।
  • योनि को धोने के लिए स्प्रे और खुशबूदार साबुन का इस्तेमाल न करें।
  • व्हाइट डिस्चार्ज के नियंत्रण के लिए खुद से गोलियां या दवाइयां न लें, और डॉक्टर की सलाह लें।

यूं तो गर्भावस्था में सफेद पानी आना (white discharge during pregnancy in hindi) सामान्य होता है, लेकिन कई मामलों में यह असामान्य हो सकता है। गर्भावस्था के दौरान कुछ सावधानी बरत कर व्हाइट डिस्चार्ज से होने वाले संक्रमण से बचा जा सकता है।

इस लेख में प्रेगनेंसी में सफेद पानी या व्हाइट डिस्चार्ज (white discharge in pregnancy in hindi) के सामान्य और असामान्य होने से जुड़ी जानकारी दी गई है। अगर आपको लगता है कि आपका व्हाइट डिस्चार्ज असामान्य है, तो डॉक्टर की सलाह लें।

इस ब्लॉग के विषय - 1. गर्भावस्था में सफेद पानी आना क्या है? (pregnancy me safed pani aana kya hai),2. प्रेगनेंसी में व्हाइट डिस्चार्ज कब होता है? (pregnancy me white discharge kab hota hai),3. गर्भावस्था में सफेद पानी आने के कारण क्या हैं? (pregnancy me safed pani aane ke karan kya hai),4. प्रेगनेंसी में सफेद पानी आना असामान्य कब होता है? (pregnancy me safed pani aana asamanya kab hota hai),5. प्रेगनेंसी में असामान्य व्हाइट डिस्चार्ज का इलाज क्या होता है? (pregnancy me abnormal white discharge ka ilaj kya hota hai),6. गर्भावस्था में सफेद पानी आने के क्या जोखिम होते है? (pregnancy me safed pani aane ke kya jokhim hote hai),7. प्रेगनेंसी में योनि से व्हाइट डिस्चार्ज के अलावा किन रंगों के स्राव हो सकते हैं? (pregnancy me yoni se white discharge ke alawa kin kin rango ke discharge ho sakte hai),8. गर्भावस्था में सफेद पानी आने पर क्या सावधानी बरतें? (pregnancy me safed pani aane par kya savdhani barte)
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