गर्भावस्था में योग: योग के प्रकार, फायदे और सावधानी (pregnancy me yoga: yoga ke prakar, fayde aur savdhani)

गर्भावस्था में योग: योग के प्रकार, फायदे और सावधानी (pregnancy me yoga: yoga ke prakar, fayde aur savdhani)

कुछ लोग प्रेगनेंसी को एक समस्या की तरह देखते हैं। इस दौरान गर्भवती महिला को अत्यधिक सावधानी बरतने और केवल आराम करने की सलाह दी जाती है, जो कि कुछ हद तक जरूरी भी है। कई मामलों में गर्भावस्था के दौरान कुछ महिलाओं को गंभीर स्वास्थ्य समस्या होने की वजह से उन्हें घर के कई कामों को करने की मनाही होती है।

गर्भावस्था में शारीरिक और मानसिक परेशानियों से जूझने के लिए योग आसन और प्राणायाम से बेहतर विकल्प और कुछ नहीं हो सकता। इस ब्लॉग में हम आपको बताएंगे, गर्भावस्था में योग (yoga in pregnancy in hindi) और प्राणायाम के प्रकार, फायदे, और योग करते समय किन सावधानियों का ख्याल रखना चाहिए।

1. गर्भावस्था में योग क्यों जरूरी है?

(pregnancy me yoga kyu jaruri hai)

Pregnancy me yoga kyu zaruri hai

गर्भावस्था में योग (yoga in pregnancy in hindi) न केवल आपको स्वस्थ रहने में मदद करता है, बल्कि आपके गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण होता है। प्रेगनेंसी की पहली, दूसरी और तीसरी तिमाही के दौरान नियमित रूप से योग करने से महिलाओं का शरीर और मन शांत रहता है। इसके अलावा गर्भवती महिलाएं अपनी प्रेगनेंसी को सुखद बनाने और सहज डिलीवरी के लिए विभिन्न प्रकार के योग आसन कर सकती हैं।

2. गर्भावस्था की पहली तिमाही में कौन से योग कर सकते हैं?

(pregnancy ki pehli timahi me kon se yoga kar sakte hai)

Pregnancy me yoga - Trimester 1

प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में गर्भवती महिला के शरीर में हार्मोनल बदलाव होने लगते हैं। इन हार्मोनल बदलावों की वजह से अक्सर महिलाओं को शारीरिक और मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिनमें तनाव, चिंता और मूड स्विंग आम है। नियमित रूप से गर्भावस्था में योग (yoga in pregnancy in hindi) करने से इन समस्याओं को कम किया जा सकता है।

  • गर्भावस्था की पहली तिमाही में करें ये योग

    • विपरीत करणी आसन (viparit karani asana yoga in hindi)
    • बद्धकोणासन (badhakonasana in hindi)
    • मार्जरी आसन (marjariasana yoga in hindi)
    • ताड़ासन (tadasana yoga in hindi)

3. गर्भावस्था की दूसरी तिमाही में कौन से योग कर सकते हैं?

(pregnancy ki dusri timahi me kon se yoga kar sakte hai)

Pregnancy me yoga - Trimester 2

गर्भावस्था की दूसरी तिमाही में गर्भ का आकार धीरे-धीरे बढ़ने की वजह से हर पल महिलाओं को तनाव एवं चिंता होती है। शारीरिक बदलाव की वजह से होने वाली चिंता-तनाव को दूर करने और गर्भ में पल रहे शिशु के विकास के लिए, महिलाएं गर्भावस्था में योग (yoga in pregnancy in hindi) कर सकती हैं।

  • गर्भावस्था की दूसरी तिमाही में करें ये योग

    • मार्जरी आसन (marjariasana yoga in hindi)
    • बालासन (balasana yoga in hindi)
    • ताड़ासन (tadasana yoga in hindi)
    • कोणासन (konasana yoga in hindi)

4. गर्भावस्था की तीसरी तिमाही में कौन से योग कर सकते हैं?

(pregnancy ki tisri timahi me kon se yoga kar sakte hai)

प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही में महिलाओं को उनके बढ़ते वजन और शिशु की डिलीवरी की चिंता सताती है। गर्भवती के गर्भ का आकार बढ़ने से उसे कई शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिनमें सीने में जलन, बार-बार पेशाब आना, पीठ के निचले हिस्से में दर्द, नींद न आना आदि मुख्य हैं। तीसरी तिमाही के अंतिम दौर में सर्विक्स धीरे-धीरे खुलने लगती है, जिससे उन्हें दर्द महसूस हो सकता है। इस दौरान रोज़ाना योग (yoga in pregnancy in hindi) करने से महिलाएं डिलीवरी में कम प्रसव पीड़ा अनुभव करती हैं।

  • गर्भावस्था की तीसरी तिमाही में करें ये योग

    • बद्धकोणासन (badhakonasana yoga in hindi)
    • मार्जरी आसन (marjariasana yoga in hindi)
    • बालासन (balasana yoga in hindi)
    • ताड़ासन (tadasana yoga in hindi)
    • कोणासन (konasana yoga in hindi)

5. गर्भावस्था के दौरान अन्य कौन से योग कर सकते हैं?

(pregnancy ke dauran anya kon se yoga kar sakte hai)

Pregnancy me yoga - anya yoga

नीचे प्रेगनेंसी की तीनों तिमाही के दौरान किए जाने वाले अन्य योग आसनों के बारे बताया गया है -

  • त्रिकोणासन (trikonasana)
  • वीरभद्रासन (virabhadrasana)
  • शवासन (shavasana)
  • उत्तानासन (uttanasana)
  • सुखासन (sukhasana)
  • अग्निस्तम्भासन (agnistambhasana)

नोट - अपनी गर्भावस्था और उससे जुड़ी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए आप ऊपर बताए गए योग (yoga in pregnancy in hindi) कर सकती हैं। लेकिन इन योग आसनों को करने से पहले डॉक्टर की सलाह ले लें।

6. गर्भावस्था में योग के क्या फायदे होते हैं?

(pregnancy me yoga ke kya fayde hote hai)

प्रेगनेंसी की तीनों तिमाही में महिलाएं विभिन्न प्रकार के योग (yoga during pregnancy in hindi) आसन कर सकती हैं। इन योग आसनों के फायदे नीचे बताए गए हैं -

  • प्रेगनेंसी में विपरीत करणी आसन के फायदे (benefits of yoga in pregnancy in hindi: viparit karani asana) Pregnancy me yoga - Viparit karni

    • प्रेगनेंसी में रोज़ाना विपरीत करणी आसन करने से पीठ दर्द से राहत मिलती है।
    • इस योग आसन को करने से पैरों की नसों में खून का प्रवाह अच्छे से होता है।
    • इससे नींद न आने की समस्या भी दूर होती है।
  • गर्भावस्था में त्रिकोणासन के फायदे (benefits of yoga in pregnancy in hindi: trikonasana) Pregnancy me yoga - Trikonasan

    • प्रेगनेंसी में रोज़ाना त्रिकोणासन करने से पाचन क्रिया सुचारू होती है।
    • इस योग आसन को करने से मानसिक और शारीरिक संतुलन बना रहता है।
    • इससे पीठ दर्द में राहत मिलती है।
    • इस आसन से महिलाएं प्रसव के लिए तैयार होती हैं।
    • रोजाना त्रिकोणासन करने से महिलाओँ को तनाव और घबराहट से राहत मिल सकती है।
  • प्रेगनेंसी में वीरभद्रासन के फायदे (benefits of yoga in pregnancy in hindi: virbhadrasana) Pregnancy me yoga - Virabhadrasan

    • गर्भावस्था में वीरभद्रासन करने से शरीर में संतुलन बना रहता है।
    • यह आसन सहनशीलता बढ़ाने में मदद करता है।
    • यह योग आसन पैरों, कंधों और कमर के निचले हिस्से की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है।
  • गर्भावस्था में कोणासन के फायदे (benefits of yoga in pregnancy in hindi: konasana)

    • प्रेगनेंसी में रोज़ाना कोणासन करने से महिलाओं की रीढ़ की हड्डी में लचीलापन आता है।
    • इससे गर्भावस्था के दौरान कब्ज से भी राहत मिलती है।
    • यह शरीर को स्वस्थ और सुडौल बनाए रखने में मदद करता है।
  • प्रेगनेंसी में शवासन के फायदे (benefits of yoga in pregnancy in hindi: shavasana) Pregnancy me yoga - Shavasan

    • प्रेगनेंसी में नियमित रूप से शवासन करने से शरीर को आराम मिलता है।
    • यह थकान और तनाव को कम करता है।
    • यह योग आसन प्रेगनेंसी में दर्द निवारक की भांति कार्य करता है।
    • यह शरीर की कोशिकाओँ की मरम्मत करता है।
  • गर्भावस्था में मार्जरी आसन के फायदे (benefits of yoga in pregnancy in hindi: marjariasana) Pregnancy me yoga - Marjariasan

    • गर्भावस्था में मार्जरी आसन गर्दन और कंधे को स्ट्रेच करता है और अकड़न को कम करता है।
    • यह रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है।
    • यह आसन पीठ दर्द से भी राहत दिलाता है।
    • यह आसन महिला के शरीर को संतुलित बनाए रखता है।
    • यह पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है।
    • इससे खून का प्रवाह सुचारू रूप से हो पाता है।
    • यह प्रजनन अंगों को स्वस्थ रखता है।
  • प्रेगनेंसी में बद्धकोणासन के फायदे (benefits of yoga in pregnancy in hindi: badhakonasana or titli asana) Pregnancy me yoga - Baddhakonasan

    • प्रेगनेंसी में रोज़ाना बद्धकोणासन या तितली आसन करने से कूल्हों का क्षेत्र लचीला बनता है।
    • यह जांघों की मांसपेशियों और घुटनों के दर्द से राहत दिलाता है।
    • इससे थकान दूर होती है।
    • प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही में इस आसन को नियमित रूप से करने से डिलीवरी सहज होती है।
  • गर्भावस्था में ताड़ासन के फायदे (benefits of yoga in pregnancy in hindi: tadasana) Pregnancy me yoga - Tadasan

    • गर्भावस्था में रोज़ाना ताड़ासन करने से यह शरीर में बीमारियों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाता है।
    • यह मांसपेशियों को मजबूत करता है।
    • यह आसन शरीर में रक्त प्रवाह को सुचारू बनाने में मदद करता है।
    • इससे पीठ के निचले हिस्से के दर्द से भी राहत मिलती है।
  • प्रेगनेंसी में उत्तानासन के फायदे (benefits of yoga in pregnancy in hindi: uttanasana)

    • उत्तानासन गर्भावस्था के दौरान होने वाले पीठ दर्द से राहत दिलाता है।
    • इस आसन से पैरों की मांसपेशियों में होेने वाले दर्द से राहत मिलती है।
    • यह आसन प्रेगनेंसी में हाई बीपी (gestational hypertension in hindi), अस्थमा, साइनस आदि को नियंत्रण में रखने में मदद करता है।
    • इससे नींद न आने की परेशानी भी दूर होती है।
  • गर्भावस्था में सुखासन के फायदे (benefits of yoga in pregnancy in hindi: sukhasana) Pregnancy me yoga - Sukhasan

    • प्रेगनेंसी में नियमित रूप से सुखासन करने से मन को शांति मिलती है।
    • इस आसन को करने से तनाव, घबराहट और तमाम चिंताएं कम होती हैं।
    • यह आपकी रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है और कमर व पीठ का दर्द दूर करने में सहायक होता है।
    • इससे घुटनों और टखनों के दर्द व सूजन से राहत मिलती है।
  • प्रेगनेंसी में बालासन के फायदे (benefits of yoga in pregnancy in hindi: balasana) Pregnancy me yoga - Balasan

    • गर्भावस्था के दौरान बालासन करने से पीठ और कंधों के दर्द से राहत मिलती है।
    • इससे थकान और चक्कर आने की परेशानी भी कम होती है।
    • नियमित इस आसन को किए जाने पर गर्भवती के शरीर में खून का प्रवाह सुचारू रूप से होता है।
    • यह आसन कूल्हों और जांघों की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है।
  • गर्भावस्था में अग्निस्तम्भासन के फायदे (benefits of yoga in pregnancy in hindi: agnistambhasana) Pregnancy me yoga - Agnistambasan

    • प्रेगनेंसी के दौरान रोज़ाना अग्निस्तम्भासन करने से पीठ का दर्द कम होता है।
    • इससे चिंता और तनाव कम होता है।
    • इससे शरीर के निचले हिस्से की मांसपेशियां मजबूत होती है।

7. गर्भावस्था में कौन से योग नहीं करने चाहिए?

(pregnancy me kon se yoga nahi karne chahiye)

Pregnancy me yoga - Ye asan na kare

गर्भावस्था के दौरान कई प्रकार के योग (yoga in pregnancy in hindi) आसन करना स्वास्थ्य-हित में होता है। लेकिन गर्भवती महिलाओं को इनमें से कुछ योग आसन नहीं करने चाहिए, क्योंकि इससे गर्भावस्था के दौरान मां और गर्भ में पल रहे शिशु को नुकसान पहुंच सकता है। इन योग आसनों के बारे नीचे बताया जा रहा है -

  • विपरीत शलभासन (viparit shalabhasana / superman pose yoga in hindi)
  • अर्धमत्येंद्रासन (ardha matyendrasana / half spinal twist pose yoga in hindi)
  • नौकासन (naukasana / boat pose yoga in hindi)
  • भुजंगासन (bhujangasana / cobra pose yoga in hindi)
  • हलासन (halasana / plow pose yoga in hindi)
  • चक्रासन (chakrasana / wheel pose yoga in hindi)

8. प्रेगनेंसी में कौन से प्राणायाम कर सकते हैं?

(pregnancy me kon se pranayam kar sakte hai)

प्रेगनेंसी में प्राणायाम करना बेहद लाभकारी होता है। इससे मन शांत होता है और तनाव दूर रहता है। यह एक प्रकार की सांस संबंधी क्रिया होती है, जो आमतौर पर महिलाएं तीनों तिमाहियों में कर सकती हैं। गर्भावस्था में प्राणायाम तीन प्रकार के होते हैं और इनके कई फायदे होते हैं, जो नीचे बताए गए हैं -

  • भ्रामरी प्राणायाम (bhramri pranayam) Pregnancy me pranayam - Bhramri Pranayam

    • यह हाई बीपी को नियंत्रित रखने में सहायक होता है।
    • यह आसन सिर दर्द से राहत दिलाता है।
    • इससे मन शांत रहता है।
    • इससे अच्छी नींद आती है।
  • नाड़ी शोधन प्राणायाम (nadi shodhan pranayam) Pregnancy me prnayam - Nadi Shodhan

    • इस प्राणायाम से गर्भवती महिला के शरीर में अॉक्सीजन की आपूर्ति होती है और गर्भ में पल रहे शिशु का विकास होता है।
    • इस आसन से दिमाग को आराम मिलता है।
    • इससे तनाव दूर रहता है।
    • इस आसन से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है।
    • यह आसन मन को शांत रखता है।
  • योग निद्रासन (yoga nidrasana) Pregnancy me yoga - nidrasan

    • नियमित रूप से योग निद्रासन करने से तनाव और चिंता दूर रहती है।
    • इससे ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।
    • यह शरीर के हर अंग को आराम देता है।

9. गर्भावस्था में योग करते समय कौन सी सावधानियां बरतें?

(pregnancy me yoga karte samay konsi savdhaniya barte)

गर्भावस्था में योग (yoga in pregnancy in hindi) शुरू करने से पहले कुछ सावधानियां बरतनी जरूरी होती है, जो हम नीचे बता रहे हैं -

  • अगर जमीन में बैठ कर योग करने में किसी प्रकार की परेशानी हो रही है, तो जबरन योग न करें।
  • ऐसा कोई भी आसन न करें, जिससे आपके पेट के निचले हिस्से पर दबाव महसूस हो।
  • पहली तिमाही में ज्यादातर समय खड़े होकर किए जाने वाले योग आसन करें, इससे आपके पैरों की मांसपेशियां मजबूती होती है व आपको पैरों के दर्द से राहत मिल सकती है। इससे पैरों में अकड़न और सूजन महसूस नहीं होगी।
  • प्रेगनेंसी में उन योग आसनों को करने की कोशिश करें, जिनसे आपकी पीठ, पैरों और कंधों को आराम मिल रहा हो।
  • योग आसनों को करते समय थकान महसूस होने पर, थोड़ा रूकें और फिर से करें।

प्रेगनेंसी में स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है और गर्भावस्था में योग (yoga in pregnancy in hindi) और प्राणायाम करने से गर्भवती महिला का शरीर स्वस्थ और मन प्रसन्न रहता है। हालांकि कई बार गंभीर शारीरिक समस्याओं की वजह से गर्भवती महिला को पूर्ण रूप से आराम करने की सलाह दी जाती है। ऐसे में प्रेगनेंसी की पहली, दूसरी और तीसरी तिमाही में योग और प्राणायाम शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से इस बारे में सलाह जरूर लें।

इस ब्लॉग के विषय - 1. गर्भावस्था में योग क्यों जरूरी है? (pregnancy me yoga kyu jaruri hai)2. गर्भावस्था की पहली तिमाही में कौन से योग कर सकते हैं? (pregnancy ki pehli timahi me kon se yoga kar sakte hai)3. गर्भावस्था की दूसरी तिमाही में कौन से योग कर सकते हैं? (pregnancy ki dusri timahi me kon se yoga kar sakte hai)4. गर्भावस्था की तीसरी तिमाही में कौन से योग कर सकते हैं? (pregnancy ki tisri timahi me kon se yoga kar sakte hai)5. गर्भावस्था के दौरान अन्य कौन से योग कर सकते हैं? (pregnancy ke dauran anya kon se yoga kar sakte hai)6. गर्भावस्था में योग के क्या फायदे होते हैं? (pregnancy me yoga ke kya fayde hote hai)7. गर्भावस्था में कौन से योग नहीं करने चाहिए? (pregnancy me kon se yoga nahi karne chahiye)8. प्रेगनेंसी में कौन से प्राणायाम कर सकते हैं? (pregnancy me kon se pranayam kar sakte hai)9. गर्भावस्था में योग करते समय कौन सी सावधानियां बरतें? (pregnancy me yoga karte samay konsi savdhaniya barte)
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