प्रेगनेंसी में यूरिन इन्फेक्शन - लक्षण, कारण और इलाज (Urine infection during Pregnancy in Hindi)

प्रेगनेंसी में यूरिन इन्फेक्शन - लक्षण, कारण और इलाज (Urine infection during Pregnancy in Hindi)

जैसे ही एक महिला गर्भवती (pregnant) होती है उसमें काफी सारे बदलाव देखने को मिलते हैं। यह बदलाव ना सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक बदलाव भी होते हैं। इसलिए स्त्री के शरीर की जानकारी होना काफी ज़रूरी है ताकि जैसे ही महिला गर्भवती हो (pregnant) उसके शारीरिक बदलावों को समझते हुए उसका ध्यान रखा जा सके और प्रेगनेंसी (garbhavastha) के सुखद दिनों को उसके लिए और भी आरामदायक और खुशनुमा बना सके।

कहते हैं तन स्वस्थ तो मन स्वस्थ, इसलिए प्रेगनेंसी (pregnancy) में महिला को हमेशा खुश रहना चाहिए ताकि स्वस्थ संतान को वो जन्म दे सके। चूंकि प्रेग्नेंसी (गर्भावस्था) में कई तरह की शारीरिक समस्या होती हैं जिनमें से एक है मूत्र पथ के संक्रमण यानी की यूरिन इन्फेक्शन (urine infection in hindi) की समस्या।

हालांकि, यूरिन इन्फेक्शन (urine infection in hindi) कभी भी किसी भी महिला को हो जाता है, जिसमें समय रहते मूत्र पथ के संक्रमण(urine infection in hindi) का इलाज कर लेना ज़रूरी है। इसे ब्लैडर इन्फेक्शन (bladder infection in hindi) भी कहा जाता है।

आमतौर पर यूरिन इन्फेक्शन (urine infection in hindi) 20 साल से 50 साल की उम्र वाली महिलाओं में देखने को मिलता है। लेकिन यूरिन इन्फेक्शन (urine infection in hindi) की समस्या बहुत बार गर्भवती महिला (pregnant in hindi) में भी देखने को मिली है। यूरिन इन्फेक्शन के लक्षण (urine infection ke lakshan) में सबसे ज्यादा पेशाब में जलन (peshab me jalan), बार बार पेशाब (frequent urination in hindi), बुखार (99 डिग्री फारेनहाइट से ज्यादा तापमान) आना आदि नज़र आते हैं।

क्या गर्भावस्था में यूटीआई आम बात है?

(Is UTI in pregnancy common in hindi)?

uti in pregnancy

गर्भावस्था में यूरिन इन्फेक्शन (urine infection in hindi) होना सामान्य नहीं है, लेकिन कई महिलाओं को प्रेगनेंसी (garbhavastha) के दौरान यूटीआई (UTI in hindi) की समस्या से जूझना पड़ना है। आमतौर पर गर्भावस्था के छठे सप्ताह से लेकर 24 सप्ताह के बीच यूरिन इन्फेक्शन का खतरा रहता है। चूंकि गर्भाशय मूत्राशय के ठीक ऊपर होता है और जब प्रैगनेंसी (pregnancy in hindi) में जैसे-जैसे बच्चे के कारण गर्भाशय बढ़ने लगता है तो इस वजह से मूत्राशय यानी ब्लैडर (bladder in hindi) पर दबाव पड़ता है और इस दबाव के कारण भी कभी-कभी संक्रमण हो जाता है।

आपको इस दौरान अपना खास ख्याल रखना होता है क्योंकि गर्भावस्था में यूटीआई से ब्लैडर इन्फेक्शन (bladder infection in hindi) होने का खतरा भी रहता है। इसलिए अगर प्रेगनेंसी (garbhavastha) में आपको यूरिन इन्फेक्शन (urine infection) की समस्या हो रही है, तो इसे बिल्कुल भी नज़रअंदाज़ ना करें।

क्या होता है यूटीआई

(What is UTI in hindi)?

uti

सबसे पहले तो ये समझ लेते हैं कि आखिर यूरिन इन्फेक्शन (urine infection in hindi) है क्या। दरअसल, यूटीआई यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (urinary tract infection) एक प्रकार का संक्रमण है जो ज्यादातर ईकोलाई नामक बैक्टीरिया (E coli bacteria) के कारण होता है। हालांकि इसके अलावा भी और अन्य बैक्टीरिया या फंगस (fungus) होते हैं जिसके कारण यूटीआई (UTI) की समस्या हो सकती है। अगर यूटीआई का इलाज (UTI ka ilaj) समय रहते ना किया जाए तो यह इन्फेक्शन यूरिनरी ब्लैडर (urinary bladder), किडनी (kidney) और यूरेथ्रा (urethra) तक भी फैल सकता है।

गर्भावस्था में यूरिन इन्फेक्शन के लक्षण क्या होते है?

(Pregnancy me urine infection ke lakshan, Symptoms of Urine infection in hindi)

symptoms of urine infection

गर्भावस्था में यूरिन इन्फेक्शन के लक्षण: पेशाब में जलन और दर्द होना (Pregnancy me urine infection ke lakshan: peshab me jalan)

गर्भावस्था के दौरान होने वाले मूत्र पथ के संक्रमण (urine infection in hindi) में गर्भवती को पेशाब करते समय तेज जलन और दर्द हो सकती है। गंभीर परिस्थितियों में यह दर्द असहनीय हो सकता है। समस्या सामने आने पर गर्भवती महिला को जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए क्योंकि इस समस्या का जल्द उपचार ना होने से बच्चे और मां दोनों को परेशानी हो सकती है।

गर्भावस्था में यूरिन इन्फेक्शन के लक्षण: पेशाब में झाग और दुर्गंध आना (Pregnancy me urine infection ke lakshan: peshab me jhag or durgandh)

आमतौर पर यूरिन इन्फेक्शन (urine infection in hindi) में आपको पेशाब में झाग और दुर्गंध आती है। ऐसी स्थिति में आपको तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए और इस दौरान साफ-सफाई विशेषतौर पर ख्याल रखें।

गर्भावस्था में यूरिन इन्फेक्शन के लक्षण: पेशाब में खून या म्यूकस आना (Pregnancy me urine infection ke lakshan: peshab me blood ya mucus ana)

पेशाब में रक्त आना या श्लेष्मा (mucus in hindi) आना भी यूरिन इन्फेक्शन के लक्षण (urine infection ke lakshan) है। कई महिलाएं इन लक्षण को देखकर घबरा भी जाती हैं क्योंकि गर्भावस्था में ब्लीडिंग (bleeding in pregnancy) होना को खतरे की निशानी माना जाता है। लेकिन घबराने की बजाय गर्भवती को डॉक्टर के पास ले जाएं और डॉक्टर की सलाह से उचित इलाज कराएं।

गर्भावस्था में यूरिन इन्फेक्शन के लक्षण: बुखार होना, ठंड लगना, कंपकपी चढ़ना (Pregnancy me urine infection ke lakshan: bukhar ana, thand lagna, kapkapi chadna)

यूरिन इन्फेक्शन (urine infection in hindi) में बुखार होना (99 डिग्री फारेनहाइट से ज्यादा तापमान) , ठंड लगना, कंपकपी चढ़ना, उल्टी आना जैसे लक्षण गंभीर परिस्थिति में सामने आते हैं।

गर्भावस्था में यूरिन इन्फेक्शन के लक्षण: पेट के निचले हिस्से में दर्द या ऐंठन होना (Pregnancy me urine infection ke lakshan: pet ke nichle hisse me dard ya ethan hona)

यूरिन इन्फेक्शन (urine infection) होने से आपको पेट के निचले हिस्से में दर्द होता है। अगर यह इन्फेक्शन काफी बढ़ गया है तो दर्द असहनीय हो सकता है। कभी-कभी तो इन्फेक्शन (infection in hindi) बढ़ जाने पर यह किडनी (kidney) और ब्लैडर (bladder) तक भी पहुंच जाता है। इसलिए आपको ज़रा भी यूरिन इन्फेक्शन (urine infection) का अहसास हो तो डॉक्टर से संपर्क करने में देरी ना करें।

गर्भावस्था में यूरिन इन्फेक्शन के लक्षण: बार बार पेशाब आना (Pregnancy me urine infection ke lakshan: frequent urination)

यह एक सबसे आम लक्षण है जो यूरिन इन्फेक्शन (urine infection) होने पर देखने को मिलता है। यूरिन इन्फेक्शन (urine infection in hindi) होने पर आपको बार बार पेशाब आएगा।

ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जब आपका गर्भाशय बढ़ता है, तब उसका वज़न मूत्राशय पर पड़ता है, जिस कारण संक्रमण का खतरा भी हो सकता है। ऐसे में बहुत सी महिलाओं को मूत्राशय पर बढ़ते दबाव के कारण यूरिन लीकेज भी हो सकती है। इससे गर्भवती को रात में सोने में समस्या हो सकती है, जिससे मां और बच्चे के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ता है।

गर्भावस्था में यूरिन इन्फेक्शन के क्या कारण हो सकते हैं ?

(What can be the common causes of urine infection in pregnancy in hindi?)

reason of urine infection

गर्भावस्था में यूरिन इन्फेक्शन के कारण: हार्मोनल परिवर्तन (Pregnancy me urine infection ke karan: hormonal imbalance)

प्रेगनेंसी के दौरान कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं और हार्मोन परिवर्तन से बैक्टीरिया (bacteria in hindi) जल्दी पनपते हैं और मूत्र पथ के संक्रमण (infection) का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा बढ़ते मूत्राशय पर गर्भाशय का दबाव पड़ता है और मूत्राशय (bladder in hindi) को खाली करना गर्भवती महिला के लिए मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा जिन महिला के गर्भ में एक से ज्यादा शिशु होते हैं उन्हें यूरिन इन्फेक्शन (urine infection) होने का खतरा और भी बढ़ जाता है।

गर्भावस्था में यूरिन इन्फेक्शन के कारण: आंतों के बैक्टीरिया (Pregnancy me urine infection ke karan: anto me bacteria)

जैसा कि हमने आपको बताया कि यूरिन इन्फेक्शन इकोलाई बैक्टीरिया (E coli bacteria in hindi) के कारण होता है जो आंतों में पाया जाता है और आंतों से यह बैक्टीरिया निकलकर आसानी से मूत्रमार्ग में पहुंच सकता है जिस कारण मूत्र पथ के संक्रमण (urine infection in hindi) हो जाता है। हालांकि इसके अलावा भी और अन्य बैक्टीरिया या फंगस (fungus) होते हैं जिसके कारण यूटीआई (UTI) की समस्या हो सकती है।

गर्भावस्था में यूरिन इन्फेक्शन के कारण: गर्भावस्था में सेक्स (Pregnancy me urine infection ke karan: sex during pregnancy)

बहुत से लोगों को प्रेगनेंसी में सेक्स (sex during pregnancy in hindi) करने को लेकर काफी दुविधा रहती है। लेकिन सेक्स करने के तरीके (sambhog karne ke tarike) को सही से अपनाकर आप इसे एंजॉय कर सकते हैं। लेकिन इसका एक दुष्प्रभाव यह भी है कि योनि के पास मौजूद बैक्टीरिया सेक्स के दौरान अंदर जा सकते हैं और आपके यूरिन इन्फेक्शन (urine infection in hindi) हो सकता है। इसलिए सेक्स के दौरान हमेशा साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें।

गर्भावस्था में यूरिन इन्फेक्शन के कारण: सार्वजनिक शौचाल का इस्तेमाल (Pregnancy me urine infection ke karan: use of public toilet )

बहुत सी महिलाओं को सार्वजनिक शौचालय इस्तेमाल (public toilet in hindi) करने पर भी यूरिन इन्फेक्शन होता है।

गर्भावस्था में यूरिन इन्फेक्शन के कारण: पथरी (Pregnancy me urine infection ke karan: kidney stone )

अगर किसी garbhvati (pregnant in hindi) महिला को पहले से ही किडनी में स्टोन (kidney stones in hindi) की समस्या है तो उन्हें भी यूरिन इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।

प्रेगनेंसी में यूरिन इन्फेक्शन से आपके बेबी पर असर?

(What are the effects of urine infection during pregnancy on baby in hindi?)

effect of urine infection

इसमें कोई संदेह नहीं है कि यूरिन इन्फेक्शन (urine infection in hindi) काफी तकलीफदेह होता है। अगर यूरिन इन्फेक्शन का इलाज (urine infection ka ilaj) सही समय पर नहीं कराया गया तो इसका होने वाले बच्चे पर बुरा प्रभाव पड़ता है। गर्भावस्था (garbhavastha) में यूरिन इन्फेक्शन ज्यादा बढ़ने से यह संक्रमण किडनी (kidney infection) तक पहुंचता है जिस कारण समय पूर्व जन्म या जन्म के समय शिशु का वज़न कम हो रह सकता है। इसलिए बिना कोई रिस्क लिए आप लक्षण महसूस करते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें ताकि एक स्वस्थ शिशु को आप जन्म दे सकें।

गर्भावस्था में यूरिन इन्फेक्शन का इलाज क्या है?

(pregnancy me urine infection ka ilaj - What are the treatments for urine infection in hindi)

urine infection treatment

आप समस्या नज़र आते ही तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। यूरिन इन्फेक्शन का इलाज (urine infection treatment in hindi) करने के लिए डॉक्टर सबसे पहले यूरिन टेस्ट करेंगे जिससे संक्रमण के बारे में पता लगाया जाएगा। यूटीआई (UTI) के इलाज के लिए डॉक्टर आपको तीन से सात दिन के लिए एंटीबायोटिक दवाएं या एंटीफंगल दवाएं देंगे जिससे यह बैक्टीरिया (bacteria) पूरी तरह नष्ट हो जाएगा।

दवाओं के अलावा यूरिन इन्फेक्शन (urine infection) में पानी रामबाण का काम करता है। अगर आपके मूत्राशय (bladder in hindi) में बैक्टीरिया ने प्रवेश कर लिया है, तो जितना हो सके पानी पिएं (दिन में कम से कम 10 ग्लास पानी पिएं)। इस समय पर नारियल पानी और क्रेनबेरी जूस आपको काफी फायदा पहुंचाएगा। आप जितना ज्यादा पेय पदार्थ का सेवन करेंगी उतना ही यूरिन पास करेंगी और यूरिन के रास्ते से बैक्टीरिया बाहर निकलेगा। इसके अलावा कॉफी, चाय, जंक फूड, शराब आदि का सेवन ना करें।

गर्भवस्था में यूरिन सम्बन्धी दिक्कतों से बचने के लिए इन बातों का रखें ख़ास ध्यान

(Tips to avoid Urine infection in pregnancy in hindi)

urine infection

योनि क्षेत्र में साफ-सफाई का रखें ध्यान

इस बात का पूरा ध्यान रखें कि जब भी आप बाथरूम से आएं तो अपने प्राइवेट पार्ट को अच्छी तरह से धोएं। अपने प्राइवेट पार्ट की साफ-सफाई का खासतौर पर ख्याल रखें। जितना हो सके खुद को हाइजीन रखें। इस बात का खास ख्याल रखें कि यूरिन इन्फेक्शन में आप डेटॉल, सैवलॉन या साबुन को योनि क्षेत्र (प्राइवेट पार्ट) पर ना लगाएं। आप जब भी अपने अपने जननांग साफ करें तो गीले वाइप्स या टिश्यू पेपर से आगे से पीछे की ओर साफ करें।

पेशाब ना रोकें

यूरिन इन्फेक्शन (urine infection in hindi) के दौरान इस बात का पूरा ध्यान रखें कि आप कभी भी यूरिन को रोककर ना रखें। आपको जैसे ही लगे कि यूरिन पास करना है तो तुरंत शौचालय जाएं और यूरिन पास साफ और सामान्य तापमान के पानी से जननांग को धोएं।

आरामदायक कपड़े पहनें

जितना हो सके आरामदायक और ढीले कपड़े पहनें और कॉटन के अंडरगार्मेंट्स का इस्तेमाल करें।

सेक्स के बाद और पहले यूरिन पास करें

सेक्स के बाद और पहले हमेशा पेशाब करें ताकि अगर कोई बैक्टीरिया (bacteria in hindi) अंदर चला भी जाए तो पेशाब करने के बाद वो तुरंत बाहर भी आ जाए।

ऐसे करें सार्वजनिक शौचालय (public toilet in hindi) का इस्तेमाल

अगर कभी सार्वजनिक शौचालय (public toilet in hindi) का इस्तेमाल करने की ज़रूरत पड़े भी तो टॉयलेट (toilet) सीट पर बैठने से पहले उसे किसी साफ कागज़ या टिश्यू पेपर से अच्छी तरह साफ कर लें और टॉयलेट इस्तेमाल करने के बाद जननांगों (private part) को अच्छी तरह साफ करें। अगर इंडियन सीट का विकल्प मौजूद हो तो हमेशा इंडियन टॉयलेट का इस्तेमाल करें।

चूंकि गर्भावस्था हर महिला के लिए सबसे खास पल होता है तो इस दौरान अपना पूरा ध्यान रखें ताकि कोई भी रुकावट आपके और आपके होने वाले बच्चे के स्वास्थ्य में बाधा ना बन सके।

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