गर्भावस्था में बुखार आने के कारण और कम करने के घरेलू उपाय (Pregnancy me bukhar aane ke karan aur kam karne ke gharelu upay)

गर्भावस्था में बुखार आने के कारण और कम करने के घरेलू उपाय (Pregnancy me bukhar aane ke karan aur kam karne ke gharelu upay)

गर्भावस्था में बुखार आने के कारण और कम करने के घरेलू उपाय (Pregnancy me bukhar aane ke karan aur kam karne ke gharelu upay)

प्रेगनेंसी में बुखार आना (pregnancy me bukhar aana) गर्भवती महिलाओं को होने वाली तमाम परेशानियों में से एक है। गर्भावस्था में बुखार (pregnancy me bukhar) कई सामान्य कारणों की वजह से हो सकता है, लेकिन कई बार यह किसी खतरे की तरफ इशारा करता है।

गर्भावस्था में बुखार (pregnancy me bukhar) आने की वजह से गर्भवती महिलाएं अपने शिशु को लेकर चिंतित हो जाती हैं। इसलिए इस ब्लॉग में हम आपको गर्भावस्था में बुखार (fever during pregnancy in hindi) से जुड़ी सारी जानकारी दे रहे हैं।

1. गर्भावस्था में बुखार क्यों आता है?

(Pregnancy me bukhar kyun aata hai)

Pregnancy mein bukhar - kyun hota hai

गर्भावस्था में गर्भवती महिलाओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता पहले की तुलना में कम हो जाती है, जिसकी वजह से वे संक्रमण, ठंड और बुखार की चपेट में आ जाती हैं। इसके अलावा गर्भावस्था में बुखार होने के कई अन्य कारण हो सकते हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख कारण नीचे लिखे गये हैं-

  • सर्दी जुकाम- आमतौर पर सर्दी जुकाम के साथ बुखार हो जाता है, जोकि संक्रमण की वजह से होता है। सर्दी जुकाम तीन दिन से 15 दिनों तक हो सकता है, लेकिन अगर बुखार ज्यादा दिन रहे तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

    सुझाव- प्रेगनेंसी में संक्रमण से बचने के लिए गर्भवती महिलाओं को अपने घर और उसके आसपास के क्षेत्र में साफ सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को अपने हाथ बार बार साबुन से धोते रहना चाहिए।

  • फ्लू- गर्भावस्था में बुखार (pregnancy me bukhar) का दूसरा प्रमुख कारण फ्लू है। फ्लू की वजह से गर्भवती महिलाओं को बदन दर्द, बुखार और उल्टी आदि महसूस हो सकती है। आमतौर पर यह लक्षण तीन से सात दिनों तक बना रहता है, लेकिन अगर ज्यादा दिन हो जाएं तो डॉक्टर से ज़रूर संपर्क करें।

    सुझाव- गर्भावस्था में फ्लू से बचने के लिए गर्भवती महिलाओं को खूब तरल पदार्थ पीने चाहिए। इसके अलावा उन्हें पर्याप्त मात्रा में आराम करना चाहिए।

  • मूत्र पथ संक्रमण- गर्भावस्था में बुखार (pregnancy me bukhar) मूत्र पथ संक्रमण की वजह से हो सकता है। तकरीबन 10 प्रतिशत महिलाएं प्रेगनेंसी में मूत्र पथ संक्रमण की शिकार होती है, इसलिए बुखार आने पर वे डॉक्टर से ज़रूर संपर्क करें।

    सुझाव- प्रेगनेंसी में मूत्र संक्रमण से बचने के लिए गर्भवती महिलाओं को दिन में 8 से 10 गिलास पानी पीना चाहिए। इसके अलावा योनि को साफ सुथरा रखना चाहिए।

  • गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल वायरस (gastrointestinal virus in hindi)- जब शरीर में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल वायरस (gastrointestinal virus in hindi) प्रवेश करता है तो उल्टी, बुखार और दस्त की समस्या हो सकती है। इसके अलावा अगर इन लक्षणों का इलाज सही समय पर नहीं किया गया तो यह समय से पूर्व डिलीवरी (premature delivery in hindi) का कारण भी बन सकता है।

    सुझाव- गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल वायरस (gastrointestinal virus in hindi) से अस्थाई रूप से राहत पाने के लिए गर्भवती महिलाएं सेब, रोटी और चावल आदि खा सकती हैं। इसके अलावा उन्हें इस दौरान दिन में 8 से 10 गिलास पानी पीना चाहिए।

  • लिस्टरिया या लिस्टरियोसिस फ्लू (listriosis flu in hindi)- गर्भावस्था में दूषित पानी पीने की वजह से लिस्टरियोसिस (listriosis in hindi) होता है। लिस्टरियोसिस होने पर गर्भवती महिलाएं उल्टी, चक्कर, बुखार, बदन दर्द और अकड़न महसूस कर सकती हैं। इसका सही समय पर इलाज न होने की वजह से समय से पूर्व डिलीवरी (premature delivery in hindi) या गर्भपात (miscarriage in hindi) का खतरा बढ़ जाता है।

    सुझाव- लिस्टरियोसिस के लक्षण महसूस होने पर गर्भवती महिलाओं को चिकन, दूध और धूम्रपान से बचना चाहिए।

  • पार्वो वायरस बी19 (parvo virus B19 in hindi)- प्रेगनेंसी में लगभग 5 प्रतिशत महिलाएं पार्वो वायरस से प्रभावित होती हैं। पार्वो वायरस होने पर गर्भवती महिलाओं को बुखार, जोड़ो में दर्द, सिरदर्द, गले में खराश और चकत्ते आदि महसूस होते हैं। ये लक्षण महसूस होने पर गर्भवती को तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

2. गर्भावस्था में बुखार को कम करने के घरेलू उपाय क्या है?

(Pregnancy me bukhar ko kam karne ke gharelu upay kya hai)

Pregnancy mein bukhar - gharelu upay

गर्भावस्था में हल्का बुखार होने पर गर्भवती महिलाएं नीचे लिखे गये कुछ घरेलू उपायोंं को आज़मा सकती हैं-

  • गुनगुने पानी में सिरका मिलाकर नहाएं- गर्भावस्था में बुखार (fever during pregnancy in hindi) से राहत पाने के लिए गर्भवती महिलाएं गुनगुने पानी में आधा कप सिरका मिलाकर पांच से दस मिनट तक नहाएं।

  • गुनगुने पानी में तुलसी के पत्तों को मिलाकर पीएं- गर्भावस्था में बुखार (pregnancy me bukhar) से राहत पाने के लिए गर्भवती महिलाएं एक कप गुनगुने पानी में तीन चार तुलसी की पत्तियों को मिलाकर पांच मिनट तक रख दें। इसके बाद इस पानी को पीएं और इस प्रक्रिया को दिन में तीन से चार बार दोहराएं।

  • प्याज के टुकड़ों को पैरों के तलवे पर बांधे- गर्भावस्था में बुखार (pregnancy me bukhar) से राहत पाने के लिए गर्भवती महिलाएं रात को दो प्याज के टुकड़ो को अपने पैरों के तलवे पर गर्म कपड़े के सहारे बांध कर सोएं।

  • गुनगुने पानी में सरसों के बीज मिलाकर पीएं- गर्भावस्था में बुखार (pregnancy me bukhar) से राहत पाने के लिए गर्भवती महिलाएं आधा कप गुनगुने पानी में एक चम्मच सरसों की बीज को मिलाकर पांच मिनट तक रख दें। इसके बाद इस पानी को छान कर पीएं।

  • माथे पर ठंडी पट्टी रखें- गर्भावस्था में बुखार (fever during pregnancy in hindi) से राहत पाने के लिए गर्भवती महिलाएं ठंडे पानी में एक सूती कपड़े को भिगो कर अपने माथे पर रखे और इस पट्टी को बार बार बदलती रहें।

  • खूब पानी पीएं- गर्भावस्था में बुखार (pregnancy me bukhar) से राहत पाने के लिए गर्भवती महिलाओं को दिन में 8 से 10 गिलास पानी पीना चाहिए।

  • पर्याप्त मात्रा में आराम करें- गर्भावस्था में बुखार (pregnancy me bukhar) से राहत पाने के लिए गर्भवती महिलाओं को पर्याप्त मात्रा में आराम करना चाहिए।

  • गर्म कंबल का इस्तेमाल करें- गर्भावस्था में बुखार (pregnancy me bukhar) से राहत पाने के लिए गर्भवती महिलाएं गर्म कंबल का इस्तेमाल कर सकती हैं।

गर्भवती महिलाएं उपरोक्त उपायों को आज़मा कर बुखार को हराने में पूरी तरह से सफल हो सकती हैं।

3. गर्भावस्था में बुखार से कैसे बचा जा सकता है?

(Pregnancy me bukhar se kaise bacha ja sakta hai)

Pregnancy mein bukhar - kaise bache

गर्भावस्था में बुखार (pregnancy me bukhar) से बचने के लिए गर्भवती महिलाएं नीचे लिखे गये सुझावों को आज़मा सकती हैं-

  • टीके लगवाएं- गर्भावस्था में बुखार (pregnancy me bukhar) से बचने के लिए गर्भवती महिलाओं को डॉक्टर की सलाह से फ्लू संबंधित सभी टीके लगवाने चाहिए।

  • हाथों को साफ रखें- गर्भावस्था में बुखार (pregnancy me bukhar) से बचने के लिए महिलाओं को अपने हाथ अच्छी तरह से धोने चाहिए।

  • बीमार लोगों से दूर रहे- गर्भावस्था में बुखार (pregnancy me bukhar) से बचने के लिए गर्भवती महिलाओं को बीमार व्यक्तियों से दूर रहना चाहिए।

  • साफ सफाई करें- गर्भावस्था में बुखार (fever during pregnancy in hindi) से बचने के लिए गर्भवती महिलाओं को साफ सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

4. गर्भावस्था पर बुखार का क्या प्रभाव पड़ता है?

(Pregnancy par bukhar ka kya prabhav padta hai)

Pregnancy mein bukhar - prabhav

गर्भावस्था में तेज़ बुखार गर्भवती और उसके शिशु के लिए दुष्प्रभावी हो सकता है। गर्भावस्था में अगर बुखार तीन से चार दिन से ज्यादा हो तो गर्भवती महिलाओं को इसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह गर्भपात (miscarriage in hindi) का संकेत हो सकता है।

गर्भावस्था में बुखार (pregnancy me bukhar) अधिक दिन रहने पर गर्भवती महिलाओं को फौरन डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, क्योंकि यह उनके और उनके शिशु के लिए हानिकारक हो सकता है।

5. क्या गर्भावस्था में बुखार से बेबी को नुकसान होता

(Kya pregnancy me bukhar se baby ko nuksan hota hai)

Pregnancy mein bukhar - baby ko nuksaan

प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में हल्के बुखार से कोई समस्या नहीं होती है, लेकिन गर्भवती के शरीर का तापमान ज्यादा होना शिशु के लिए हानिकारक हो सकता है। दरअसल, प्रेगनेंसी में तेज़ बुखार होने से मां के शरीर में प्रोटीन की कमी हो सकती है और इससे शिशु के विकास में बाधा आ सकती है।

अगर प्रेगनेंसी में महिला के शरीर का तापमान 98.6 से 102℉तक बढ़ जाता है तो यह प्रोटीन के कामकाज में बाधा डालता है और इससे गर्भपात (miscarriage in hindi) का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा ज्यादा बुखार से शिशु को जन्म के बाद बोलने में परेशानी हो सकती है। हालांकि, इस दुष्प्रभाव को दवाईयों से कम किया जा सकता है।

गर्भावस्था में बुखार (pregnancy me bukhar) होने पर गर्भवती महिलाएं ऊपर बताए गए उपायों को आज़मा सकती हैं। इसके अलावा अगर बु्खार ज्यादा तेज़ हो तो उन्हें डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। प्रेगनेंसी में तेज़ बुखार (fever during pregnancy in hindi) गर्भपात (miscarriage in hindi) का कारण भी बन सकता है, इसलिए महिलाओं को लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।

इस ब्लॉग के विषय- 1. गर्भावस्था में बुखार क्यों आता है? (Pregnancy me bukhar kyun aata hai)2. गर्भावस्था में बुखार को कम करने के घरेलू उपाय क्या है? (Pregnancy me bukhar ko kam karne ke gharelu upay kya hai)3. गर्भावस्था में बुखार से कैसे बचा जा सकता है? (Pregnancy me bukhar se kaise bacha ja sakta hai)4. गर्भावस्था पर बुखार का क्या प्रभाव पड़ता है? (Pregnancy par bukhar ka kya prabhav padta hai)5. क्या गर्भावस्था में बुखार से बेबी को नुकसान होता है (Kya pregnancy me bukhar se baby ko nuksan hota hai)
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