गर्भावस्था में तनाव: कारण, लक्षण और उपाय (Pregnancy me tension hona: karan, lakshan aur upay)

गर्भावस्था में तनाव: कारण, लक्षण और उपाय (Pregnancy me tension hona: karan, lakshan aur upay)

गर्भावस्था किसी भी महिला के लिए बेहद सुखद पल होता है, जिसे हर महिला काफी अच्छे से जीना चाहती है, लेकिन प्रेगनेंसी के दौरान कई महिलाएं काफी तनाव लेती हैं, जिससे न सिर्फ उन पर बल्कि उनके शिशु पर भी बुरा असर पड़ता है।

गर्भावस्था में तनाव (stress in pregnancy in hindi) में रहने के बजाय महिलाओं को खुश रहना चाहिए। तो चलिए जानते हैं कि आखिर प्रेगनेंसी मेंं खुश रहने के लिए आप क्या क्या कर सकती हैं।

1. गर्भावस्था में तनाव क्या है?

(Pregnancy me tanav kya hai)

Pregnancy me tanav - kya hai

गर्भावस्था में तनाव (tension in pregnancy in hindi) होना स्वाभाविक सी बात है, क्योंकि इस दौरान गर्भवती महिलाओं के मन में कई तरह के डर होते हैं, जैसे प्रसव पीड़ा आदि।

गौरतलब है कि गर्भावस्था बहुत ही नाजुक दौर है, इसलिए इस दौरान छोटी छोटी बातें भी गर्भवती महिला को तनाव देती है। गर्भावस्था के दौरान तनाव उन महिलाओं को ज्यादा होता है, जो पहली बार गर्भवती होती हैं।

प्रसव पीड़ा (delivery pain in hindi) के अलावा घर में कलेश की वजह से भी गर्भावस्था के दौरान महिला को तनाव होता है। गर्भावस्था में स्ट्रेस (stress in hindi) के कारण महिलाओं को कई समस्याओं से गुजरना पड़ता है, जो शिशु और महिला दोनों के लिए हानिकारक है। तो चलिए अब जानते हैं कि गर्भावस्था में तनाव के क्या क्या कारण हो सकते हैं।

2. गर्भावस्था में तनाव का कारण क्या है?

(Pregnancy me tanav ke karan kya hai)

Pregnancy me tanav - karan kya hai

गर्भावस्था में स्ट्रेस (tension in pregnancy in hindi) के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें से कुछ कारण निम्नलिखित हैं।

  • खानपान में लापरवाही बरतना
  • नींद पूरी न होना
  • गर्भावस्था के दौरान शराब का सेवन करना
  • धूम्रपान या कैफीन का अधिक सेवन करना
  • गर्भावस्था के दौरान व्यायाम न करना

3. गर्भावस्था में तनाव के लक्षण क्या है?

(Garbhavastha me tanav ke lakshan kya hai)

Pregnancy me tanav - lakshan kya hai

कई गर्भवती महिलाएं तनाव को पहचानने में सक्षम नहीं होती हैं, जिसकी वजह से उनका तनाव बढ़ जाता है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को तनाव के लक्षण की जानकारी होनी चाहिए, ताकि वो तनाव से उभर सके। गर्भावस्था में तनाव (stress in pregnancy in hindi) के काफी लक्षण होते हैं, जिनमें से कुछ महत्वपूर्ण लक्षण नीचे लिखे गये हैं।

  • प्रसव पीड़ा का डर
  • शिशु को खोने का डर
  • हर समय एक ही बात दिमाग में घूमना
  • किसी बात को लेकर ज्यादा चिंतित रहना
  • स्वास्थ्य को लेकर चिंतित रहना
  • घर में किसी चीज़ को लेकर झगड़ा होना
  • आपके और आपके पार्टनर के बीच अनबन होना
  • बच्चें के स्वास्थ्य को लेकर चिंता करना
  • छोटी छोटी बात पर परेशान हो जाना
  • ज्यादा काम करना
  • घबराहट महसूस करना
  • असुरक्षा की भावना
  • कोई अप्रिय घटना का घट जाना

4. गर्भावस्था में तनाव का मां और शिशु पर क्या असर पड़ता है?

(Pregnancy me tanav ka maa aur shishu par kya asar padta hai)

Pregnancy me tanav - asar

गर्भावस्था में तनाव (tension in pregnancy in hindi) का होना मां और शिशु दोनों के लिए हानिकारक है। तो चलिए जानते हैं कि गर्भावस्था में तनाव लेने से पर क्या असर पड़ता है।

  • समय से पूर्व डिलीवरी होना (premature delivery in hindi)- गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन (cortisol hormone in hindi) बनता है, जो नियमित तनाव की वजह से गर्भनाल से शिशु तक पहुंचता है, इससे प्रसव से पहले ही शिशु का जन्म हो सकता है।

  • शुगर और उच्च रक्तचाप होना- गर्भावस्था में तनाव लेने की वजह से गर्भवती महिला को शुगर (gestational diabetes in hindi) और उच्च रक्तचाप (gestational hypertension in hindi) की समस्या हो सकती है, इसलिए गर्भवती महिलाओं को इस दौरान हमेशा खुश रहना चाहिए, ताकि वो इस गंभीर समस्या की शिकार न हो।

  • मां की नींद खराब होना- गर्भावस्था में टेंशन लेने की वजह से गर्भवती महिला पर्याप्त नींद नहीं ले पाती है, जिसकी वजह से उसे कई सारी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

  • शरीर में दर्द होना- तनाव की वजह से गर्भवती महिला के शरीर में कई हिस्से में दर्द होता है, जैसे कमर दर्द, सिर दर्द आदि ।

तो चलिए अब जानते हैं कि आखिर गर्भावस्था में तनाव होने की वजह से शिशु पर क्या असर पड़ता है?

  • शिशु के विकास में बाधा होना- गर्भावस्था में तनाव (tension in pregnancy in hindi) होने की वजह से जन्म के बाद शिशु का वजन कम हो सकता है। गौरतलब है कि गर्भावस्था में तनाव (tension in pregnancy in hindi) की वजह से हार्मोनल बदलाव होते हैं, जोकि बच्चे के दिमागी विकास में बाधा बनते हैं।

  • आयरन की कमी होना- शिशु के दिमागी विकास के लिए आयरन बहुत जरूरी होता है, लेकिन गर्भावस्था में तनाव की वजह से शिशु में आयरन की कमी हो जाती है।

5. तनाव दूर करने के लिए क्या करना चाहिए?

(Tanav dur karne ke liye kya karna chahiye)

Pregnancy me tanav - duur rakhne ke liye kya kare

अब हम आपको गर्भावस्था के दौरान होने वाले तनाव को दूर करने के लिए कुछ खास उपाय बताने जा रहे हैं, जोकि नीचे लिखे हुए हैं।

  • पौष्टिक आहार खाएं (nutritious food in hindi)- गर्भवती महिला को तनाव दूर करने के लिए पौष्टिक आहार खाना चाहिए। पौष्टिक आहार के लिए गर्भवती महिलाएं मछली या साबूत अनाज खा सकती हैं, जोकि विटामिन बी (vitamin-B in hindi) और ओमेगा फैटी एसिड (omega fatty acid in hindi) से भरपूर होते है। साथ ही बता दें कि गर्भवती महिला को मछली डॉक्टर की सलाह से ही खानी चाहिए, क्योंंकि मछली ज्यादा मात्रा में खाने से शिशु पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा गर्भवती महिला दूध, सोयाबीन, अंडा, चीज़ आदि चीजेंं खा सकती हैं।

  • आराम करें- गर्भावस्था के दौरान महिला को आराम करना चाहिए, क्योंकि आराम करने से दिनभर की थकान दूर होती है। दरअसल, गर्भवती महिला को थोड़ा थोड़ा काम करने के बाद आराम करते रहना चाहिए, क्योंंकि यह मां और शिशु दोनों के लिए बेहतर होता है।

  • व्यायाम करें (exercise in hindi)- प्रेगनेंसी की शुरूआत से ही गर्भवती को प्रतिदिन व्यायाम करना चाहिए, क्योंंकि व्यायाम से मन शांत रहता है।

  • प्रसव के बार में उचित जानकरी लें- प्रसव पीड़ा का डर हर गर्भवती महिला को होता है, जोकि गर्भावस्था में स्ट्रेस का मुख्य कारण है। गर्भवती महिलाओं को प्रसव से पूर्व ही डॉक्टर से प्रसव संबंधी सभी जानकारी ले लेनी चाहिए, इससे डर और तनाव दोनों ही खत्म हो जाता है।

  • परिजनों से बातचीत करें- गर्भावस्था के दौरान महिला को अकेले नहीं रहना चाहिए, क्योंंकि अकेले रहने से तनाव बढ़ता है। गर्भवती महिला को अक्सर किसी न किसी से सकारात्मक बातचीत करते रहना चाहिए, इससे तनाव कम होता है।

6. प्रेगनेंसी में खुश कैसे रहे?

(Pregnancy me khush kaise rahe)

Pregnancy me tanav - khush kaise rahe

गर्भवती महिला को खुश रहने के लिए अपने जीवनशैली में थोड़ा बदलाव करना चाहिए। प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला का जो मन करे वही करना चाहिए, इससे तनाव नहीं होता है।

ज्यादातर महिलाओं को खरीददारी (shopping in hindi) करना अच्छा लगता है, ऐसे मेंं गर्भवती महिला को परिजनों के साथ खरीददारी के लिए बाज़ार जाना चाहिए। अगर आपको घूमना फिरना भी अच्छा लगता है, तो आप कहीं नजदीक में घूमें, इससे आप प्रेगनेंसी के दौरान खुश रह सकती हैं।

गर्भावस्था में खुश रहने के लिए आप टेलीविजन पर अपना पसंदीदा धारावाहिक या फिर कुछ और देख सकती हैं, इससे आपका दिनभर का तनाव दूर होगा। इसके अलावा आप अपने पति के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताएं, क्योंकि उनके साथ होने से आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा।

प्रेगनेंसी में खुश रहने के लिए आपको अपने होने वाले शिशु के बारे में सोचना चाहिए, इससे आपका शिशु से लगाव भी बढ़ेगा। दरअसल, जब आप अपने शिशु के बारे में सोचेंगी तो आप अपनी सारी टेंशन (tension in hindi) भूल जाएंगी।

7. क्या गर्भावस्था में तनाव होने पर डॉक्टर के पास जाना चाहिए?

(Kya pregnancy me tanav hone par doctor ke pas jana chahiye)

Pregnancy me tanav - doctor ke paas kab jaye

थोड़ा बहुत तनाव होने पर आपको अपने पति या परिजनों से बात करनी चाहिए, क्योंकि कई बार बातचीत से ही तनाव दूर हो जाता है। दरअसल, जब आप किसी से बात करते हैं, तो आपका ध्यान बट जाता है, जिससे तनाव कम होता है।

अगर गर्भावस्था में तनाव बहुत ज्यादा बढ़ जाए तो आपको डॉक्टर से जरूर संपर्क कर लेना चाहिए। गौरतलब है कि गर्भावस्था में तनाव (stress in pregnancy in hindi) का असर सीधे बेबी पर पड़ता है, ऐसे मेंं आपको किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।

अगर आप प्रेगनेंसी के दौरान तनाव (stress in hindi) में है, तो ऊपर बताए गये तरीकों से इसे दूर करें, क्योंंकि तनाव शिशु के लिए बिल्कुल ठीक नहीं होता है। ऐसे में इस दौरान आपको खूब मस्ती करनी चाहिए, यह शिशु और आपके लिए बेहतर होगा।

इस ब्लॉग के विषय- 1. गर्भावस्था में तनाव क्या है? (Pregnancy me tanav kya hai)2. गर्भावस्था में तनाव का कारण क्या है? (Pregnancy me tanav ka karan kya hai)3.गर्भावस्था में तनाव के लक्षण क्या है? (Garbhavastha me tanav ke lakshan kya hai)4. गर्भावस्था में तनाव का मां और शिशु पर क्या असर पड़ता है? (Pregnancy me tanav ka maa aur shishu par kya asar padta hai)5.तनाव दूर करने के लिए क्या करना चाहिए? (Tanav dur karne ke liye kya karna chahiye)6.प्रेगनेंसी में खुश कैसे रहे? (Pregnancy me khush kaise rahe)7.क्या गर्भावस्था में तनाव होने पर डॉक्टर के पास जाना चाहिए? (Kya pregnancy me tanav hone par doctor ke pas jana chahiye)
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