गर्भावस्था में टीकाकरण : ज़रूरी बातें (Garbhavastha me tikakaran : jaruri baatein)

गर्भावस्था में टीकाकरण : ज़रूरी बातें (Garbhavastha me tikakaran : jaruri baatein)

प्रेगनेंसी में गर्भवती महिलाओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता अन्य महिलाओं की तुलना कम हो जाती है, जिसकी वजह से उन्हें कई बीमारियां होने का खतरा होता है। इन तमाम बीमारियों से बचने के लिए गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान टीकाकरण (pregnancy me vaccination in hindi) ज़रूर करवाना चाहिए।

प्रेगनेंसी की शुरूआत से ही कुछ हफ्ते या महीनों के अंतराल में महिलाओं को कई टीके (vaccine in hindi) लगाए जाते हैं। इस ब्लॉग में हम आपको गर्भावस्था के दौरान टीकाकरण (pregnancy me vaccination in hindi) संबंधी सारी जानकारी दे रहे हैं।

1. गर्भावस्था के दौरान टीकाकरण क्यों ज़रूरी होता है?

(Pregnancy ke dauran vaccination kyun zaruri hota hai)


pregnancy ke dauran vaccination

गर्भावस्था में टीका लगवाना न सिर्फ गर्भवती महिला के लिए ज़रूरी है, बल्कि उसके गर्भ में पल रहे शिशु के लिए भी बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण है। गर्भावस्था के दौरान टीकाकरण (pregnancy me vaccination in hindi) से मां और शिशु दोनों ही सुरक्षित रहते हैं।

प्रेगनेेंसी में गर्भवती महिलाओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता ही उनके बच्चे को सुरक्षित रखने में मदद करती है और इसलिए उन्हें अपने शिशु के अच्छे स्वास्थ्य के लिए अपना विशेष ध्यान रखना चाहिए।

कई गर्भवती महिलाएं टीकाकरण (vaccination in hindi) को ज्यादा महत्व नहीं देती हैं, लेकिन अगर इसे नज़रअंदाज़ किया जाता है तो मां और शिशु दोनों को ही कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। इसलिए गर्भवती महिलाओं को डॉक्टर की सलाह से सभी ज़रूरी टीके लगवा लेने चाहिए।

2. क्या गर्भावस्था के दौरान टीकाकरण सुरक्षित है?

(Kya garbhavastha ke dauran vaccination surakshit hai)

vaccination during pregnancy

गर्भावस्था के दौरान टीकाकरण (pregnancy me vaccination in hindi) पूरी तरह से सुरक्षित होता है, क्योंकि फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) की निगरानी में हर टीके की अच्छी तरह से जांच की जाती हैं। एफडीए इस बात की पुष्टि करता है कि ये टीके शुद्धता, सुरक्षा और शक्ति के आधार पर पूरी तरह से सही हैं।

गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिलाओं को सरकारी या किसी अच्छे निजी अस्पताल से ही टीकाकरण (vaccination in hindi) करवाना चाहिए। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि उन्हें लगाए जाने वाले टीके की तारीख खत्म तो नहीं हो गई है।

3. गर्भावस्था में कौन कौन से टीके लगवाने चाहिए?

(Pregnancy me kaun kaun se tike lgavane chahiye)

types of vaccination during pregnancy

प्रेगनेंसी के समय गर्भवती महिलाओं को विभिन्न रोगों से मुक्त रहने के लिए टीकाकरण (vaccination in hindi) की आवश्यकता होती है, जिसकी वजह से उन्हें नीचे लिखे गये टीके लगाए जाते हैं-

  • डीटीपी यानि डिफ्थीरिया, टेटनेस, पर्टुसिस (tetanus/diphtheria/pertussis DTP in hindi)- गर्भवती महिलाओं को प्रेगनेंसी में डीटीपी का टीका लगाया जाता है। प्रेगनेंसी के 27वें सप्ताह से 36वें सप्ताह के बीच में इस टीके को लगाया जाता है। दरअसल, यह टीका शिशु को काली खांसी की गंभीर बीमारी से बचाने में मदद करता है। आकड़ों की माने तो हर साल देश में इस रोग से तकरीबन 20 से 30 बच्चों की जान चली जाती है, इसलिए प्रेगनेंसी में इस टीके को ज़रूर लगवाना चाहिए।

  • फ्लू टीका (influenza vaccine in hindi)- प्रेगनेंसी में गर्भवती महिलाओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता घटने, हृदय और फेफड़ो में बदलाव होने की वजह से फ्लू का खतरा बढ़ता है। फ्लू का खतरा प्रेगनेंसी के किसी भी तिमाही में हो सकता है और इससे समय से पूर्व डिलीवरी (premature delivery in hindi) की संभावना बढ़ जाती है। यह टीका उस मौसम में लगाया जाता है, जब फ्लू फैलने का खतरा ज्यादा होता है।

  • हेपेटाइटिस बी टीका (hepatitis B vaccine in hindi)- गर्भवती महिलाओं में हेपेटाइटिस बी का खतरा ज्यादा होता है, इसलिए इससे बचने के लिए टीका ज़रूर लगवाना चाहिए। इस टीके की मदद से गर्भवती महिला और उसका शिशु जन्म के कुछ समय के बाद तक संक्रमण से सुरक्षित रहते हैं।

4. गर्भावस्था में कौन से टीके नहीं लगवाने चाहिए?

(Garbhavastha me kaun se tike nahi lgavane chahiye)

garbhavastha ke tike

जहां एक तरफ गर्भवती महिलाओं को संक्रमण से बचने के लिए कुछ ज़रूरी टीके लगवाने चाहिए, तो वहीं दूसरी तरफ अपनी सुरक्षा के लिए उन्हें नीचे लिखे गये टीकों को नहीं लगवाना चाहिए-

  • हेपेटाइटिस ए (hepatitis A vaccine in hindi)- हेपेटाइटिस ए के बारे में अभी पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है, इसलिए गर्भवती महिलाओं को यह टीका नहीं लगवाना चाहिए। हालांकि यह टीका उन गर्भवती महिलाओं को लगाया जाता है, जिन्हें लिवर से संबंधित बीमारी हो।

  • खसरा, मंप्स और रूबैला (एमएमआर)- एमएमआर एक जीवित वायरस टीका है, जोकि शिशु के लिए खतरा हो सकता है। इसलिए गर्भवती महिलाओं यह टीका नहीं लगवाना चाहिए। हालांकि, महिलाओं को इस टीके को प्रेगनेंसी की तैयारी करने से एक महीने पहले ही लगवा लेना चाहिए। साथ ही बता दें कि अगर प्रेगनेंसी में गर्भवती महिलाओं को इससे जुड़ी बीमारी होती है तो उन्हें डिलीवरी के बाद यह टीका लगाया जाता है।

  • न्यूमोकोकल (pneumococcal vaccine in hindi)- इस टीकाकरण (vaccination in hindi) के बारे में अधिक जानकारी न होने की वजह से गर्भवती महिलाओं को इसे नहीं लगवाना चाहिए।

  • ओपीवी और आईपीवी (OPV and IPV in hindi)- गर्भवती महिलाओं को पोलियों की जीवित वायरस और निष्क्रिय वायरस युक्त दवाओं को नहीं देना चाहिए।

  • टाइफाइड- गर्भावस्था के दौरान टाइफाइड टीकाकरण (vaccination in hindi) से गर्भवती महिलाओं को बचना चाहिए।

  • चेचक (varicella in hindi)- प्रेगनेंसी की तैयारी करने से एक या दो महीने पहले ही महिलाओं को चेचक टीका लगवा लेना चाहिए, लेकिन प्रेगनेंसी में यह टीका नही लगवाना चाहिए।

  • एचपीवी (HPV vaccine in hindi)- डॉक्टर की सलाह के बाद ही गर्भवती महिलाओं को यह टीका लगवाना चाहिए।

5. क्या गर्भावस्था के दौरान टीकाकरण का कोई दुष्प्रभाव होता है?

(Kya garbhavastha ke dauran vaccination ka koi side effect hota hai)

pregnancy me tikakaran

गर्भावस्था के दौरान टीकाकरण (pregnancy me vaccination in hindi) से गर्भवती महिलाओं पर कई तरह के प्रभाव पड़ सकते हैं। इसलिए अगर गर्भवती महिलाओं को किसी तरह की कोई भी परेशानी महसूस हो तो उन्हें डॉक्टर से ज़रूर संपर्क करना चाहिए।

  • हेपेटाइटिस ए (hepatitis A vaccine in hindi)- हेपेटाइटिस ए टीका लगवाने से प्रभावित क्षेत्र पर सूजन या लालिमा हो सकती है। इसके अलावा सिरदर्द और थकान की शिकायत हो सकती है।

  • हेपेटाइटिस बी (hepatitis B vaccine in hindi)- हेपेटाइटिस बी इंजेक्शन लगवाने से प्रभावित क्षेत्र पर सूजन हो सकती है।

  • फ्लू (influenza vaccine in hindi)- फ्लू इंजेक्शन लगवाने से प्रभावित क्षेत्र पर लालिमा आ जाती है। इसके अलावा गर्भवती महिला को बुखार भी हो सकता है।

  • डीटीपी (tetanus/diphtheria/pertussis DTP in hindi)- इस इंजेक्शन की जगह पर सूजन हो सकती है। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं को हल्का बुखार भी महसूस हो सकता है।

  • एमएमआर- एमएमआर का टीका लगवाने पर गर्भवती महिलाओं को जोड़ो में दर्द या गर्दन और गालों पर सूजन हो सकती है।

  • चेचक (varicella in hindi)- चेचक से बचने के लिए लगवाए जाने वाले टीके से प्रभावित क्षेत्र पर सूजन या दाद की समस्या हो सकती है।

  • न्यूमोकोकल (pneumococcal vaccine in hindi)- न्यूमोकोकल टीका लगवाने से प्रभावित क्षेत्र पर सूजन और लालिमा होने के साथ ही हल्का बुखार भी हो सकता है।

नोट- गर्भावास्था के दौरान टीकाकरण (pregnancy me vaccination in hindi) के बाद अगर गर्भवती महिलाओं को ज्यादा परेशानी हो रही है, तो उन्हें फौरन डॉक्टर से संपर्क कर लेना चाहिए।

6. क्या गर्भावस्था के दौरान टीकाकरण से शिशु को नुकसान होता है?

(Kya garbhavastha ke dauran vaccination se shishu ko nuksan hota hai)

effect of vaccination during pregnancy

टीके तीन प्रकार के होते हैं- अक्रिय, लाइव वायरस और टॉक्सोइड। लाइव वायरस टीके गर्भवती महिलाओं को नहीं लगाएं जाते हैं, क्योंकि इससे शिशु को नुकसान होता है। गर्भावस्था में अक्रिय टीके और टॉक्सोइड टीके दिये जाते हैं, क्योंकि इससे शिशु को कोई नुकसान नहीं होता है।

7. गर्भावस्था के दौरान टीकाकरण के बाद की सावधानियां

(Garbhavastha ke dauran tikakaran ke baad ki savdhaniya)

precaution vaccination during pregnancy

गर्भावस्था में गर्भवती महिलाओं को टीका लगवाने के बाद नीचे लिखी गई सावधानियां बरतनी चाहिए-

  • गर्भवती महिला को टीका लगने के बाद आधे घंटे तक अस्पताल में ही रूकना चाहिए, ताकि कोई परेशानी होने पर डॉक्टर की मदद मिल सके।

  • टीका (vaccine in hindi) लगने के बाद गर्भवती महिलाओं को प्रभावित क्षेत्र पर खुजलाने से बचना चाहिए।

  • अगर इंजेक्शन वाली जगह पर लालिमा या सूजन है तो उसे रगड़ने के बजाय साफ कपड़े को ठंडे पानी में भिगो के प्रभावित क्षेत्र पर कुछ देर के लिए रखे।

  • गर्भवती महिलाएं इंजेक्शन वाली जगह पर किसी भी प्रकार की दवा का इस्तेमाल न करें।

गर्भावस्था के दौरान टीकाकरण (pregnancy me vaccination in hindi) से मां और शिशु में संक्रमित बीमारियों की संभावना कम हो जाती है। इस दौरान गर्भवती महिलाओं को सभी ज़रूरी टीके समय समय पर लगवाने चाहिए और इसके लिए उन्हें डॉक्टर से ज़रूर संपर्क करना चाहिए।

साथ ही बता दें कि गर्भावस्था में टीकाकरण (pregnancy me vaccination in hindi) के लिए गर्भवती महिलाओं को सरकारी या किसी अच्छे निजी अस्पताल ही जाना चाहिए, क्योंकि वहां साफ सफाई का पूरा ध्यान रखा जाता है।

इस ब्लॉग के विषय - 1. गर्भावस्था के दौरान टीकाकरण क्यों ज़रूरी होता है? (Pregnancy ke dauran vaccination kyun zaruri hota hai),2. क्या गर्भावस्था के दौरान टीकाकरण सुरक्षित है? (Kya garbhavastha ke dauran vaccination surakshit hai),3. गर्भावस्था में कौन कौन से टीके लगवाने चाहिए? (Pregnancy me kaun kaun se tike lgavane chahiye),4. गर्भावस्था में कौन से टीके नहीं लगवाने चाहिए? (Garbhavastha me kaun se tike nahi lgavane chahiye),5. क्या गर्भावस्था के दौरान टीकाकरण का कोई दुष्प्रभाव होता है? (Kya garbhavastha ke dauran vaccination ka koi side effect hota hai),6. क्या गर्भावस्था के दौरान टीकाकरण से शिशु को नुकसान होता है? (Kya garbhavastha ke dauran vaccination se shishu ko nuksan hota hai),7. गर्भावस्था के दौरान टीकाकरण के बाद की सावधानियां (Garbhavastha ke dauran tikakaran ke baad ki savdhaniya)
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