गर्भवती ना होने के चिकित्सकीय कारण (Pregnant na hone ke medical karan)

गर्भवती ना होने के चिकित्सकीय कारण (Pregnant na hone ke medical karan)

काफी समय से लगातार गर्भधारण करने की कोशिश करने के बावजूद गर्भवती ना होना शादीशुदा जोड़ों को परेशान कर देता है। हर तरह से स्वस्थ जोड़ों को भी गर्भधारण करने में एक साल तक का समय लग सकता है। इसलिए आपको हिम्मत हारे बिना कोशिश करनी चाहिए। इससे पहले कि आप यह मानकर बैठ जाएं कि आपको बांझपन जैसी कोई समस्या है, आपको यह जानना चाहिए कि आप गर्भवती क्यों नहीं हो पा रही हैं, ताकि आप समझ सकें कि आपको गर्भवती होने के लिए क्या करना चाहिए।

इस ब्लॉग में हम आपको प्रेगनेंट ना होने के मेडिकल कारण और समस्याओं के संभावित उपाय बता रहे हैं।

गर्भधारण ना होने के मेडिकल कारण क्या हैं?

(Garbhdharan na hone ke medical karan kya hai)

कई बार आपके गर्भवती ना होने के पीछे किसी शारीरिक समस्या का हाथ हो सकता है। समस्या का जल्दी पता लगाने से उसके सही होने की ज्यादा संभावना होती है। हम नीचे आपके गर्भधारण ना कर पाने के संभावित चिकित्सकीय कारण बता रहे हैं, ताकि आप गर्भवती होने के लिए सही कदम उठा पाएं -

1. प्रेग्नेंट नहीं होने के कारण : अनियमित मासिक धर्म

(Pregnant na hone ke karan : Aniyamit masik dharm)

Medical reasons for not getting pregnant- Irregular periods

जिन महिलाओं का मासिक धर्म यानी पीरियड नियमित नहीं होता है, उन्हें बाकी महिलाओं की तुलना में गर्भवती होने में ज्यादा कठिनाई होती है। अनियमित मासिक चक्र की वजह से उनका ओवुलेशन भी नियमित नहीं होता है और बिना अंडे के निषेचन के गर्भधारण होना असंभव है। इसलिए आपका ओवुलेशन जितना कम होगा, आपके प्रेग्नेंट होने की संभावना उतनी ही कम होगी।

इससे राहत कैसे पाएं?

डॉक्टर आपको आपके अनियमित पीरियड्स की सही वजह बता सकते हैं और इसका उचित इलाज कर सकते हैं। इसके साथ ही, आपको पौष्टिक खाना खाना चाहिए, वजन नियंत्रित रखना चाहिए, हल्का-फुल्का व्यायाम करना चाहिए और डॉक्टर की सभी सलाहों को मानना चाहिए।

2. प्रेग्नेंट नहीं होने के कारण : एंडोमेट्रियोसिस

(Pregnant na hone ke karan : Endometriosis in hindi)

Medical reasons for not getting pregnant- Endometriosis

यह प्रजनन तंत्र (बच्चा पैदा करने में सहायक अंग) की एक समस्या है, जिसमें गर्भाशय की अंदरूनी परत (एंडोमेट्रियम) गर्भाशय के बाहर विकसित होने लगती है। इसकी वजह से फैलोपियन ट्यूब व अंडाशय के काम में रुकावट पैदा हो सकती है और आपको गर्भवती होने में परेशानी आ सकती है।

एंडोमेट्रियोसिस होने पर आपको पैल्विक में दर्द व मासिक धर्म - सेक्स - मलत्यात करते समय तेज दर्द हो सकता है और बार बार पेशाब भी आ सकता है।

इससे राहत कैसे पाएं?

आपके अंडाशय और फैलोपियन ट्यूब के काम में रुकावट डाल रही परत को लेप्रोस्कोपी नामक छोटी सर्जरी की मदद से हटाया जाता है। इस सर्जरी के छह से आठ महीने बाद आप गर्भधारण कर सकती हैं। अगर आप अब भी गर्भवती नहीं हो पा रही हैं, तो आपको आईयूआई व आईवीएफ जैसी कृत्रिम गर्भाधान की तकनीकों की मदद से गर्भधारण करवाया जा सकता है।

3. प्रेग्नेंट नहीं होने के कारण : ओवुलेशन संबंधी परेशानी

(Pregnant na hone ke karan : Ovulation se judi pareshani)

यह महिलाओं के गर्भधारण ना कर पाने का सबसे सामान्य कारण माना जाता है। जब आपका ओवुलेशन नियमित नहीं होता है या बिल्कुल भी नहीं होता है, तो आपको गर्भवती होने में कठिनाई हो सकती है। इस स्थिति में, विभिन्न कारणों से अंडाशय से परिपक्व अंडा बाहर नहीं आ पाता है।

ओवुलेशन संबंधी समस्याओं के प्रमुख कारण हॉर्मोनल असंतुलन, वजन ज्यादा बढ़ना या कम होना, ज्यादा एक्सरसाइज करना या तनावग्रस्त होना हो सकते हैं।

इससे राहत कैसे पाएं?

इससे राहत पाने के लिए आपको डॉक्टर के पास जाना चाहिए। वो समस्या की सही वजह का पता लगाकर आपको उचित दवाएँ दे सकते हैं, जिनसे आपका ओवुलेशन नियमित हो सकता है और आप गर्भवती हो सकती हैं।

4. प्रेग्नेंट नहीं होने के कारण : पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम या पीसीओएस

(Pregnant na hone ke karan : Polycystic ovary syndrome or PCOS in hindi)

Medical reasons for not getting pregnant- PCOD or PCOS

आमतौर पर यह स्थिति शरीर में हॉर्मोनल असंतुलन पैदा होने की वजह से पैदा होती है। इसे पीसीओएस भी कहा जाता है, यह सिंड्रोम होने पर आपके अंडाशय में छोटी-छोटी गाँठें बनने लगती हैं। इनकी वजह से अंडा परिपक्व होकर बाहर नहीं आ पाता है।

इसके लक्षणों में अनियमित मासिक धर्म, वजन बढ़ना, कील-मुहाँसे और चेहरे पर बाल आना आदि शामिल हैं।

इससे राहत कैसे पाएं?

पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम से राहत पाने का सबसे अच्छा उपाय यही है कि आप अपनी दिनचर्या में बदलाव करें और अच्छी आदतें अपनाएं। इससे आपका वजन व शरीर में हॉर्मोन्स का स्तर नियंत्रित रह पाएगा। साथ ही, डॉक्टर आपको कुछ विशेष दवाएँ भी दे सकते हैं। अब भी गर्भधारण ना कर आने पर डॉक्टर आपको आईवीएफ तकनीक के ज़रिए कृत्रिम गर्भाधान करने की सलाह दे सकते हैं।

5. प्रेग्नेंट नहीं होने के कारण : फैलोपियन ट्यूब में समस्या

(Pregnant na hone ke karan : Fallopian tubes me problems)

Medical reasons for not getting pregnant- Fallopian tube problem

फैलोपियन ट्यूब आपके अंडाशयों को जोड़ने वाली नली होती है। ये अंडे के निषेचन और निषेचित अंडे को गर्भाशय तक लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस ट्यूब के बंद या क्षतिग्रस्त होने पर शुक्राणु और अंडे का मिलना असंभव हो जाता है और आप गर्भधारण नहीं कर पाती हैं।

यौन संक्रामक रोगों, जननांगों की बीमारियों या नसबंदी की वजह से फैलोपियन ट्यूब में समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

इससे राहत कैसे पाएं?

बंद ट्यूब को खोलने या क्षतिग्रस्त ट्यूब की मरम्मत करने के लिए लेप्रोस्कोपी की जा सकती है। इसके आठ से दस महीने बाद आप गर्भवती हो सकती हैं। फिर भी गर्भधारण ना होने पर आपको कृत्रिम गर्भाधान करवाने की सलाह दी जाती है।

6. प्रेग्नेंट नहीं होने के कारण : अंडे संबंधी परेशानी

(Pregnant na hone ke karan : Egg sambandhi pareshani)

Medical reasons for not getting pregnant- Egg sambhandi pareshaani

महिलाओं की उम्र उनकी गर्भधारण करने की क्षमता को बड़े पैमाने पर प्रभावित करती है। 30 वर्ष की उम्र के बाद आपके अंडे की गुणवत्ता और अंडाशय में अंडों की संख्या तेजी से घटने लगती है।

जन्म के समय महिलाओं के शरीर में करीब तीस लाख अपरिपक्व अंडे होते हैं। किशोरावस्था की शुरुआत तक इनकी संख्या लगभग तीन लाख रह जाती है। आपकी पूरी उम्र में अंडाशय करीब 300 परिपक्व अंडे बाहर निकालते हैं। रजोनिवृत्ति (ओवुलेशन बंद होना) तक अंडाशयों में अंडे लगभग खत्म हो जाते हैं।

अंडों की गुणवत्ता खराब होने, अंडे क्षतिग्रस्त होने व ओवुलेशन बंद होने पर आपका गर्भधारण कर पाना नामुमकिन है।

इससे राहत कैसे पाएं?

आपके शरीर में अंडे खत्म हो जाने पर उन्हें दोबारा पैदा नहीं किया जा सकता है, इसलिए आपको सही समय (यानी 25 से 35 वर्ष की उम्र में) बच्चे पैदा कर लेने चाहिए। अपने अंडों की गुणवत्ता सही बनाए रखने के लिए वजन नियंत्रित रखें, सिगरेट-शराब ना पीएं, थायरॉइड नियंत्रित रखें और अच्छी दिनचर्या अपनाएं।

इसके साथ ही, डॉक्टर की सलाह से फिश ऑयल, प्रीनेटल विटामिन्स, फोलिक एसिड, आयरन और अन्य जरूरी दवाएँ लें।

अगर ऊपर बताए गए उपाय आपके काम ना आएं, तो आप किसी कम उम्र वाली महिला के अंडे या भ्रूण से गर्भवती हो सकती हैं।

7. प्रेग्नेंट नहीं होने के कारण : शरीर में प्रोजेस्टेरोन की कम मात्रा

(Pregnant na hone ke karan : Body me progesterone ki matra kam hona)

अंडे के निषेचन के बाद उसके गर्भाशय से जुड़ने और विकसित होने में प्रोजेस्टेरोन हॉर्मोन की अहम भूमिका होती है। ओवुलेशन के बाद अंडे का कोष, कोर्पस ल्युटियम बन जाता है और प्रोजेस्टेरोन हॉर्मोन बनाने लगता है। इस प्रक्रिया में कोई रुकावट आने पर इस हॉर्मोन की मात्रा कम हो जाती है और आप गर्भवती नहीं हो पाती हैं।

अगर आप गर्भधारण कर भी लेती हैं, तब भी प्लेसेंटा और भ्रूण का विकास नहीं होता है और वह मर जाता है या गर्भपात हो जाता है। कुछ अन्य स्थितियों में भी ऐसा हो सकता है।

इससे राहत कैसे पाएं?

इस स्थिति में, डॉक्टर आपको प्रोजेस्टेरोन हॉर्मोन की गोलियां दे सकते हैं या फिर आपकी योनि व गर्भाशय में प्रोजेस्टेरोन के इंजेक्शन लगा सकते हैं। इससे गर्भाशय में भ्रूण के विकास के लिए, रक्त से भरपूर परत बनने में मदद मिलती है।

8. प्रेग्नेंट नहीं होने के कारण : सर्वाइकल म्यूकस संबंधी समस्या

(Pregnant na hone ke karan : Cervical mucus se judi problems)

Medical reasons for not getting pregnant- Cervical mucus problems

ओवुलेशन के समय सर्वाइकल म्यूकस (गर्भाशय के मुंह पर मौजूद म्यूकस) बिल्कुल पानी की तरह पतला व लिसलिसा हो जाता है और शुक्राणुओं को अंडे तक पहुंचाने में मदद करता है। सर्वाइकल म्यूकस में गड़बड़ी होने पर, ये शुक्राणुओं को अंडे तक नहीं जाने देता है या उनका सर्विक्स को पार करना मुश्किल कर देता है और आप गर्भवती नहीं हो पाती हैं। कई मामलों में तो यह म्यूकस शुक्राणुओं को मार भी देता है।

आमतौर पर ऐसा सर्विक्स (गर्भाशय के मुंह) में संक्रमण होने पर या किसी सर्जरी की वजह से सर्विक्स छोटी होने की वजह से होता है।

इससे राहत कैसे पाएं?

इससे राहत पाने के लिए आपको डॉक्टर के पास जाना चाहिए। वो लक्षणों व सर्विक्स की जांच करके समस्या का सही इलाज कर पाएंगे। इसके बाद भी गर्भधारण ना हो पाने पर आप कृत्रिम गर्भाधान की तकनीकों की मदद ले सकती हैं।

9. प्रेग्नेंट नहीं होने के कारण : थायरॉइड

(Pregnant na hone ke karan : Thyroid in hindi)

Medical reasons for not getting pregnant- Thyroid problems

आपके गले के सामने की तरफ तितली के आकार की एक ग्रन्थि होती है, जिसे थायरॉइड ग्रन्थि कहते हैं और ये थायरॉइड हॉर्मोन बनाती है। यह हॉर्मोन आपके शरीर के तापमान, ओवुलेशन आदि को नियंत्रित करता है। जब यह ग्रन्थि सामान्य से कम या ज्यादा मात्रा में हॉर्मोन बनाने लगती है, तो इससे अनियमित मासिक धर्म व ओवुलेशन ना होने जैसी समस्याएं पैदा हो जाती हैं और आप गर्भवती नहीं हो पाती हैं।

थायरॉइड हॉर्मोन की अधिकता से आपका मासिक धर्म लगातार तीन महीने या इससे ज्यादा समय तक बंद हो सकता है।

थायरॉइड हॉर्मोन की कमी होने से एस्ट्रोजन व प्रोजेस्टेरोन हॉर्मोन का स्राव कम हो जाता है और इससे अनियमित ओवुलेशन व गलत अंडा बाहर निकलने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। साथ ही, इसकी वजह से आपको पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम भी हो सकता है, जो आपके गर्भवती ना होने की एक अन्य प्रमुख वजह हो सकती है।

इससे राहत कैसे पाएं?

आपको डॉक्टर के पास जाना चाहिए। वो कुछ जांचों के ज़रिए इस स्थिति की पुष्टि करके सही इलाज शुरू करेंगे। उचित इलाज की मदद से कुछ ही महीनों में आपका मासिक धर्म व ओवुलेशन नियमित हो सकता है और आप गर्भवती हो सकती हैं।

10. प्रेग्नेंट नहीं होने के कारण : वीर्य संबंधी परेशानी

(Pregnant na hone ke karan : Virya sambandhi pareshani)

Medical reasons for not getting pregnant- Sperm problem

गर्भवती होने के लिए आपके अंडे से एक स्वस्थ शुक्राणु का जुड़ना ज़रूरी होता है। मगर, आपके जीवनसाथी के वीर्य में समस्याएं (जैसे कम शुक्राणु होना, शुक्राणु कमज़ोर होना, शुक्राणुओं का आकार खराब होना आदि) होने पर, शुक्राणु का अंडे से मिलकर उसे निषेचित करना मुश्किल हो जाता है। इस स्थिति में, आपका गर्भधारण करना बहुत कठिन हो जाता है।

आपके जीवनसाथी के वीर्य में समस्याओं की मुख्य वजहें, उनका सिगरेट-शराब पीना या अन्य नशे करना, वजन अधिक होना, कुछ विशेष दवाएँ लेना, कोई बीमारी या आनुवंशिक समस्या होना और कोई यौन संक्रामक रोग होना, हो सकती हैं।

इससे राहत कैसे पाएं?

आपके जीवनसाथी को सभी तरह के नशे छोड़ने के लिए प्रेरित करें और एक्सरसाइज व अच्छे खानपान की मदद से वजन नियंत्रित करने की सलाह दें। साथ ही, उन्हें डॉक्टर के पास लेकर जाएं। उचित जांच करके वीर्य सम्बंधी समस्याओं की सही वजह का पता लगाया जा सकता है। ज़रूरत पड़ने पर, डॉक्टर उन्हें प्रजनन क्षमता बढ़ाने वाली दवाएं दे सकते हैं।

इसके अलावा, आपको कृत्रिम गर्भाधान करवाने की सलाह भी दी जा सकती है।

11. प्रेग्नेंट नहीं होने के कारण : वीर्य की नली बंद होना

(Pregnant na hone ke karan : Virya nali band hona)

Medical reasons for not getting pregnant- Sperm problem

पुरुषों के अंडकोषों को वीर्य की थैली से जोड़ने वाली नली वीर्य में परिपक्व शुक्राणु मिलाने का काम करती है। इस नली में रुकावट पैदा होने पर, वीर्य में शुक्राणु नहीं मिल पाते हैं और आपको गर्भवती होने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

यौन संक्रामक रोग (जैसे गोनोरिया, क्लेमाइडिया आदि), जन्मजात दोष या जननांगों में किसी प्रकार की चोट लगने की वजह से, आपके जीवनसाथी की वीर्य की नली में रुकावट आ सकती है।

इससे राहत कैसे पाएं?

वीर्य नली की रुकावट को दूर करने के लिए, डॉक्टर आमतौर पर छोटी सर्जरी की मदद लेते हैं। इससे वीर्य में परिपक्व शुक्राणु दोबारा आने लगते हैं।

गर्भवती होने में थोड़ा समय लगना सामान्य है, इसलिए निराश हुए बिना लगातार प्यार भरी कोशिशें करती रहें। लेकिन, अगर छह महीने से लेकर एक साल तक लगातार कोशिश करने के बावजूद आप गर्भधारण ना कर पाएं, तो इसके पीछे कुछ मेडिकल यानी चिकित्सकीय कारण हो सकते हैं।

अगर आपको प्रजनन तंत्र से जुड़ी कोई समस्या है, तो हिम्मत ना हारें। आज तकनीक बहुत आगे पहुंच चुकी है और इसकी मदद से लगभग हर समस्या को ठीक किया जा सकता है। मगर, सही इलाज के लिए आपकी समस्या की सही पहचान करना करना ज़रूरी है। इसलिए उचित समय पर डॉक्टर से मिलें और उनकी सलाह का पालन करें।

हमें उम्मीद है - जल्दी ही आपकी गोद में भी एक प्यारा सा बच्चा होगा!

इस ब्लॉग के विषय - गर्भधारण ना होने के मेडिकल कारण क्या हैं? (Garbhdharan na hone ke medical karan kya hai)1. प्रेग्नेंट नहीं होने के कारण : अनियमित मासिक धर्म (Pregnant na hone ke karan : Aniyamit masik dharm)2. बच्चा नहीं होने का कारण : एंडोमेट्रियोसिस (Bacha na hone ke karan : Endometriosis in hindi)3. बच्चा नहीं होने का कारण : ओवुलेशन संबंधी परेशानी (Pregnant na hone ke karan : Ovulation se judi pareshaniya)4. बच्चा नहीं होने का कारण : पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम या पीसीओएस (Pregnant na hone ke karan : Polycystic ovary syndrome or PCOS in hindi)5. बच्चा नहीं होने का कारण : फैलोपियन ट्यूब में समस्या (Bacha na hone ke karan : Fallopian tubes me problems)6. बच्चा नहीं होने का कारण : अंडे संबंधी परेशानी (Bacha na hone ke karan : Egg sambandhi pareshani)7. गर्भ न ठहरने के कारण : शरीर में प्रोजेस्टेरोन की कम मात्रा (Bacha na hone ke karan : Body me progesterone ki matra kam hona)8. गर्भ न ठहरने के कारण : सर्वाइकल म्यूकस संबंधी समस्या (Bacha na hone ke karan : Cervical mucus se judi problems)9. गर्भ न ठहरने के कारण : थायरॉइड (Bacha na hone ke karan : Thyroid in hindi)10. गर्भ न ठहरने के कारण : वीर्य संबंधी परेशानी (Bacha na hone ke karan : Virya sambandhi pareshani)11. गर्भ न ठहरने के कारण : वीर्य की नली बंद होना (Bacha na hone ke karan : Virya nali band hona)
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