सिजेरियन डिलीवरी के बाद नॉर्मल डिलीवरी (Cesarean ke baad normal delivery)

सिजेरियन डिलीवरी के बाद नॉर्मल डिलीवरी (Cesarean ke baad normal delivery)

आजकल नॉर्मल डिलीवरी के बजाय महिलाएं सिजेरियन डिलीवरी को ज्यादा प्राथमिकता दे रही हैं, इसलिए देश में पिछले कुछ सालोंं में इसकी संख्या बढ़ रही है। कई महिलाएं प्रसव पीड़ा के डर से सिजेरियन डिलीवरी (cesarean delivery in hindi) को चुनती है, तो वहीं कुछ महिलाओं की प्रेगनेंसी में जटिलताएं होने की वजह से उन्हें ऑपरेशन की सलाह दी जाती है। इन सबके बीच कुछ महिलाओं की चिंता यह होती है कि अगर उनका पहला बेबी ऑपरेशन से हुआ है तो क्या दूसरा भी सिजेरियन से ही होगा। हम आपको इस ब्लॉग में सिजेरियन डिलीवरी के बाद नॉर्मल डिलीवरी (cesarean ke baad normal delivery) से जुड़ी तमाम जानकारी देंगे।

1. सिजेरियन डिलीवरी और नॉर्मल डिलीवरी में अंतर क्या है?

(Cesarean delivery aur normal delivery me kya antar hai)

Cesarean delivery aur normal delivery me antar

शिशु को दुनिया में लाने के लिए नार्मल डिलीवरी (normal delivery in hindi) और सिजेरियन डिलीवरी (cesarean delivery in hindi) की प्रक्रिया अपनाई जाती है। नार्मल डिलीवरी और ऑपरेशन डिलीवरी (operation delivery in hindi) को लेकर अक्सर महिलाएं दुविधा में रहती हैं, क्योंकि एक प्रक्रिया में जहां उन्हें असहनीय पीड़ा का डर होता है, तो वहीं दूसरी में जोखिम की चिंता सताती है। नीचे हम आपको नॉर्मल और सिजेरियन डीलीवरी में अंतर बता रहे हैं-

  • जहां एक तरफ सीजर डिलीवरी (cesarean delivery in hindi) में ऑपरेशन से शिशु को इस दुनिया में लाया जाता है, तो वहीं दूसरी तरफ नार्मल डिलीवरी में प्राकृतिक तरीके से महिला की योनि से शिशु जन्म लेता है।

आमतौर पर डॉक्टर नार्मल डिलीवरी (normal delivery in hindi) की सलाह देते हैं, लेकिन अगर गर्भवती की प्रेगनेंसी में जोखिम है, तो सीजर डिलीवरी ऑपरेशन (cesarean delivery in hindi) को प्राथमिकता देते हैं।

2. क्या सिजेरियन डिलीवरी के बाद नॉर्मल डिलीवरी हो सकती है?

(Kya Cesarean delivery ke baad normal delivery ho sakti hai)

Cesarean delivery ke baad normal delivery

अगर गर्भवती महिला ने एक बार शिशु को सीजर डिलीवरी ऑपरेशन से जन्म दिया है, तो यह ज़रूरी नहीं है कि उसका दूसरा बच्चा भी ऑपरेशन से ही होगा।

विशेषज्ञ कहते हैं कि दूसरी गर्भावस्था में अगर खानपान और व्यायाम का उचित ध्यान रखा जाए तो सिजेरियन डिलीवरी (cesarean delivery in hindi) के बाद नार्मल डिलीवरी संभव है। अगर सिजेरियन डिलीवरी के वक्त आड़ा चीरा (बिकिनी कट) लगा है तो भविष्य में गर्भाशय के फटने की संभावना कम होती है और गर्भवती महिला सामान्य प्रसव से शिशु को जन्म दे सकती है।

सीजेरियन डिलीवरी के बाद नॉर्मल डिलीवरी निम्निलिखित परिस्थितियों में हो सकती है-

  • महिला का स्वस्थ होना- अगर सिजेरियन डिलीवरी (cesarean delivery in hindi) के बाद आप दोबारा गर्भवती हैं, तो नार्मल डिलीवरी होना पूरी तरह से आपके स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। अगर आप स्वस्थ हैं, तो डॉक्टर नार्मल डिलीवरी की अनुमति दे सकते हैं।

  • भ्रूण का स्वस्थ होना- नॉर्मल डिलीवरी (normal delivery in hindi) के लिए डॉक्टर यह भी जांचते हैं कि भ्रूण स्वस्थ है या नहीं, इसके लिए समय समय पर वें अल्ट्रासाउंड करवाने की सलाह देते रहते हैं।

  • महिला का सही वज़न होना- सिजेरियन डिलीवरी के बाद नॉर्मल डिलीवरी (cesarean delivery ke baad normal delivery) के लिए गर्भवती महिला का वजन न कम होना चाहिए और न ही अधिक होना चाहिए, बल्कि सामान्य होना चाहिए।

  • भ्रूण का सामान्य वज़न होना- सिजेरियन डिलीवरी के बाद नॉर्मल डिलीवरी (cesarean delivery ke baad normal delivery) भ्रूण के वजन पर निर्भर करती है। अगर भ्रूण का वजन सामान्य होता है, तो डॉक्टर सामान्य प्रसव की अनुमति दे सकते हैं।

3. सिजेरियन डिलीवरी के बाद नॉर्मल डिलीवरी कितनी प्रतिशत महिलाओं की होती है?

(Cesarean delivery ke baad normal delivery kitani pratishat mahilao ki ho hoti hai)

cesarean ke bad normal delivery percentage

रिसर्च की माने तो ऑपरेशन के बाद तकरीबन 60 से 80 प्रतिशत महिलाओं की डिलीवरी नॉर्मल हो सकती है, लेकिन यह पूरी तरह से गर्भवती और उसके पेट में पल रहे शिशु के स्वास्थ्य पर निर्भर करता है।

4. सिजेरियन डिलीवरी के बाद नॉर्मल डिलीवरी की संभावना कम कब होती है?

(Cesarean delivery ke baad normal delivery ki sambhavana kam kab hoti hai)

cesarean delivery ke baad normal delivery ki sambhavana

सिजेरियन डिलीवरी के बाद नॉर्मल डिलीवरी (cesarean ke baad normal delivery) की संभावना निम्नलिखित स्थितियों में कम हो जाती है-

  • गर्भवती की उम्र 35 से अधिक होना।
  • अधिक वजन होना।
  • पहली प्रेगनेंसी और दूसरी प्रेगनेंसी में 19 महीनों से कम का अंतराल होना।
  • भ्रूण का वजन ज्यादा होना।
  • उच्च रक्तचाप की समस्या होना।

5. सिजेरियन डिलीवरी के बाद नॉर्मल डिलीवरी की संभावना को बढ़ाने के उपाय क्या है?

(Cesarean delivery ke baad normal delivery ki sambhavana ko badhane ke upay kya hai)

सिजेरियन डिलीवरी के बाद नॉर्मल डिलीवरी (cesarean ke baad normal delivery) की संभावना बढ़ाने के लिए महिलाएं नीचे लिखे गये उपायों को आज़मा सकती हैं-

  • सिजेरियन डिलीवरी के बाद नॉर्मल डिलीवरी के लिए खानपान

    cesarean ke baad normal delivery ke liye food

    • दूध पीएं- अगर आप सिजेरियन डिलीवरी के बाद नॉर्मल डिलीवरी चाहती हैं, तो गर्भावस्था की शुरूआत से रोज़ाना दो से तीन गिलास दूध ज़रूर पीएं।

    • खूब पानी पीएं- नार्मल डिलीवरी (normal delivery in hindi) के लिए गर्भवती महिलाओं को दिन में 8 से 10 गिलास पानी ज़रूर पीना चाहिए।

    • फल खाएं- सिजेरियन डिलीवरी के बाद नार्मल डिलीवरी (cesarean ke baad normal delivery) के लिए महिलाओं को संतरा, मौसमी, केला, सेब आदि अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए।

    • अंडा खाएं- सिजेरियन डिलीवरी के बाद नॉर्मल डिलीवरी (cesarean ke baad normal delivery) के लिए गर्भवती महिलाओं को अपनी डाइट में अंडा शामिल करना चाहिए।

    • दाल खाएं- नार्मल डिलीवरी के लिए गर्भवती महिलाओं को दाल ज़रूर खानी चाहिए, इससे शरीर में प्रोटीन की कमी नहीं होती है।

    • पनीर खाएं- सिजेरियन डिलीवरी के बाद नार्मल डिलीवरी (cesarean delivery ke baad normal delivery) के लिए गर्भवती महिलाओं को अपनी डाइट में पनीर को शामिल करना चाहिए।

  • सिजेरियन डिलीवरी के बाद नॉर्मल डिलीवरी के लिए अन्य टिप्स

    cesarean delivery ke baad normal delivery ke liye tips

    • व्यायाम करें- सिजेरियन डिलीवरी के बाद नॉर्मल डिलीवरी (cesarean ke baad normal delivery) के लिए गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था की शुरूआत से ही हल्का फुल्का व्यायाम करना चाहिए। इसके अलावा उन्हें सुबह टहलने की आदत डालनी चाहिए।

    • वजन कंट्रोल करें- सिजेरियन डिलीवरी के बाद नॉर्मल डिलीवरी (cesarean delivery ke baad normal delivery) के लिए महिलाओं को अपने वजन को नियंत्रित करना चाहिए। इसके लिए उन्हें समय समय पर अपने डॉक्टर से ज़रूर मिलते रहना चाहिए।

    • तनाव मुक्त रहें- सिजेरियन डिलीवरी के बाद नार्मल डिलीवरी (cesarean ke baad normal delivery) के लिए महिलाओं को तनाव मुक्त रहना चाहिए, इसके लिए उन्हें पर्याप्त आराम करना चाहिए और परिजनों से बात करते रहना चाहिए।

    • अच्छी नींद लें- गर्भावस्था में अच्छी और पर्याप्त नींद बहुत ज्यादा ज़रूरी होती है, इसलिए गर्भवती महिलाओं को 8 से 9 घंटे की नींद लेनी चाहिए।

6. सिजेरियन डिलीवरी के बाद नॉर्मल डिलीवरी के फायदे क्या है?

(Cesarean delivery ke baad normal delivery ke fayde kya hai)

cesarean delivery ke baad normal delivery ke fayde

अगर डॉक्टर आपको सिजेरियन डिलीवरी के बाद नॉर्मल डिलीवरी (cesarean delivery ke baad normal delivery) की सलाह देते हैं, तो आप बहुत ज्यादा खुश नसीब है, क्योंकि ऑपरेशन के बाद नार्मल डिलीवरी होने के कई फायदे हो सकते हैं, जिनकी चर्चा निम्नलिखित हैं-

  • कम ब्लीडिंग होती है।
  • महिलाएं तेज़ी से स्वस्थ होती हैं।
  • संक्रमण का खतरा कम होता है।
  • भविष्य में प्रसव की समस्या कम होती है।
  • मूत्राशय या आंत में चोट पहुंचने की संभावना कम होती है।

सिजेरियन डिलीवरी के बाद नॉर्मल डिलीवरी (cesarean delivery normal delivery) के लिए महिलाओं को अपनी जीवनशैली का विशेष ध्यान रखना चाहिए, इसलिए उन्हें अपनी डाइट में ऊपर बताई गई चीज़ों को शामिल करना चाहिए। इसके अलावा महिलाओं को इस मामलें में डॉक्टर से ज़रूर बात कर लेनी चाहिए और उनकी सलाह का पालन करना चाहिए।

इस ब्लॉग के विषय - 1. सिजेरियन डिलीवरी और नॉर्मल डिलीवरी में अंतर क्या है? (Cesarean delivery aur normal delivery me kya antar hai), 2. क्या सिजेरियन डिलीवरी के बाद नॉर्मल डिलीवरी हो सकती है? (Kya Cesarean delivery ke baad normal delivery ho sakti hai),3. सिजेरियन डिलीवरी के बाद नॉर्मल डिलीवरी कितनी प्रतिशत महिलाओं की होती है? (Cesarean delivery ke baad normal delivery kitani pratishat mahilao ki ho hoti hai),4. सिजेरियन डिलीवरी के बाद नॉर्मल डिलीवरी की संभावना कम कब होती है? (Cesarean delivery ke baad normal delivery ki sambhavana kam kab hoti hai),5. सिजेरियन डिलीवरी के बाद नॉर्मल डिलीवरी की संभावना को बढ़ाने के उपाय क्या है? (Cesarean delivery ke baad normal delivery ki sambhavana ko badhane ke upay kya hai),6. सिजेरियन डिलीवरी के बाद नॉर्मल डिलीवरी के फायदे क्या है? (Cesarean delivery ke baad normal delivery ke fayde kya hai)
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