हेलो डिअर आपको अगर पेट दर्द होता है तो इसके लिए आप ये उपाय कर सकती है पेट दर्द होने पर आप अदरक का रस चूसे आराम मिलेगा , आप तुलसी के रस को 10 से 12 ग्राम में पिये इससे भी आपको पेट दर्द में आराम मिलेगा , या फिर आप अदरक के रस को पेट के नाभि के पास लगाने पर भी पेट दर्द में आराम मिलता है , आप जीरा को तवे पर भून के और पानी के साथ ले आपको पेट दर्द में आराम मिलेगा , अदरक के रस में शहद मिलाकर पीने से भी आपको पेट दर्द में आराम मिलता है ।
हेलो डियर हा आप कर सकती है इससे करने से नॉर्मल डिलीवरी के चांस होते ह आप अब से अपने कम्फर्टेबल के हिसाब से अपने हर काम में एक्टिव रखे
हेलो डियर गर्मी के हिसाब से नारियल तेल सबसे बेहतर ऑप्शन रहेगा पर यदि आपके यहां पर ठंडा मौसम है तो आप ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल करें. और नारियल का तेल या फिर आप ऑलिव ऑयल तेल जो भी आप लगाएं दोनों तेल आप मिलाकर बच्चे के सर पर लगाएं और हल्का गुनगुना करके ही लगाएं इससे बच्चे की ग्रोथ भी अच्छी रहेगी शिशु शांत और अच्छे मूड में रहे। इसके लिए आप शिशु की हथेलियों पर हल्का-हल्का तेल लगाएं और फिर पेट व कानों के पीछे तेल लगाएं। ऐसा करने से वो इस प्रक्रिया को समझने लगेगा। अगर इस बीच वो रोने लगे और हाथ-पैर झटकने लगे, तो समझ जाएं कि वो अभी मालिश करवाने के लिए तैयार नहीं है।जब लगे कि बच्चा मालिश के लिए तैयार है, तो सबसे पहले उसके पैरों की मालिश करें। आप अपनी हथेलियों पर थोड़ा तेल लें और उसके तलवों पर हल्के हाथों से मालिश करें। उसके पैरों की उंगलियों और एड़ियों पर मालिश करें। फिर हथेली से पैर के नीचे और ऊपर हल्का हाथ फेरें। फिर धीरे-धीरे पंजों और पैरों के नीचे अंगूठे को गोल घुमाते हुए मालिश करें।फिर एक पैर को ऊपर उठाएं और टखने पर हल्के-हल्के हाथ फेरें। फिर हाथ को जांघों पर ले जाएं। ऐसे ही आप दूसरे पैर पर भी मालिश करें।अब हाथों से बच्चे की जांघों को हल्के-हल्के दबाएं।पेट काफी नाजुक होता है, इसलिए उस पर दबाव न डालें। आप सीने के नीचे से पेट की मालिश करना शुरू करें।फिर दोनों हाथों को गोल घुमाते हुए शिशु के पेट और नाभि के पास मालिश करें।अब शिशु की टांगों को घुटने से मोड़ते हुए घुटनों को हल्के हाथों से पेट पर दबाएं। ऐसा करने से शिशु के पेट से गैस बाहर निकल जाएगी।बच्चे को पेट के बल लिटाएं और बच्चे के हाथों को सामने की ओर रखें अब उंगलियों के पोरों को शिशु की पीठ के ऊपरी हिस्से पर रखें, फिर गोल-गोल घुमाते हुए नीचे की ओर लेते जाएं। इस प्रक्रिया को दो से तीन बार दोहराते हुए बच्चे की पीठ की मा्लिश करें। ध्यान रहे कि रीढ़ की हड्डी पर उंगलियों को न रखें।
नहीं कंसल्ट योर डॉक्टर. एस सून एस पॉसिबल
डिअर ड्रायफ्रूट्स तो आप अपनी पूरी प्रेग्नेंसी में खा सकते है... वो आपकी सेहत तथा बच्चे क विकास के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण होता है..
हेलो। प्रेगनेंसी के दौरान व्हाइट डिसचार्ज या ब्राउन डिसचार्ज होना नॉरमल होता है। बशर्ते बहुत थोड़ी मात्रा में हो। प्रेगनेंसी के दौरान होने वाले यह डिस्चार्ज युटेरस के डेड सेल होते हैं जो निकलते रहते हैं। अगर डिस्चार्ज कुछ ड्रॉप है तो घबराने वाली कोई बात नहीं है आप निश्चिंत रहें अच्छे से खाएं और आराम करें