प्रसव के बाद रक्तस्राव के कारण और उससे जुड़ी सावधानियां (delivery ke baad bleeding ke karan aur usse judi savdhaniya)

प्रेगनेंसी के बाद महिलाओं की योनि से खून निकलता है, जो कि एक सामान्य प्रक्रिया है और यह करीब दो हफ्तों से छह हफ्तों तक चल सकती है। जैसे जैसे गर्भाशय का आकार सामान्य होने लगता है, वैसे वैसे योनि से रक्तस्राव कम होने लगता है और अंत में रक्तस्राव रुक जाता है। इस ब्लॉग में आपको प्रसव के बाद रक्तस्राव (delivery ke baad bleeding in hindi) से जुड़े कारण और उसके नियंत्रण के टिप्स के बारे में जानकारी दी जा रही है। 1. प्रसव के बाद होने वाला रक्तस्राव क्या होता है? (delivery ke baad bleeding kya hoti hai) 2. प्रसव के बाद रक्तस्राव होने के कारण क्या हैं? (delivery ke baad bleeding ka karan kya hai) 3. डिलीवरी के बाद ब्लीडिंग कब तक होती है? (delivery ke baad bleeding kab tak hoti hai) 4. क्या प्रसव के बाद रक्तस्राव होना सामान्य है? (kya delivery ke baad bleeding normal hai) 5. क्या प्रसव के बाद रक्तस्राव में खून के थक्के निकलना आम है? (kya delivery ke baad bleeding me blood clots nikalna normal hai) 6. प्रसव के बाद ब्लीडिंग से जुड़े कौन से लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर की सलाह लें? (delivery ke baad bleeding se jude kon se lakshan dikhai dene par doctor ki salah le) 7. डिलीवरी के बाद रक्तस्राव नियंत्रण से जुड़े टिप्स क्या हैं? (delivery ke baad bleeding kam karne se jude tips kya hai) 1. प्रसव के बाद होने वाला रक्तस्राव क्या होता है? (delivery ke baad bleeding kya hoti hai) गर्भावस्था में महिलाओँ के शरीर में कई बदलाव होते हैं। प्रेगनेंसी के बाद होने वाला रक्तस्राव (delivery ke baad bleeding in hindi) गर्भवती महिलाओं के शरीर में होने वाले इन्हीं बदलावों में से एक है, और ये रक्तस्राव कम या बंद होने में कुछ दिनों या हफ्तों का समय लग सकता है। डिलीवरी के बाद होने वाले रक्तस्राव को डॉक्टर्स की भाषा में लोकिया (lochia in hindi) कहा जाता है। शुरुआत में महिलाओं की योनि से गहरे लाल रंग का खून बहता है, जो ब्लड क्लॉटिंग या खून के थक्कों के रूप में भी निकल सकता है। प्रसव के एक हफ्ते बाद योनि से निकलने वाले खून का रंग भूरा और अंत में पीला हो सकता है। 2. प्रसव के बाद रक्तस्राव होने के कारण क्या हैं? (delivery ke baad bleeding ka karan kya hai) जब गर्भाशय की दीवार से प्लेसेंटा अलग होता है तो उस तक खून पहुंचाने वाली नसें खुली रह जाती हैं, जिसके कारण डिलीवरी के बाद रक्तस्राव (delivery ke baad bleeding in hindi) होता है। यह प्रसव के बाद होने वाली ब्लीडिंग का मुख्य कारण होता है और नॉर्मल डिलीवरी या सिजेरियन डिलीवरी दोनों ही स्थितियों में आपको रक्तस्राव हो सकता है। साथ ही नॉर्मल डिलीवरी के मामले में जब योनि में एपिसियोटोमी (episiotomy in hindi) या चीरा लगता है तो यह भी रक्तस्राव का कारण हो सकता है। वहीं सिजेरियन डिलीवरी के मामले गर्भाशय मेंं लगे टांके पर भार पड़ने की वजह से भी आपको रक्तस्राव हो सकता है। प्रसव के बाद अधिक रक्तस्राव होने के कारण निम्न हैं -
  • प्रसव के दौरान चोट के कारण : विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर प्रसव के दौरान आपको योनि में किसी प्रकार की चोट लगती है तो इससे प्रसव के बाद रक्तस्राव (delivery ke baad bleeding in hindi) ज्यादा हो सकता है।
  • ज्यादा देर तक खड़े रहने के कारण : प्रसव के बाद डॉक्टर आपको लेटकर आराम करने की सलाह देते हैं, क्योंकि अगर आप ज्यादा देर तक एक ही अवस्था में खड़ी रहतीं है तो यह प्रसव के बाद अधिक रक्तस्राव (delivery ke baad bleeding in hindi) का कारण बनता है।
  • भारी वस्तुएं उठाने के कारण : प्रसव के बाद होने वाले रक्तस्राव के दौरान अगर आप किसी भी प्रकार की भारी वस्तुएं उठाती हैं तो अापको अधिक रक्तस्राव हो सकता है।
  • घरेलू कामकाजों के कारण : प्रसव के बाद ज्यादातर घरेलू कामकाजों के कारण भी आपको अधिक खून बहने (delivery ke baad bleeding in hindi) की समस्या हो सकती है।
  • व्यायाम के कारण : प्रसव के तुरंत बाद व्यायाम या एक्सरसाइज करने से महिला के शरीर को नुकसान पहुँच सकता है और यह प्रसव के बाद अधिक रक्तस्राव (delivery ke baad bleeding in hindi) होने का कारण बन सकता है।
  • पेशाब एवं शौच करते समय ज्यादा ज़ोर लगाना : डिलीवरी के बाद पेशाब एवं शौच के समय ज्यादा जोर लगाने से प्रसव के बाद रक्तस्राव बढ़ सकता है।
3. डिलीवरी के बाद ब्लीडिंग कब तक होती है? (delivery ke baad bleeding kab tak hoti hai) डिलीवरी के बाद ब्लीडिंग यानी रक्तस्राव (delivery ke baad bleeding in hindi) शिशु के जन्म के बाद से शुरू होता है और करीब छह हफ्तों तक हो सकता है। अलग-अलग महिलाओँ में डिलीवरी के बाद ब्लीडिंग (delivery ke baad bleeding in hindi) रूकने का समय अलग हो सकता है। आमतौर पर प्रसव के बाद महिला का गर्भाशय अपने पहले वाले आकार में आने के लिए संकुचित होने (सिकुड़ने) लगता है। इस वजह से प्रसव के बाद गर्भाशय के सिकुड़ने के साथ खुली नसें बंद होने लगती है, इसीलिए रक्तस्राव धीरे धीरे कम होने लगता है।
  • प्रसव के बाद तीन से चार दिनों तक रक्तस्राव : विशेषज्ञ कहते हैं बच्चे के जन्म के बाद लगभग तीन से चार दिनों तक आपकी योनि से गहरे लाल रंग का खून बहता है और यह आपके मासिक धर्म की ही तरह होता है।
  • प्रसव के चार दिनों के बाद रक्तस्राव : आमतौर पर प्रसव के चार दिनों के बाद खून का बहाव कम हो जाता है और खून का रंग गहरे लाल से हल्के गुलाबी रंग में बदल जाता है। इस बीच योनि से निकलने वाला खून पानी के समान पतला हो जाता है। डॉक्टरोंं का कहना है कि अगर चार दिन बाद भी आपका खून बहना कम नहीं होता, तो इसका मतलब है कि आपको अधिक आराम की जरूरत है। आप जितनी ज्यादा शारीरिक गतिविधियां करेंगी, शरीर में रक्त प्रवाह उतनी तेजी से होगा। इसीलिए डॉक्टर गर्भवती को डिलीवरी के बाद ज्यादा से ज्यादा आराम करने की सलाह देते हैं।
  • प्रसव के आठ से दस दिनों के बाद रक्तस्राव : प्रसव के आठ से दस दिनों के बाद योनि से निकलने वाले खून का रंग हल्के गुलाबी से गाढ़ा पीला हो जाता है और इस समय तक प्रेगनेंसी के दौरान शरीर में जमा हुआ अतिरिक्त खून बाहर निकल चुका होता है।
  • प्रसव के बाद छह हफ्तोंं तक रक्तस्राव : शिशु के जन्म के करीब छह हफ्तों के बाद ज्यादातर महिलाओं का रक्तस्राव बंद हो जाता है। वहीं कुछ महिलाओँ को स्पॉटिंग (spotting in hindi) की समस्या होती है।
नोट - जब योनि से निकलने वाले खून का रंग भूरा होता है और छोटे-छोटे धब्बों के रूप में खून निकलता है तो उसे स्पॉटिंग या ब्राउन डिस्चार्ज (brown discharge in hindi) कहते हैं। 4. क्या प्रसव के बाद रक्तस्राव होना सामान्य है? (kya delivery ke baad bleeding normal hai) हां, प्रसव के बाद लगभग हर महिला को रक्तस्राव होता है। हालांकि यह बात सच है कि खून का प्रवाह हर महिला में अलग-अलग होता है। बच्चे के जन्म के बाद कुछ महिलाओं को केवल 10 - 12 दिनों तक रक्तस्राव होता है, तो कुछ महिलाओं को करीब छह हफ्तों तक रक्तस्राव हो सकता है। विशेषज्ञ कहते हैं इससे घबराने वाली कोई बात नहीं होती, क्योंकि अगर छह हफ्तों तक आपको स्पॉटिंग हो रही है तो यह भी सामान्य है। 5. क्या प्रसव के बाद रक्तस्राव में खून के थक्के निकलना आम है? (kya delivery ke baad bleeding me blood clots nikalna normal hai) डॉक्टरों के अनुसार शिशुु के जन्म या डिलीवरी के बाद करीब एक हफ्ते तक खून के थक्के निकलना सामान्य होता है और कुछ मामलों में छह सप्ताह तक महिला की योनि से खून के थक्के निकल सकते हैं। दरअसल जब आप बहुत देर तक किसी एक जगह लेटी या बैठी रहती हैं, उस वक्त गर्भाशय से निकलने वाला खून आपकी योनि में सर्विक्स के पास स्थित एक कप नुमा क्षेत्र में एकत्र होता है। इसके बाद जब आप बिस्तर से उठती हैं या अचानक खड़ी होती हैं तो उस जगह इकट्ठा हुआ खून, थक्का बन कर बाहर निकल आता है। अगर प्रसव से बाद रक्तस्राव के दौरान किसी महिला को छह हफ्तों बाद भी खून के थक्के निकलते हैं तो उन्हें अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। 6. प्रसव के बाद ब्लीडिंग से जुड़े कौन से लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर की सलाह लें? (delivery ke baad bleeding se jude kon se lakshan dikhai dene par doctor ki salah le) प्रसव के बाद ब्लीडिंग (delivery ke baad bleeding in hindi) से जुड़े निम्न लक्षण होने पर आपको जल्द ही डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए -
  • अगर खून से बदबू आ रही हो।
  • अगर खून के थक्के या ब्लड क्लॉट ज्यादा निकल रहे हों।
  • अगर योनि में जलन हो रही हो।
  • यदि प्रसव के बाद रक्तस्राव के साथ आपको तेज़ बुखार हो।
  • अगर आपको ज्यादा ठंड लग रही हो।
  • अगर प्रसव के बाद दूसरे हफ्ते में भी खून का बहाव तेज हो और खून का रंग गाढ़ा लाल हो।
  • अगर पेट के निचले हिस्से में आपको कोमलता या संवेदनशीलता महसूस हो रही हो।
  • अगर लगातार चक्कर आ रहे हों।
  • अगर आपके दिल की धड़कन अचानक से बढ़ जाती हो।
(नोट : अगर प्रसव के बाद गर्भाशय संकुचन में किसी प्रकार की अंदरुनी समस्या हो रही है तो यह सभी लक्षण उससे संबंधित हो सकते हैं।) 7. डिलीवरी के बाद रक्तस्राव नियंत्रण से जुड़े टिप्स क्या हैं? (delivery ke baad bleeding kam karne se jude tips kya hai) आप डिलीवरी के बाद रक्तस्राव (delivery ke baad bleeding in hindi) नियंत्रित करने के कुछ सामान्य उपाय अपना सकती हैं, लेकिन समस्या अगर बढ़ने लगे तो घरेलू देखभाल छोड़ आपको अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
  • डॉक्टर कहते हैं कि डिलीवरी के बाद शिशु को स्तनपान कराते समय आपके शरीर से अॉक्सीटोसिन (oxytocin hormone) नामक हार्मोन का स्राव होता है जिसके कारण डिलीवरी के बाद रक्तस्राव (delivery ke baad bleeding in hindi) कम होता है। इसीलिए नियमित रूप से अपने शिशु को स्तनपान कराएं।
  • अपने खाने में हरी सब्जियां, मांस, बींस जैसी आयरन युक्त वस्तुओं को शामिल करें, इनसे आपके शरीर में खून की कमी नहीं होगी।
  • प्रसव के बाद रक्तस्राव (delivery ke baad bleeding in hindi) ज्यादा होने पर अच्छे सैनेटरी पैड का इस्तेमाल करें।
  • डिलीवरी के बाद रक्तस्राव (delivery ke baad bleeding in hindi) होने पर कम से कम छह सप्ताह तक टैम्पोन (tampons in hindi) का इस्तेमाल न करें, इससे आपकी योनि में संक्रमण हो सकता है।
  • डिलीवरी के बाद रक्तस्राव (delivery ke baad bleeding in hindi) होने पर कम से कम दो हफ्तों तक किसी प्रकार का व्यायाम या एक्सरसाइज न करें।
  • जितना हो सके आराम करें, क्योंकि अगर आप इस बीच घरेलू कामकाज करती है तो आपको लंबे समय तक रक्तस्राव हो सकता है।
  • डिलीवरी के बाद रक्तस्राव (delivery ke baad bleeding in hindi) होने पर भारी वस्तुएं न उठाएं।
  • डिलीवरी के बाद अधिक रक्तस्राव (delivery ke baad bleeding in hindi) से आपमें खून की कमी या एनीमिया हो सकता है इसीलिए अपने खानपान का ध्यान अवश्य रखें।
बच्चे के जन्म के बाद योनि से लगभग छह सप्ताह तक होने वाला रक्तस्राव या लोकिया काफी सामान्य होता है और हर महिला को इस दौर से गुजरना पड़ता है। डिलीवरी के बाद रक्तस्राव (delivery ke baad bleeding in hindi) के दौरान पर्याप्त आराम करें और संतुलित भोजन खाएं। प्रसव के बाद रक्तस्राव अधिक हो सकता है, लेकिन दस दिनों बाद भी अगर आपको बहुत ज्यादा ब्लीडिंग (heavy bleeding in hindi) हो रही है तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
इस ब्लॉग के विषय - 1. प्रसव के बाद होने वाला रक्तस्राव क्या होता है? (delivery ke baad bleeding kya hoti hai), 2. डिलीवरी के बाद ब्लीडिंग कब तक होती है? (delivery ke baad bleeding kab tak hoti hai), 3. क्या प्रसव के बाद रक्तस्राव सामान्य है? (kya delivery ke baad bleeding normal hai), 4. क्या डिलीवरी के बाद रक्तस्राव में खून के थक्के निकलना आम है? (kya delivery ke baad bleeding me blood clots nikalna normal hai), 5. प्रसव के बाद रक्तस्राव होने के कारण क्या हैं? (delivery ke baad bleeding ka karan kya hai), 6. प्रसव के बाद ब्लीडिंग से जुड़े कौन से लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर की सलाह लें? (delivery ke baad bleeding se jude kon se lakshan dikhai dene par doctor ki salah le), 7. डिलीवरी के बाद रक्तस्राव नियंत्रण से जुड़े टिप्स क्या हैं? (delivery ke baad bleeding kam karne se jude tips kya hai)
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