प्रसव के बाद बवासीर : कारण, लक्षण, इलाज, बचाव (Delivery ke baad bavaseer : karan, lakshan, ilaaj, bachav)

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को कई शारीरिक और मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। शिशु के जन्म के बाद कुछ लोगोंं को लगता है कि सारी परेशानियां अब खत्म हो चुकी है, लेकिन उसके जन्म के बाद भी मां के शरीर में कई तरह की समस्याएं होती हैं, जिसमें से एक बवासीर है। इस ब्लॉग में हम प्रसव के बाद बवासीर (piles after pregnancy in hindi) से जुड़ी तमाम जानकारियां देंगे। 1.प्रसव के बाद बवासीर क्या है? (Delivery ke baad bavaseer kya hai) 2.क्या प्रेगनेंसी के बाद बवासीर होना सामान्य है? (Kya pregnancy ke baad bavaseer hona normal hai) 3.प्रसव के बाद बवासीर होने के कारण क्या है? (Garbhavastha ke baad bavaseer hone ke karan kya hai) 4.प्रसव के बाद बवासीर के लक्षण क्या है? (Delivery ke baad bavaseer ke lakshan kya hai) 5.बवासीर से बचने के लिए क्या करें? (Bavaseer se bachne ke liye kya kare) 6.प्रसव के बाद बवासीर का इलाज क्या है? (Delivery ke baad bavaseer ka ilaj kya hai) 7.प्रसव के बाद बवासीर खत्म करने का घरेलू उपाय क्या है? (Delivery ke baad bavaseer khatam karne ka gharelu upay kya hai) 1.प्रसव के बाद बवासीर क्या है? (Delivery ke baad bavaseer kya hai) गुदा की नसों और ऊतक में सूजन आने से बवासीर की समस्या पैदा होती है। प्रसव के कुछ हफ्ते या एक महीने के बाद बवासीर (hemorrhoids in hindi) की समस्या लगभग 25 प्रतिशत महिलाओं को होती है। दरअसल, प्रसव के बाद बवासीर (piles after pregnancy in hindi) को महिलाएं अक्सर हल्के में ले लेती हैं, लेकिन कुछ मामलों में इसको नजरअंदाज करना हानिकारक होता है। तो चलिए जानते हैं कि प्रसव के बाद बवासीर होने के कारण क्या है। 2. क्या प्रेगनेंसी के बाद बवासीर होना सामान्य है? (Kya pregnancy ke baad bavaseer hona normal hai) बवासीर एक बेहद जटिल समस्या है, जिसकी वजह से रोगी को काफी ज्यादा तकलीफें झेलनी पड़ती हैं। दुर्भाग्यवश कई महिलाओं को प्रेगनेंसी में या उसके बाद बवासीर की समस्या से जूझना पड़ता है। हालांकि प्रसवोत्तर बवासीर कुछ समय बाद अपने आप ही ठीक हो जाता है, लेकिन कुछ मामलोंं में यह काफी गंभीर होता है। गंभीर बवासीर की समस्या 40 में से एक महिला को होती है। दरअसल, गंभीर बवासीर कई सालों तक बना रहता है, जोकि इलाज कराने के बाद फिर से उभर जाता है, लेकिन सामान्य बवासीर कुछ महीनों या एक साल के अंदर ठीक हो जाता है। प्रसव के बाद बवासीर के लक्षण महसूस होने पर महिला को डॉक्टर से जरूर संपर्क करना चाहिए, क्योंकि जरा भी लापरवाही इस समस्या को गंभीर बना सकती है। 3.प्रसव के बाद बवासीर होने के कारण क्या है? (Garbhavastha ke baad bavaseer hone ke karan kya hai) डिलीवरी के बाद बवासीर होने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें से कुछ महत्वपूर्ण कारण नीचे लिखे गये हैं।
  • डिलीवरी के बाद स्तनों में दूध बनने की वजह से महिलाओं में कब्ज होती है। ज्यादा मात्रा में कब्ज होने की वजह से बवासीर होना स्वाभाविक है।
  • प्रेगनेंसी के दौरान प्रोजेस्ट्रॉन हार्मोन (progesterone hormone in hindi) का स्तर काफी बढ़ जाता है, जिसकी वजह से नसें नर्म होकर सूज जाती हैं, और बवासीर की समस्या पैदा होती है।
  • प्रसव के समय जब महिलाएं बेबी को जन्म देने के लिए जोर लगाती हैं, तो गुदा पर भी असर पड़ता है, इससे बवासीर की समस्या हो सकती है।
  • गर्भावस्था के दौरान गर्भाशय का आकार बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। इस वजह से पैल्विक की नसें बढ़ जाती है और उनमें सूजन हो जाती है, जिसके चलते बवासीर की संभावना ज्यादा हो जाती है।
4. प्रसव के बाद बवासीर के लक्षण क्या है? (Delivery ke baad bavaseer ke lakshan kya hai) प्रसव के बाद बवासीर (piles after pregnancy in hindi) के लक्षण सामान्य बवासीर जैसे ही होते हैं, जोकि नीचे लिखे गये हैं।
  • गुदा के आसपास सूजन, खुजली या जलन महसूस होना।
  • मल त्यागने के समय दर्द होना।
  • गुदाद्वार पर गांठ का होना।
  • मल त्यागने के बाद खून निकलना।
  • मल त्यागने के बाद भी मल की आशंका होना।
  • बैठने में तकलीफ होना।
5. बवासीर से बचने के लिए क्या करें? (Bavaseer se bachne ke liye kya kare) प्रसव के बाद बवासीर (piles after pregnancy in hindi) होना सामान्य है। इससे पूरी तरह से तो नहीं बचा जा सकता है, लेकिन समाधान से बेहतर सावधानियां होती है। ऐसे में अब हम आपको प्रसव के बाद बवासीर (hemorrhoids after pregnancy in hindi) की समस्या से बचने के लिए कुछ महत्वपूर्ण उपायों की जानकारी देने जा रहे है।
  • खूब पानी पीएं - बवासीर से बचने का सबसे अच्छा उपाय यही है कि आप कब्ज से बचे। कब्ज से बचने के लिए आपको पूरे दिन में 8 से 10 गिलास पानी पीना चाहिए, इससे कब्ज की समस्या दूर होती है।
  • फाइबर युक्त आहार खाएं - गर्भावस्था के दौरान से ही महिलाओं को फाइबर युक्त आहार का सेवन करना शुरू कर देना चाहिए, क्योंकि फाइबर युक्त आहार का सेवन करने से कब्ज की समस्या कम होती है। फाइबर युक्त आहार मेंं साबुत अनाज, हरी सब्जियां, नाशपाती फल, मेवा, ब्राउन चावल, ओटमील आदि शामिल है।
  • व्यायाम करें - व्यायाम करना स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है, ऐसे मेंं गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के समय से ही हल्का फुल्का व्यायाम करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं में अगर व्यायाम करने की आदत है, तो वह बवासीर से बच सकती हैं।
  • मल सही समय त्यागें - जब भी मल त्यागने की इच्छा हो तो उसे रोके नहीं। इसके अलावा मल त्यागते समय ज्यादा जोर न लगाएं, बल्कि थोड़ी देर बाद पानी पीकर दोबारा कोशिश करें।
  • मुद्रा अवस्था को बदलें - बवासीर (hemorrhoids in hindi) से बचने के लिए प्रसव के बाद महिला को ज्यादा देर तक बैठना या खड़ा नहीं रहना चाहिए, बल्कि थोड़ी थोड़ी देर बाद अपनी मुद्रा अवस्था को बदलते रहना चाहिए।
इन सभी तरीकोंं को आज़मा कर आप प्रसव के बाद कब्ज और बवासीर से बच सकती है, लेकिन अगर फिर भी आपको तकलीफ है, तो बवासीर के इलाज के लिए डॉक्टर से संपर्क करें। 6. प्रसव के बाद बवासीर का इलाज क्या है? (Delivery ke baad bavaseer ka ilaj kya hai) प्रसव के बाद बवासीर (piles after pregnancy in hindi) को कम करने के लिए बाज़ार में कई दवाईयां मौजूद हैं, लेकिन आप बिना डॉक्टर की सलाह से कोई दवाई न लें। चलिए जानते हैं कि बवासीर का इलाज क्या है।
  • बवासीर (hemorrhoids in hindi) को खत्म करने के लिए डॉक्टर पहले क्रीम देते हैं, जिसे आपको प्रभावित क्षेत्र पर लगानी होती है।
  • क्रीम से ठीक न होने के बाद रसायन युक्त सूई (injection in hindi) का इस्तेमाल किया जाता है, इससे बवासीर की गांठ सूख कर अलग हो जाती है।
  • बवासीर से प्रभावित क्षेत्र पर रबड़ भी बांधा जाता है, इससे खून आना बंद हो जाता है।
  • प्रभावित क्षेत्र पर इंफ्रारेड रोशनी डालकर बवासीर को ठीक किया जाता है।
आपके रोग की गंभीरता की जांच करने के बाद ही डॉक्टर आपके इलाज का तरीका तय करते हैं। 7. प्रसव के बाद बवासीर खत्म करने का घरेलू उपाय क्या है? (Delivery ke baad bavaseer khatam karne gharelu upay kya hai) प्रसव के बाद बवासीर (hemorrhoids after pregnancy in hindi) होने पर आप इन उपायों को अपना सकती हैं, जोकि नीचे लिखे गये हैं।
  • सूती कपड़े को ठंडे पानी में भिगोकर गुदा पर लगाने से जलन और दर्द दोनों से राहत मिलेगी।
  • हल्के गर्म पानी में अगर आप बैठेंगी तो बवासीर के दर्द से आराम मिलेगा।
  • बेंकिग सोडा का इस्तेमाल त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए किया जाता है, ऐसे में आप इसका इस्तेमाल बवासीर के दर्द को कम करने के लिए कर सकती हैं , इससे काफी आराम मिलेगा।
  • बर्फ को प्रभावित क्षेत्र पर लगाने से जलन और दर्द नहीं होता है, आप दिन में तीन से चार बार बर्फ को प्रभावित क्षेत्र पर लगा सकती हैं, इससे राहत मिलेगा।
  • 10 चम्मच बकरी के दूध में दस ग्राम सरसों को मिलाकर ड्रिंक बनाएं, इसके बाद इसे नाश्ते से ठीक पहले पीएं, ऐसा करने से आपको बवासीर से जल्दी आराम मिलेगा।
  • छोटी लाल प्याज़ को बारीक़ काट लें, इसके बाद इसमें 1 चम्मच चीनी मिलाकर खाएं। इसका सेवन दिन में दो बार करने से काफी आरा मिलेगा।
प्रसव के बाद बवासीर (hemorrhoids after pregnancy in hindi) की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप ऊपर बताएं उपायों को अपना सकती हैं, इससे आपको काफी आराम मिल सकता है, लेकिन बवासीर के लक्षण महसूस होने पर डॉक्टर से संपर्क करना बिल्कुल न भूले और इस समस्या को नजरअंदाज न करें।
इस ब्लॉग के विषय - 1.प्रसव के बाद बवासीर क्या है? (Delivery ke baad bavaseer kya hai), 2.क्या प्रेगनेंसी के बाद बवासीर होना सामान्य है? (Kya pregnancy ke baad bavaseer hona normal hai), 3.गर्भावस्था के बाद बवासीर होने के कारण क्या है? (Garbhavastha ke baad bavaseer hone ke karan kya hai), 4.प्रसव के बाद बवासीर के लक्षण क्या है? (Delivery ke baad bavaseer ke lakshan kya hai), 5.बवासीर से बचने के लिए क्या करें? (Bavaseer se bachne ke liye kya kare), 6.प्रसव के बाद बवासीर का इलाज क्या है? (Delivery ke baad bavaseer ka ilaj kya hai), 7.प्रसव के बाद बवासीर खत्म करने का घरेलू उपाय क्या है? (Delivery ke baad bavaseer khatam karne ka gharelu upay kya hai)
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